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राहत: कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र की अधिसूचना पर लगाई रोक, पुराने वाहनों से जुड़ा है मामला
Thu, 12 May 2022 02:43 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 12 May 2022 02:43 PM IST
सार
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर शुल्क और जुर्माना बढ़ाने की अधिसूचना पर रोक लगा दी है।
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Karnataka High Court
- फोटो : For Reference Only
विस्तार
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर शुल्क और जुर्माना बढ़ाने की अधिसूचना पर रोक लगा दी है।
बढ़ा हुआ शुल्क इस साल एक अप्रैल से लागू हो गया है। मंत्रालय ने पिछले साल 4 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की थी।
साल 2017 में भी हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा पहले जारी इसी तरह की एक अधिसूचना को रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता के विद्वान वकील ने पेश किया कि प्रतिवादी संख्या 1 / केंद्रीय द्वारा जारी समान अधिसूचना को इस अदालत ने WP संख्या 10499/2017 में रद्द कर दिया है।" इसके साथ ही हाईकोर्ट ने नई अधिसूचना के संबंध में प्रतिवादियों को एक आकस्मिक नोटिस जारी किया। ।
न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर की उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ ने 4 अक्तूबर, 2021 की अधिसूचना पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक लगा दी।
उत्तरदाताओं को नोटिस तामील करने के बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।
फेडरेशन ऑफ कर्नाटक लॉरी ओनर्स एसोसिएशन ने मंत्रालय द्वारा नई अधिसूचना के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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बढ़ा हुआ शुल्क इस साल एक अप्रैल से लागू हो गया है। मंत्रालय ने पिछले साल 4 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की थी।
साल 2017 में भी हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा पहले जारी इसी तरह की एक अधिसूचना को रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता के विद्वान वकील ने पेश किया कि प्रतिवादी संख्या 1 / केंद्रीय द्वारा जारी समान अधिसूचना को इस अदालत ने WP संख्या 10499/2017 में रद्द कर दिया है।" इसके साथ ही हाईकोर्ट ने नई अधिसूचना के संबंध में प्रतिवादियों को एक आकस्मिक नोटिस जारी किया। ।
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न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर की उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ ने 4 अक्तूबर, 2021 की अधिसूचना पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक लगा दी।
उत्तरदाताओं को नोटिस तामील करने के बाद मामले की अगली सुनवाई की जाएगी।
फेडरेशन ऑफ कर्नाटक लॉरी ओनर्स एसोसिएशन ने मंत्रालय द्वारा नई अधिसूचना के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
फिटनेस सर्टिफिकेट
- फोटो : For Reference Only
इतनी बढ़ गई थी फीस
अधिसूचना के अनुसार, 15 वर्ष से ज्यादा पुरानी कारों के रजिस्ट्रेशन रिन्युअल (पंजीकरण के नवीनीकरण) के लिए शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये और बाइक के लिए 300 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।
15 साल से ज्यादा पुरानी बसों और ट्रकों के लिए फिटनेस रिन्युअल सर्टिफिकेट (नवीनीकरण प्रमाणपत्र) शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 12,500 रुपये कर दिया गया है। हर साल वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस नवीनीकरण अनिवार्य कर दिया गया था।
प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में देरी से वाणिज्यिक वाहनों के लिए 500 रुपये प्रति माह और प्रमाणपत्र की समाप्ति के बाद देर करने पर हर दिन के लिए 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगता है।
अधिसूचना के अनुसार, 15 वर्ष से ज्यादा पुरानी कारों के रजिस्ट्रेशन रिन्युअल (पंजीकरण के नवीनीकरण) के लिए शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये और बाइक के लिए 300 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।
15 साल से ज्यादा पुरानी बसों और ट्रकों के लिए फिटनेस रिन्युअल सर्टिफिकेट (नवीनीकरण प्रमाणपत्र) शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 12,500 रुपये कर दिया गया है। हर साल वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस नवीनीकरण अनिवार्य कर दिया गया था।
प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में देरी से वाणिज्यिक वाहनों के लिए 500 रुपये प्रति माह और प्रमाणपत्र की समाप्ति के बाद देर करने पर हर दिन के लिए 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगता है।