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Toyota Cars Data Breach: टोयोटा के सॉफ्टवेयर में भारी चूक, 10 वर्षों तक 20 लाख से ज्यादा कारों की जानकारी लीक
Wed, 17 May 2023 04:28 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 17 May 2023 04:28 PM IST
सार
20 लाख से ज्यादा टोयोटा वाहन मालिक एक सॉफ्टवेयर सुरक्षा उल्लंघन से प्रभावित हुए हैं। जिसकी वजह से हैकर्स के लिए इन कारों को 10 वर्षों तक ट्रैक करना आसान हो गया था। वाहन निर्माता ने जापान में ग्राहकों को इस भारी चूक के बारे में बताया।
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Toyota Car
- फोटो : Toyota (For Reference Only)
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विस्तार
20 लाख से ज्यादा टोयोटा वाहन मालिक एक सॉफ्टवेयर सुरक्षा उल्लंघन से प्रभावित हुए हैं। जिसकी वजह से हैकर्स के लिए इन कारों को 10 वर्षों तक ट्रैक करना आसान हो गया था। वाहन निर्माता ने जापान में ग्राहकों को इस भारी चूक के बारे में बताया। इसमें वे वाहन शामिल थे जो वर्षों से कंपनी की कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी से लैस थे। अपने बयान में, टोयोटा ने खुलासा किया कि उसके क्लाउड एनवायरमेंट पर डेटा में सेंधमारी की वजह से एक दशक से ज्यादा समय तक लगभग 2.15 मिलियन (21 लाख 50 हजार) वाहनों के लोकशन के बारे में जानकारी सार्वजनिक हो गई।
क्या था कारण
टोयोटा ने कहा कि यह लीक डेटाबेस में गलत कॉन्फिगरेशन के कारण हुआ, जिसकी वजह से कोई भी बिना पासवर्ड के क्लाउड सिस्टम को एक्सेस कर ले रहा था। सुरक्षा से जुड़ा यह नोटिस सबसे पहले वाहन निर्माता के घरेलू बाजार जापान के न्यूजरूम में प्रकाशित किया गया था। इस घटना में टोयोटा के टी-कनेक्ट जी-लिंक, जी-लिंक लाइट या जी-बुक सर्विस से लैस वाहन शामिल थे, और यह 2 जनवरी, 2012 और 17 अप्रैल, 2023 के बीच एक्टिव था।
येे डिटेल्स हुए लीक
उजागर की गई कुछ सूचनाओं में इन-व्हीकल जीपीएस नेविगेशन टर्मिनल आईडी नंबर, चेसिस नंबर और टाइम स्टैम्प के साथ वाहन की लोकेशन की जानकारी शामिल थी। अपने बयान में, टोयोटा ने कहा कि यह "कंपनी द्वारा प्रबंधित सभी क्लाउड एनवायरमेंट की जांच कर रही है।
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वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई लीक!
अब तक, कंपनी ने लीक हुए डेटा के गलत मकसद के लिए इस्तेमाल किए जाने के किसी भी मामले का एलान नहीं किया है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि लीक हुए डेटा में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं है। वाहन निर्माता ने यह भी कहा कि वाहन के बाहर ली गई वीडियो रिकॉर्डिंग के लीक होने की संभावना है।
टोयोटा ने मांगी माफी
टोयोटा व्यक्तिगत रूप से डेटा उल्लंघन से प्रभावित ग्राहकों तक पहुंच रही है और इसके लिए माफी का नोट भेज रही है। कंपनी ने ग्राहकों के सवालों और चिंताओं का जवाब देने के लिए एक डेडिकेटेड कॉल सेंटर भी बनाया है। अब तक, ऐसा लग रहा है कि यह डेटा लीक चुनिंदा बाजारों तक ही सीमित है। जापानी कार निर्माता की भारत शाखा ने किसी भी डेटा उल्लंघन की सूचना नहीं दी है।
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क्या था कारण
टोयोटा ने कहा कि यह लीक डेटाबेस में गलत कॉन्फिगरेशन के कारण हुआ, जिसकी वजह से कोई भी बिना पासवर्ड के क्लाउड सिस्टम को एक्सेस कर ले रहा था। सुरक्षा से जुड़ा यह नोटिस सबसे पहले वाहन निर्माता के घरेलू बाजार जापान के न्यूजरूम में प्रकाशित किया गया था। इस घटना में टोयोटा के टी-कनेक्ट जी-लिंक, जी-लिंक लाइट या जी-बुक सर्विस से लैस वाहन शामिल थे, और यह 2 जनवरी, 2012 और 17 अप्रैल, 2023 के बीच एक्टिव था।
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येे डिटेल्स हुए लीक
उजागर की गई कुछ सूचनाओं में इन-व्हीकल जीपीएस नेविगेशन टर्मिनल आईडी नंबर, चेसिस नंबर और टाइम स्टैम्प के साथ वाहन की लोकेशन की जानकारी शामिल थी। अपने बयान में, टोयोटा ने कहा कि यह "कंपनी द्वारा प्रबंधित सभी क्लाउड एनवायरमेंट की जांच कर रही है।
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वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई लीक!
अब तक, कंपनी ने लीक हुए डेटा के गलत मकसद के लिए इस्तेमाल किए जाने के किसी भी मामले का एलान नहीं किया है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि लीक हुए डेटा में ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं है। वाहन निर्माता ने यह भी कहा कि वाहन के बाहर ली गई वीडियो रिकॉर्डिंग के लीक होने की संभावना है।
टोयोटा ने मांगी माफी
टोयोटा व्यक्तिगत रूप से डेटा उल्लंघन से प्रभावित ग्राहकों तक पहुंच रही है और इसके लिए माफी का नोट भेज रही है। कंपनी ने ग्राहकों के सवालों और चिंताओं का जवाब देने के लिए एक डेडिकेटेड कॉल सेंटर भी बनाया है। अब तक, ऐसा लग रहा है कि यह डेटा लीक चुनिंदा बाजारों तक ही सीमित है। जापानी कार निर्माता की भारत शाखा ने किसी भी डेटा उल्लंघन की सूचना नहीं दी है।