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Tesla Plant: भारतीय राजनयिक ने किया टेस्ला के शंघाई प्लांट का दौरा, चीन से मंगाई जा सकती है Model Y
Fri, 05 Sep 2025 11:54 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:54 AM IST
सार
भारत के शंघाई स्थित काउंसल जनरल प्रतीक माथुर ने टेस्ला के गीगा फैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने साइबर्ट्रक का अनुभव किया और उत्पादन लाइन देखी। चर्चा है कि चीन निर्मित Model Y जल्द ही भारत में एक्सपोर्ट की जा सकती है।
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Tesla Model Y
- फोटो : Tesla
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विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति को नया आयाम देने की दिशा में टेस्ला भारत में एंट्री कर चुकी है। इसी बीच शंघाई में भारत के काउंसल जनरल प्रतीक माथुर ने टेस्ला की गीगा फैक्ट्री का दौरा किया, जहां उन्होंने कंपनी की उत्पादन प्रक्रिया को नज़दीक से देखा और साइबर्ट्रक का अनुभव भी लिया।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) क्रांति का अहम केंद्र बन रहा है और टेस्ला जैसी कंपनियों की रुचि इस दिशा में एक बड़ा संकेत है।
चीन से आएगी Model Y
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ला भारत में अपने लोकप्रिय मॉडल Model Y को चीन से मंगाने की योजना बना रही है। हालांकि, शिपमेंट कब शुरू होगा, इसे लेकर कंपनी ने फिलहाल कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की है। माथुर ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि Model Y भारतीय ग्राहकों को टेस्ला की विश्वस्तरीय EV तकनीक उपलब्ध कराएगी। यह गाड़ी 500 से 622 किलोमीटर तक की रेंज देती है और इसमें अत्याधुनिक बैटरी तथा सॉफ्टवेयर सिस्टम लगे हैं।
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सुपरचार्जर नेटवर्क की शुरुआत
माथुर ने बताया कि भारत आने वाले वाहनों की आपूर्ति टेस्ला के शंघाई गीगा फैक्ट्री से होगी, जो दुनिया का सबसे बड़ा EV निर्माण प्लांट है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी भारत में सुपरचार्जर नेटवर्क स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआती चरण में मुंबई और दिल्ली में यह नेटवर्क लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं को मात्र 15 मिनट में 267 किलोमीटर की अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला की एंट्री भारत में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने, स्थानीय सप्लाई चेन विकसित करने और प्रीमियम EV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को नया आयाम देने का काम करेगी। इससे न केवल उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा बल्कि उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
क्लीन एनर्जी मिशन को बढ़ावा
माथुर ने कहा कि टेस्ला की यह हाई-प्रोफाइल एंट्री भारत की क्लीन एनर्जी और 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। इसके साथ ही भारत अब उन 50 वैश्विक बाजारों की सूची में शामिल होगा, जहां टेस्ला की गाड़ियां उपलब्ध हैं। भारत में औपचारिक लॉन्च से पहले टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में रिटेल, सर्विस और ऑटोपायलट ऑपरेशंस के लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसे ज्ञान हस्तांतरण और स्किल डेवलपमेंट की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
माथुर ने यह भी संकेत दिए कि भारत सरकार की ओर से दी जा रही प्रोत्साहन नीतियों के चलते टेस्ला भविष्य में स्थानीय स्तर पर निर्माण और असेंबली की दिशा में भी कदम बढ़ा सकती है। यदि कंपनी 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करती है और तीन साल के भीतर लोकलाइजेशन शुरू करती है, तो उसे 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी का लाभ मिलेगा।
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भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) क्रांति का अहम केंद्र बन रहा है और टेस्ला जैसी कंपनियों की रुचि इस दिशा में एक बड़ा संकेत है।
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चीन से आएगी Model Y
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ला भारत में अपने लोकप्रिय मॉडल Model Y को चीन से मंगाने की योजना बना रही है। हालांकि, शिपमेंट कब शुरू होगा, इसे लेकर कंपनी ने फिलहाल कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की है। माथुर ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि Model Y भारतीय ग्राहकों को टेस्ला की विश्वस्तरीय EV तकनीक उपलब्ध कराएगी। यह गाड़ी 500 से 622 किलोमीटर तक की रेंज देती है और इसमें अत्याधुनिक बैटरी तथा सॉफ्टवेयर सिस्टम लगे हैं।
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सुपरचार्जर नेटवर्क की शुरुआत
माथुर ने बताया कि भारत आने वाले वाहनों की आपूर्ति टेस्ला के शंघाई गीगा फैक्ट्री से होगी, जो दुनिया का सबसे बड़ा EV निर्माण प्लांट है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी भारत में सुपरचार्जर नेटवर्क स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआती चरण में मुंबई और दिल्ली में यह नेटवर्क लगाया जाएगा, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं को मात्र 15 मिनट में 267 किलोमीटर की अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला की एंट्री भारत में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने, स्थानीय सप्लाई चेन विकसित करने और प्रीमियम EV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा को नया आयाम देने का काम करेगी। इससे न केवल उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा बल्कि उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
क्लीन एनर्जी मिशन को बढ़ावा
माथुर ने कहा कि टेस्ला की यह हाई-प्रोफाइल एंट्री भारत की क्लीन एनर्जी और 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। इसके साथ ही भारत अब उन 50 वैश्विक बाजारों की सूची में शामिल होगा, जहां टेस्ला की गाड़ियां उपलब्ध हैं। भारत में औपचारिक लॉन्च से पहले टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में रिटेल, सर्विस और ऑटोपायलट ऑपरेशंस के लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसे ज्ञान हस्तांतरण और स्किल डेवलपमेंट की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।
माथुर ने यह भी संकेत दिए कि भारत सरकार की ओर से दी जा रही प्रोत्साहन नीतियों के चलते टेस्ला भविष्य में स्थानीय स्तर पर निर्माण और असेंबली की दिशा में भी कदम बढ़ा सकती है। यदि कंपनी 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करती है और तीन साल के भीतर लोकलाइजेशन शुरू करती है, तो उसे 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी का लाभ मिलेगा।