बिक्री: त्योहारी मांग से सितंबर में बिके रिकॉर्ड यात्री वाहन; अप्रैल-सितंबर में बिक्री नई ऊंचाई पर
मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, यह निश्चित रूप से भारतीय यात्री वाहन इतिहास में किसी भी वर्ष में सितंबर में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है।
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मजबूत त्योहारी मांग से यात्री वाहनों की बिक्री सितंबर में बढ़कर 3,63,733 इकाई पहुंच गई। यह किसी भी माह वाहनों की बिक्री का अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले अगस्त, 2023 में सबसे ज्यादा 3,60,700 वाहन बिके थे। दरअसल, वाहन विनिर्माताओं ने मौजूदा त्योहारी सीजन में मजबूत मांग को पूरा करने के लिए डीलरों को स्टॉक भेज दिया, जिससे यात्री वाहनों की थोक बिक्री सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, यह निश्चित रूप से भारतीय यात्री वाहन इतिहास में किसी भी वर्ष में सितंबर में अब तक की सबसे अधिक बिक्री है। साथ ही, यह किसी भी महीने में रिकॉर्ड बिक्री है। उन्होंने कहा, सितंबर में थोक बिक्री में इसलिए वृद्धि हुई है क्योंकि विक्रेता 14 अक्तूबर से शुरू हो रहे त्योहारी सीजन के लिए तैयार हैं।
अप्रैल-सितंबर में बिक्री नई ऊंचाई पर
- चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच यात्री वाहनों की थोक बिक्री 20.70 लाख की नई ऊंचाई पर पहुंच गई। एक साल पहले की समान अवधि से यह 7 फीसदी अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान सबसे ज्यादा बिक्री पेट्रोल गाड़ियों की रही। हालांकि, डीजल के वाहनों की बिक्री में गिरावट रही।
- इस दौरान ई-वाहनों की बिक्री 112 फीसदी बढ़कर 50,284 इकाई पहुंच गई। हाइब्रिड कारों की बिक्री 1,195 फीसदी बढ़कर 31,686 इकाई रही। सीएनजी वाहनों में 32 फीसदी तेजी रही।
मारुति, ह्यूंडई और टोयोटा का रिकॉर्ड
- मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री 3% बढ़कर 1,81,343 इकाई पहुंच गई। यह उसका किसी भी माह बिक्री का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
- ह्यूंडई मोटर इंडिया की थोक बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 71,641 इकाई रही।
- टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की बिक्री 53 फीसदी बढ़कर 23,590 के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
विदेशी निवेशकों ने 6 महीने के बाद बेचे शेयर
नई दिल्ली। लगातार 6 महीने तक भारतीय बाजार में खरीदी करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने सितंबर महीने में 14,767 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड के ब्याज और कच्चे तेलों की कीमतों में तेजी से ऐसा हुआ है। आगे चलकर भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर इन निवेशकों की निगाहें रहेंगी। इससे पहले इन निवेशकों ने अगस्त में 12,262 करोड़ का निवेश किया था।