Toyota: स्वानंद किरकिरे का टोयोटा पर फूटा गुस्सा- गाड़ी खरीदकर बड़ी गलती कर दी, डेटा प्राइवेसी पर छिड़ी बहस
स्वानंद किरकिरे ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। उन्होंने टोयोटा इंडिया पर आरोप लगाया है कि उनकी कार खरीदने के बाद कंपनी ने उनकी निजी संपर्क जानकारी बीमा कंपनियों के साथ साझा कर दी।
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विस्तार
मशहूर गीतकार स्वानंद किरकिरे ने सोशल मीडिया पर टोयोटा इंडिया (Toyota India) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उनकी कार खरीदने के बाद उनकी व्यक्तिगत जानकारी बीमा कंपनियों के साथ साझा की गई। जिसके कारण उन्हें अनगिनत 'सेल्स कॉल्स' का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया एक्स (X) पर किए गए उनके पोस्ट ने देखते ही देखते एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है।
स्वानंद किरकिरे ने टोयोटा को 'बड़ी गलती' क्यों बताया?
स्वानंद ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि टोयोटा की कार खरीदना उनके लिए एक "बड़ी गलती" साबित हुआ।
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अनंत कॉल्स का सिलसिला: उन्होंने दावा किया कि वाहन खरीदने के बाद से ही उन्हें विभिन्न बीमा कंपनियों से लगातार सेल्स कॉल्स आ रहे हैं।
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समय की बर्बादी: किरकिरे के अनुसार, उनका ज्यादातर समय इन कॉल्स का विनम्रतापूर्वक जवाब देने और ऑफर ठुकराने में ही निकल जाता है।
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कंपनी से तीखा सवाल: उन्होंने टोयोटा से पूछा, "क्या आप कार बेचकर पर्याप्त मुनाफा नहीं कमाते? अब आप अपने ग्राहकों का डेटा भी बेचने लगे हैं?"
Big mistake I made — buying your car, @Toyota_India. You shared my phone number with several insurance companies, and now all I do is answer endless sales calls while trying to remain polite, because I know there’s no point screaming at or insulting your underpaid and exploited…
— Swanand Kirkire (@swanandkirkire) May 7, 2026
क्या स्पैम कॉल्स में ऑटोमेशन का भी सहारा लिया जा रहा है?
स्वानंद ने अपनी आपबीती में कुछ और गंभीर बातें भी साझा कीं:
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बॉट कॉल्स का आतंक: उन्होंने बताया कि अब उन्हें रोबोटिक या ऑटोमेटेड कॉल्स भी आने लगे हैं जिनमें रिकॉर्ड की गई आवाजें होती हैं।
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अधिकारियों से मांग: उन्होंने TRAI और कंज्यूमर ग्रीवांस प्लेटफॉर्म्स को टैग करते हुए अनचाहे मार्केटिंग कॉल्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति: खास बात यह रही कि उन्होंने कॉल्स करने वाले कर्मचारियों को दोष नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे कम वेतन पाने वाले कर्मचारी हैं जो सिर्फ अपना काम कर रहे हैं।
@Toyota_India now you’re making a bot from your call centre call me in a mechanical voice, asking me a thousand questions. This is not acceptable. Have a real person call me, or I will keep raising my voice about this.@TRAI @MCA21India @jagograhakjago #officialcomplaint
— Swanand Kirkire (@swanandkirkire) May 7, 2026
शिकायत पर टोयोटा इंडिया की क्या प्रतिक्रिया रही?
विवाद बढ़ता देख टोयोटा इंडिया ने सार्वजनिक रूप से जवाब दिया:
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कंपनी ने हुई असुविधा के लिए स्वानंद से माफी मांगी।
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टोयोटा ने उनसे उनके विवरण (डिटेल्स) मांगे और आश्वासन दिया कि इस मामले को संबंधित टीम के पास भेज दिया गया है।
क्या डेटा प्राइवेसी भारत के ऑटो सेक्टर की एक बड़ी समस्या है?
स्वानंद की शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उनका समर्थन किया और अपनी आपबीती सुनाई:
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व्यापक समस्या: कई यूजर्स ने दावा किया कि यह समस्या केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है। अन्य कंपनियों की गाड़ियां खरीदने पर भी ऐसे ही अनुभव होते हैं।
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डेटा लीक के स्रोत: चर्चा के दौरान यह आरोप भी लगे कि ग्राहकों का डेटा न केवल कंपनियों से, बल्कि डीलरशिप नेटवर्क या आरटीओ डेटाबेस से जुड़े सिस्टम के जरिए भी बाहर लीक हो सकता है।
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सख्त कानून की जरूरत: इस घटना ने एक बार फिर भारत में डेटा सुरक्षा और ग्राहकों की सहमति के बिना उनकी जानकारी साझा करने पर कड़े नियमों की जरूरत पर जोर दिया है।
स्वानंद किरकिरे के इस वायरल पोस्ट ने एक व्यक्तिगत शिकायत को राष्ट्रीय स्तर की चर्चा में बदल दिया है। अब देखना यह है कि क्या वाहन कंपनियां और नियामक संस्थाएं ग्राहकों की प्राइवेसी को लेकर अधिक जवाबदेह बनती हैं या नहीं।