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सुरक्षा पर दांव: मारुति सुजुकी की दलील- भारत में छह एयरबैग अनिवार्य करने से बिक्री पर पड़ेगा असर, एक अक्तूबर से लागू होना है नियम
Thu, 14 Apr 2022 11:54 AM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 14 Apr 2022 11:54 AM IST
सार
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) कहना है कि यात्री वाहनों में छह एयरबैग अनिवार्य करने की देश की योजना कारों को और ज्यादा महंगी बना देंगी और इससे कंपनी की बिक्री में नुकसान होगा।
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कार दुर्घटना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) के चेयरमैन आरसी भार्गव का कहना है कि यात्री वाहनों में छह एयरबैग अनिवार्य करने की देश की योजना कारों को और ज्यादा महंगी बना देंगी और संभावित ग्राहकों को खरीद से बाहर कर बिक्री को नुकसान पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से उन कंपनियों पर और दबाव पड़ेगा जो पहले से ही कच्चे माल की उच्च लागत से वाहन की कीमतों को लेकर संघर्ष कर रही हैं।
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कार एयरबैग
- फोटो : For Reference Only
एक अक्तूबर से लागू होना है नियम
सरकार ने जनवरी में एक मसौदा प्रस्ताव जारी किया था जिसमें 1 अक्तूबर से बनाए जाने वाले सभी यात्री कारों में छह एयर बैग अनिवार्य होंगे। मसौदा नियम अधिकारियों द्वारा उठाए जा रहे सड़क सुरक्षा उपायों की एक श्रृंखला का एक हिस्सा हैं, और अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
सरकार ने जनवरी में एक मसौदा प्रस्ताव जारी किया था जिसमें 1 अक्तूबर से बनाए जाने वाले सभी यात्री कारों में छह एयर बैग अनिवार्य होंगे। मसौदा नियम अधिकारियों द्वारा उठाए जा रहे सड़क सुरक्षा उपायों की एक श्रृंखला का एक हिस्सा हैं, और अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
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Automobile Sector
- फोटो : For Reference Only
छोटी कारों की बिक्री में गिरावट
वाहन निर्माता कंपनियों की दलील है कि छह एयरबैग को अनिवार्य करने का फैसला ऐसे दौर में आया है जब कोरोना महामारी के कारण छोटी कारों की बिक्री में पहले से ही गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके अलावा इससे कारों की लागत में बढ़ोतरी होगी, और कारों की बिक्री को और नुकसान पहुंचाएगा, जबकि बड़ी और महंगी कारों के बाजार का बड़ा होना जारी है। भार्गव ने कहा, "इससे छोटी कार बाजार और छोटे और गरीब लोगों के विकास को नुकसान होगा, जो ज्यादा महंगी कारों का खर्च नहीं उठा सकते।"
वाहन निर्माता कंपनियों की दलील है कि छह एयरबैग को अनिवार्य करने का फैसला ऐसे दौर में आया है जब कोरोना महामारी के कारण छोटी कारों की बिक्री में पहले से ही गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके अलावा इससे कारों की लागत में बढ़ोतरी होगी, और कारों की बिक्री को और नुकसान पहुंचाएगा, जबकि बड़ी और महंगी कारों के बाजार का बड़ा होना जारी है। भार्गव ने कहा, "इससे छोटी कार बाजार और छोटे और गरीब लोगों के विकास को नुकसान होगा, जो ज्यादा महंगी कारों का खर्च नहीं उठा सकते।"
कार एयरबैग
- फोटो : For Reference Only
लागत बढ़ने की चिंता
देश में बनने वाली सभी कारों में ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर एयरबैग देना पहले से ही अनिवार्य है। ऑटो मार्केट का डेटा देने वाली कंपनी JATO डायनेमिक्स के मुताबिक, चार और एयरबैग के जुड़ने से लागत में 17,600 रुपये का इजाफा होगा। जाटो इंडिया के अध्यक्ष रवि भाटिया ने कहा कि कुछ मामलों में लागत और भी अधिक हो सकती है क्योंकि कंपनियों को कार की संरचना में इंजीनियरिंग में बदलाव करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, "बाजार के निचले सिरे को ज्यादा नुकसान होगा जो कीमतों को लेकर बेहद संवेदनशील है।"
देश में बनने वाली सभी कारों में ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर एयरबैग देना पहले से ही अनिवार्य है। ऑटो मार्केट का डेटा देने वाली कंपनी JATO डायनेमिक्स के मुताबिक, चार और एयरबैग के जुड़ने से लागत में 17,600 रुपये का इजाफा होगा। जाटो इंडिया के अध्यक्ष रवि भाटिया ने कहा कि कुछ मामलों में लागत और भी अधिक हो सकती है क्योंकि कंपनियों को कार की संरचना में इंजीनियरिंग में बदलाव करने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, "बाजार के निचले सिरे को ज्यादा नुकसान होगा जो कीमतों को लेकर बेहद संवेदनशील है।"
हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई कार
- फोटो : अमर उजाला
सड़क दुर्घटना में मौत
भारत में सड़क हादसों की वजह से बहुत से लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में 2020 में 3,55,000 सड़क दुर्घटनाओं में 1,33,000 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। इन मौतों में 13 प्रतिशत कार यात्री थे। इसलिए परिवहन मंत्रालय अपनी योजनाओं पर अडिग है और वाहन निर्माताओं को नियमों को मानने के लिए प्रेरित कर रहा है। रॉयटर्स ने सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है।
भारत में सड़क हादसों की वजह से बहुत से लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में 2020 में 3,55,000 सड़क दुर्घटनाओं में 1,33,000 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। इन मौतों में 13 प्रतिशत कार यात्री थे। इसलिए परिवहन मंत्रालय अपनी योजनाओं पर अडिग है और वाहन निर्माताओं को नियमों को मानने के लिए प्रेरित कर रहा है। रॉयटर्स ने सूत्रों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है।