{"_id":"63511fec969cea50ec4faf58","slug":"maruti-followed-the-path-of-toyota-company-convert-entire-range-to-ethanol-flex-fuel-by-march-2023","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Flex Fuel Cars: टोयोटा की राह पर चली मारुति, फ्लेक्स फ्यूल वाली कारों पर किया यह एलान","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Flex Fuel Cars: टोयोटा की राह पर चली मारुति, फ्लेक्स फ्यूल वाली कारों पर किया यह एलान
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: समीर गोयल
Updated Thu, 20 Oct 2022 04:00 PM IST
सार
जापानी कार कंपनी टोयोटा की राह पर अब देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति भी चल पड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जल्द ही फ्लेक्स फ्यूल से चलने वाली कार ला सकती है।
विज्ञापन
1 of 6
इथेनॉल
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
भारत सरकार देश में लगातार ऐसे वाहन लाने पर जोर दे रही है। जिनसे प्रदूषण कम हो। इसी क्रम में अब देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अब फ्लेक्स फ्यूल पर चलने वाली कारें ला सकती है।
क्या है कंपनी का प्लान
2 of 6
मारुति सुजुकी
- फोटो : सोशल मीडिया
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी साल 2023 तक इथेनॉल से चलने वाले इंजन को तैयार कर सकती है। इंजन तैयार होने के बाद कंपनी की सभी कारों में इस तरह की तकनीक वाले इंजन ऑफर किए जाएंगे। कंपनी की सभी कारें 20 फीसदी इथेनॉल वाले ईंधन के साथ चलाई जा सकेंगी।
ग्राहकों को होगा फायदा
3 of 6
फ्लेक्स फ्यूल वाली कार
- फोटो : सोशल मीडिया
कंपनी के इस फैसला से सबसे ज्यादा फायदा ग्राहकों को भी होगा। देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारें इसी कंपनी की होती हैं। ऐसे में अगर कंपनी की ओर से इथेनॉल से चलने वाले इंजन की कारें बाजार में आ जाती हैं। तो ग्राहकों को महंगे पेट्रोल और सीएनजी से राहत मिलेगी। क्योंकि पेट्रोल और सीएनजी की तुलना में इथेनॉल से कार चलाना सस्ता होगा।
इथेनॉल से कार चलाने पर जहां ग्राहकों को फायदा होगा। वहीं पर्यावरण को भी होने वाले नुकसान में कमी आएगी। क्योंकि इथेनॉल से बनने वाले ईंधन से कार चलाने पर प्रदूषण नहीं होता इसलिए फ्लेक्स फ्यूल वाली कारों से पर्यावरण को भी फायदा होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में वाहन निर्माताओं को अप्रैल 2023 तक 20 फीसदी मिश्रण वाले ई20 ईंधन के साथ चलाई जा सकने वाली कार बनाने का पालन करना है। सरकार की ओर से 2030 तक 20 फीसदी इथेनॉल की ब्लैंडिंग के इस्तेमाल को अनिवार्य कर दिए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन बाद में बदला गया और 2030 की जगह 2025 कर दिया गया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।