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Honda-Nissan: निसान ने होंडा के बराबर होने की स्थिति खो दी – जानिए कैसे और क्यों?

Tue, 11 Feb 2025 07:33 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 11 Feb 2025 07:33 PM IST
सार

अगर होंडा मोटर कंपनी और निसान मोटर कंपनी के बीच साझेदारी हो जाती, तो यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बन सकती थी। जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 70 लाख गाड़ियों की होती। यह टोयोटा, जर्मनी की फॉक्सवैगन और दक्षिण कोरिया की ह्यूंदै-किया समूह के बाद आती।

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Japan's Nissan Motor backed out of Honda Nissan potential merger talks Know Why
Honda Nissan Mitsubishi - फोटो : Honda

विस्तार

जापान की ऑटोमोबाइल कंपनी निसान मोटर अब नए साझेदारों के साथ काम करने के लिए तैयार है, जिसमें टेक्नोलॉजी कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निसान और होंडा के बीच विलय की बातचीत विफल हो गई।
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अगर यह साझेदारी हो जाती, तो यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बन सकती थी। जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 70 लाख गाड़ियों की होती। यह टोयोटा, जर्मनी की फॉक्सवैगन और दक्षिण कोरिया की ह्यूंदै-किया समूह के बाद आती।
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हालांकि, निसान ने पीछे हटने का फैसला किया, क्योंकि होंडा ने उसे अपनी सहायक कंपनी बनाने का प्रस्ताव रखा था।
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Japan's Nissan Motor backed out of Honda Nissan potential merger talks Know Why
Nissan Armada - फोटो : Nissan
निसान की गिरती बिक्री और आर्थिक संकट
निसान को अमेरिका और चीन में बिक्री में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा, जो इसके दो सबसे बड़े बाजार हैं। इसे ठीक करने के लिए कंपनी ने पिछले साल कर्मचारियों की छंटनी और उत्पादन क्षमता कम करने की योजना बनाई।

कम मुनाफे की वजह से निसान के पास इलेक्ट्रिक कारों पर निवेश करने के लिए कम पूंजी बची। जिससे इसे BYD (बीवाईडी) जैसी चीनी कंपनियों के सस्ते इलेक्ट्रिक वाहनों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।

2024 के वित्तीय वर्ष में निसान की पूंजीगत लागत बढ़ने और मुनाफा घटने के कारण कंपनी का नकदी प्रवाह कमजोर रहा। अगले दो वर्षों में निसान को लगभग 1 ट्रिलियन येन (करीब 6.58 अरब डॉलर) के बॉन्ड चुकाने होंगे, जो उसकी कुल बकाया राशि का 43 प्रतिशत है।
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Nissan Leaf Electric Car - फोटो : Nissan
ईवी बदलाव में पिछड़ता निसान
निसान को इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग से ज्यादा नुकसान हुआ है। क्योंकि यह 2018 में अपने पूर्व चेयरमैन कार्लोस घोसन की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी के बाद से पूरी तरह से उबर नहीं पाया।

अब होंडा की बाजार पूंजीकरण निसान से पांच गुना ज्यादा हो गई है। होंडा का बाजार मूल्य लगभग 7.6 ट्रिलियन येन है। जबकि एक दशक पहले दोनों कंपनियां करीब 4.6 ट्रिलियन येन के बराबर थीं।
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Nissan Magnite - फोटो : Nissan
शेयर बाजार में निसान की गिरावट
निसान के शेयर की कीमत पिछले 12 महीनों में लगभग 30 प्रतिशत गिर गई। पिछले साल यह 400 येन से नीचे चला गया था – यही वह कीमत थी, जिस पर 2002 में फ्रांसीसी साझेदार रेनो ने निसान में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी।

हालांकि, दिसंबर में जब निसान और होंडा की साझेदारी की चर्चाएं शुरू हुईं, तब शेयर की कीमत थोड़ी बढ़ी और सोमवार को 443 येन पर पहुंच गई।
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