फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   government planning to develop electric car charging stations at petrol pumps in india

इलेक्ट्रिक कारों के लिये देशभर में बनेंगे 60 हजार से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन, ये है सरकार की योजना

Mon, 01 Jul 2019 02:33 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 01 Jul 2019 02:33 PM IST
विज्ञापन
government planning to develop electric car charging stations at petrol pumps in india
Electric Vehicle Charging Station

केन्द्र सरकार 2030 से देश में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की ही बिक्री होगी। सरकार इसके लिए रोडमैप तैयार कर रही है। इसके तहत पूरे देश में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। सरकार की योजना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल पंपों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए जाएं।

विज्ञापन

अप्रैल 2023 से योजना की शुरुआत

सरकार नीति आयोग, भारी उद्योग मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और बिजली मंत्रालय के सहयोग से ई-चार्जिंग स्टेशन नीति तैयार कर रही है। हालांकि शुरुआत में यह योजना ज्यादा प्रदूषित बड़े शहरों में ही लागू हो सकती है। नीति आयोग के प्रस्ताव में अप्रैल 2023 से तिपहिया वाहनों और अप्रैल 2025 से 150सीसी तक के दोपहिया वाहनों और अप्रैल 2026 से टैक्सियों को सड़कों से बाहर करने की योजना है। इनकी जगह सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों का परिचालन सुनिश्चित करेगी।

विज्ञापन

ऑटो कंपनियां कर रहीं विरोध

वहीं सरकार की इस योजना को लेकर ऑटो कंपनियों का कहना है कि देश में पहले चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए, जिसके बाद ई-वाहनों को प्रमोट किया जाए। सरकार इन कंपनियों के विरोध से निपटने के लिए पेट्रोल पंपों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बना रही है। जब पूरे देश में चार्जिंग स्टेशंस का नेटवर्क तैयार हो जाएगा, उसके बाद इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

60 हजार पेट्रोल पंप

फिलहाल देश में 60 हजार पेट्रोल पंप हैं और सरकार की योजना है कि इन सभी को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क में शामिल किया जाए। इसके अलावा कई प्राइवेट कंपनियां भी हैं, जो देश में गैस स्टेशंस चलाती हैं। सरकार इन गैस स्टेशनों पर भी चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क में लाने के विकल्पों पर विचार कर रही है।

चीन को हराने की तैयारी

इसके अलावा सरकार चाहती है कि देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को लागू करने से पहले बैटरियों मैन्यूफैक्चरिंग करने का बेस बनाना चाहती है। सरकार नहीं चाहती कि इस स्थिति का फायदा चीन को मिले। सरकार की रणनीति है कि जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक सामानों और मोबाइल फोन की भारत में देरी से एंट्री हुई, और इसका फायदा सीधे चीन को मिला।

गीगा स्केल सेल निर्माण पर छूट

इसके साथ ही सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने देश में गीगा स्केल सेल और बैटरी निर्माण की सुविधाओं पर जोर दिया है। आयोग ने इसके लिए एक कैबिनेट नोट भी तैयार किया है। जिसमें गीगा स्केल बैटरी बनाने पर कई प्रकार की छूट का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें निवेश को बढ़ाने के लिए आयकर में छूट और डोमेस्टिक प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए कस्टम ड्यूटी के ढांचे में बदलाव की सिफारिश की गई है।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed