फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Traffic Rules Bharatiya Nyay Sanhita brings stricter punishments for hit-and-run or rash driving Know Details

BNS: भारतीय दंड संहिता की जगह लागू हो गई है भारतीय न्याय संहिता, वाहन चालकों के पास होनी चाहिए ये अहम जानकारी

Wed, 03 Jul 2024 05:47 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 03 Jul 2024 05:47 PM IST
सार

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को पूरे भारत में लागू कर दिया गया है। यह 1 जुलाई से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है, जिसने दशकों पुराने ब्रिटिश-कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) को बदल दिया है। वाहन चालकों के पास इससे जुड़ी कुछ अहम जानकारियां होनी ही चाहिए।

विज्ञापन
Traffic Rules Bharatiya Nyay Sanhita brings stricter punishments for hit-and-run or rash driving Know Details
Delhi Traffic Police - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को पूरे भारत में लागू कर दिया गया है। यह 1 जुलाई से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है, जिसने दशकों पुराने ब्रिटिश-कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) को बदल दिया है। नए दंड संहिता के लागू होने के साथ, पूरे भारत में पहले ही कई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जा चुकी हैं और उनमें से कुछ तेज रफ्तार से जुड़ी हुई हैं।
विज्ञापन

तेलंगाना में, बीएनएस के तहत पहली प्राथमिकी सोमवार सुबह साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत राजेंद्रनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। प्राथमिकी बीएनएस (धारा 104) (लापरवाही के कारण मृत्यु होना) के तहत दायर की गई थी। यह एक ड्राइवर की मौत से संबंधित थी जिसने अपनी कार को पीएनवीआर एक्सप्रेसवे पर मेडियन से टकरा दी थी। नए दंड संहिता के तहत केरल में भी पहली प्राथमिकी एक व्यक्ति के खिलाफ तेज रफ्तार ड्राइविंग (धारा 281) के लिए दर्ज की गई थी। उस व्यक्ति पर मोटर वाहन अधिनियम (एमवी अधिनियम) 1988 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

चूंकि नया दंड संहिता लागू कर दिया गया है, इसलिए इसके तहत मामले दर्ज होने शुरू हो गए हैं। बीएनएस को आईपीसी की तुलना में ज्यादा सख्त नियम पुस्तिका के रूप में तैयार किया गया है। यह यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा का भी प्रावधान करता है।

भारतीय न्याय संहिता के बारे में वाहन चालकों को कुछ महत्वपूर्ण बातें पता होनी चाहिए।
विज्ञापन

भारतीय न्याय संहिता: हिट एंड रन
भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 के तहत, हिट-एंड-रन मामलों के लिए सजा सख्त हो गई है। नियम के अनुसार, जो कोई भी व्यक्ति लापरवाही से वाहन चलाकर किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है, जो गैर इरादतन हत्या के बराबर नहीं है, और घटना के तुरंत बाद पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट किए बिना भाग जाता है, उसे 10 साल की कैद की सजा दी जाएगी। उसे 7 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। भारतीय दंड संहिता के तहत, इसी अपराध के लिए 10 साल की जेल और 2 लाख रुपये का जुर्माना था।

भारतीय न्याय संहिता: लापरवाही से ड्राइविंग
नए आपराधिक कोड की धारा 281 के तहत, लापरवाही से गाड़ी चलाने या सवारी करने पर छह महीने तक की जेल या 1,000 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। नियम पुस्तिका में कहा गया है कि जो कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक मार्ग पर इतनी लापरवाही से गाड़ी चलाता है या सवारी करता है कि मानव जीवन को खतरा हो या किसी अन्य व्यक्ति को चोट लगने या घायल होने की संभावना हो, उसे छह महीने तक की कैद या एक हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed