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Mitsubishi: मित्सुबिशी दुनिया के सबसे बड़े कार बाजार चीन से निकल रही है बाहर, इस वजह से अपनाया यह रास्ता
Fri, 29 Sep 2023 05:09 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 29 Sep 2023 05:09 PM IST
सार
Mitsubishi (मित्सुबिशी) ने दुनिया के सबसे बड़े वाहन बाजार में कमजोर मांग के कारण कथित तौर पर अपनी कारों का निर्माण बंद करने का फैसला किया है।
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Mitsubishi Pajero
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
Mitsubishi (मित्सुबिशी) ने दुनिया के सबसे बड़े वाहन बाजार में कमजोर मांग के कारण कथित तौर पर अपनी कारों का निर्माण बंद करने का फैसला किया है। 2012 में GAC Mitsubishi Motors (जीएसी मित्सुबिशी मोटर्स) के रूप में स्थापित, कंपनी ने देश में वैश्विक और स्थानीय दोनों निर्माताओं से कुछ बहुत ही भयंकर प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए संघर्ष किया है।
निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मित्सुबिशी अब Guangzhou Automobile Group (गुआंगजौ ऑटोमोबाइल समूह) (जीएसी) के साथ साझेदारी से बाहर निकलना चाहती है, जिसके साथ उसका 2012 से जॉइन्ट वेंचर था। जबकि जीएसी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बहुमत भागीदार है, मित्सुबिशी के पास 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। और शेष ट्रेडिंग हाउस Mitsubishi Corp (मित्सुबिशी कॉर्प) के पास है। कंपनी ने 2018 तक काफी मजबूत प्रदर्शन किया जब उसने बाजार में लगभग 1.40 लाख यूनिट्स बेचीं। लेकिन उसके बाद के वर्षों में कंपनी कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई और 2022 में बमुश्किल 38,000 डिलीवरी हुईं।
जबकि इस साल मार्च में अकेली चीन प्लांट में उत्पादन पहले ही रोक दिया गया था, यह बताया गया है कि मित्सुबिशी की यहां काम फिर से शुरू करने की कोई योजना नहीं है। इस बात पर आगे रोशनी डाली गई है कि प्लांट खुद जीएसी के लिए आधार बना रहेगा जहां से वह इलेक्ट्रिक वाहन या ईवी का निर्माण करने की योजना बना रहा है।
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मित्सुबिशी अब अपने निवेश को वापस लेने की योजना बना रही है जिसे ओशिनिया क्षेत्र में प्रयासों की ओर लगाया जा सकता है। कंपनी दक्षिण एशिया, लैटिन अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका जैसे ज्यादा उपजाऊ बाजारों पर अपना ध्यान बढ़ाने की भी योजना बना रही है।
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निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मित्सुबिशी अब Guangzhou Automobile Group (गुआंगजौ ऑटोमोबाइल समूह) (जीएसी) के साथ साझेदारी से बाहर निकलना चाहती है, जिसके साथ उसका 2012 से जॉइन्ट वेंचर था। जबकि जीएसी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बहुमत भागीदार है, मित्सुबिशी के पास 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। और शेष ट्रेडिंग हाउस Mitsubishi Corp (मित्सुबिशी कॉर्प) के पास है। कंपनी ने 2018 तक काफी मजबूत प्रदर्शन किया जब उसने बाजार में लगभग 1.40 लाख यूनिट्स बेचीं। लेकिन उसके बाद के वर्षों में कंपनी कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई और 2022 में बमुश्किल 38,000 डिलीवरी हुईं।
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जबकि इस साल मार्च में अकेली चीन प्लांट में उत्पादन पहले ही रोक दिया गया था, यह बताया गया है कि मित्सुबिशी की यहां काम फिर से शुरू करने की कोई योजना नहीं है। इस बात पर आगे रोशनी डाली गई है कि प्लांट खुद जीएसी के लिए आधार बना रहेगा जहां से वह इलेक्ट्रिक वाहन या ईवी का निर्माण करने की योजना बना रहा है।
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मित्सुबिशी अब अपने निवेश को वापस लेने की योजना बना रही है जिसे ओशिनिया क्षेत्र में प्रयासों की ओर लगाया जा सकता है। कंपनी दक्षिण एशिया, लैटिन अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका जैसे ज्यादा उपजाऊ बाजारों पर अपना ध्यान बढ़ाने की भी योजना बना रही है।