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Petrol Pump: क्या ₹300 की बजाय ₹287 में पेट्रोल या डीजल खरीदना बेहतर है? जानिए पंप का मीटर काम कैसे करता है
Mon, 13 Jan 2025 05:50 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 13 Jan 2025 05:50 PM IST
सार
जब आप पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल भरवाने जाते हैं, तो आपने ऐसे मोटर चालकों को जरूर देखा होगा जो विषम राशि में तेज खरीदते हैं। मोटर चालकों का दावा है कि विषम राशि में तेल खरीदना पेट्रोल पंप पर ठगी से बचने का एक कारगर तरीका होता है। यहां जानिए ईंधन पंप का मीटर काम कैसे करता है।
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तेल भरवाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
जब आप पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल भरवाने जाते हैं, तो आपने ऐसे मोटर चालकों को जरूर देखा होगा जो विषम राशि में तेज खरीदते हैं। जैसे कि वे पेट्रोल पंप अटेंडेंट से 187 रुपये या 456 रुपये जैसी विषम राशि का पेट्रोल या डीजल डालने को कहते हैं। जबकि 100 रुपये के गुणकों में पेट्रोल या डीजल खरीदने पर कीमत 200 या 400 या 600 रुपये होती है। मोटर चालकों का दावा है कि विषम राशि में तेल खरीदना पेट्रोल पंप पर ठगी से बचने का एक कारगर तरीका होता है।
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क्या है सच
यह सच है कि कई मोटर चालक दावा करते हैं कि उन्हें ईंधन भरने वाले स्टेशन पर धोखा दिया गया है। जिसमें उन्हें भुगतान की गई राशि से कम पेट्रोल मिलना शामिल है। सवाल यह है कि क्या विषम राशि में पेट्रोल या डीजल खरीदना वास्तव में एक कारगर तरीका है या सिर्फ एक गलतफहमी है? पेट्रोल पंप मीटर वास्तव में कैसे काम करते हैं, यह समझने के लिए यहां एक त्वरित मार्गदर्शिका दी गई है।
यह सच है कि कई मोटर चालक दावा करते हैं कि उन्हें ईंधन भरने वाले स्टेशन पर धोखा दिया गया है। जिसमें उन्हें भुगतान की गई राशि से कम पेट्रोल मिलना शामिल है। सवाल यह है कि क्या विषम राशि में पेट्रोल या डीजल खरीदना वास्तव में एक कारगर तरीका है या सिर्फ एक गलतफहमी है? पेट्रोल पंप मीटर वास्तव में कैसे काम करते हैं, यह समझने के लिए यहां एक त्वरित मार्गदर्शिका दी गई है।
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पेट्रोल पंप मीटर कैसे काम करते हैं?
पेट्रोल पंप 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये और 1,000 रुपये जैसे सामान्य ईंधन वितरण मात्रा के लिए पूर्व-निर्धारित कोड का इस्तेमाल करते हैं। ये कोड एक बटन दबाने पर दर्ज किए जाते हैं, जिससे परिचारकों का समय बचता है और उन्हें कम प्रयास करना पड़ता है। हालांकि, इससे कई मोटर चालकों को यह विश्वास हो सकता है कि उन्हें ऊपर बताई गई मात्रा का पेट्रोल या डीजल खरीदने पर कम ईंधन मिलता है।
पेट्रोल पंप 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये और 1,000 रुपये जैसे सामान्य ईंधन वितरण मात्रा के लिए पूर्व-निर्धारित कोड का इस्तेमाल करते हैं। ये कोड एक बटन दबाने पर दर्ज किए जाते हैं, जिससे परिचारकों का समय बचता है और उन्हें कम प्रयास करना पड़ता है। हालांकि, इससे कई मोटर चालकों को यह विश्वास हो सकता है कि उन्हें ऊपर बताई गई मात्रा का पेट्रोल या डीजल खरीदने पर कम ईंधन मिलता है।
हालांकि, असलियत में पेट्रोल पंप फ्लो मीटर सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। यह सिस्टम लीटर में पेट्रोल या डीजल देता है। जिसमें सारी गणना लीटर के हिसाब से ही होती है। फ्यूल डिस्पेंसिंग मशीन में लगा सॉफ्टवेयर पेट्रोल या डीजल की निर्धारित दरों और ईंधन की मात्रा के आधार पर लीटर को रुपये में बदल देता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसलिए, जब भी उपभोक्ता 100 रुपये, 500 रुपये या 1,000 रुपये का ईंधन खरीदता है। तो उसे उस दिन विशेष ईंधन की दर के आधार पर भुगतान की गई राशि के लिए उपलब्ध पेट्रोल या डीजल की मात्रा मिलती है। राउंड फिगर से बचने और विषम संख्याओं को चुनने से अधिक ईंधन मिलने की कोई गारंटी नहीं है। इसलिए, पेट्रोल पंपों पर सटीक ईंधन वितरण सुनिश्चित करने के लिए, वाहन मालिक लीटर में ईंधन का अनुरोध कर सकता है और उसके लिए सटीक राशि का भुगतान कर सकता है।