सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड: यात्री वाहन बिक्री 32% और दोपहिया वाहन बिक्री 33% बढ़ी
फाडा (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में घरेलू पैसेंजर व्हीकल (PV) रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 32.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ ऑल-टाइम हाई 4,27,213 यूनिट्स पर पहुंच गई।
विस्तार
भारत के ऑटोमोबाइल बाजार ने सितंबर 2026 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू पैसेंजर व्हीकल (PV) रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 32.10% बढ़कर रिकॉर्ड 4,27,213 यूनिट हो गई। अगस्त की तुलना में भी इसमें 6.17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में लगभग समान गति से वृद्धि हुई।
पूरे ऑटो रिटेल बाजार में भी तेजी देखने को मिली, हालांकि FADA (फाडा) ने सितंबर 2025 के कमजोर आधार का भी उल्लेख किया है। पिछले साल GST 2.0 लागू होने से पहले खरीदारी टाले जाने के कारण सितंबर 2025 का आधार प्रभावित हुआ था।
पैसेंजर व्हीकल बिक्री में कितनी बढ़ोतरी हुई?
- सितंबर में PV रिटेल बिक्री 32.10% बढ़कर 4,27,213 यूनिट पर पहुंच गई। अगस्त के मुकाबले इसमें 6.17% की वृद्धि हुई। ग्रामीण बाजार में PV बिक्री 32.09%, जबकि शहरी बाजार में 32.11% बढ़ी।
- अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान पैसेंजर व्हीकल रिटेल बिक्री 24.48% बढ़कर 25,44,187 यूनिट हो गई।
EV और वैकल्पिक ईंधन वाली कारों की हिस्सेदारी कितनी रही?
- सितंबर में सभी वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों को मिलाकर PV रिटेल में उनकी हिस्सेदारी 41% रही। इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8.45% हो गई, जो अगस्त में 7.63% और सितंबर 2025 में 5.74% थी।
- पैसेंजर व्हीकल बाजार में Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) सबसे आगे रही। कंपनी ने सितंबर में 1,69,132 यूनिट की रिटेल बिक्री के साथ 39.59% बाजार हिस्सेदारी हासिल की।
क्या बढ़ती बिक्री के साथ कारों का स्टॉक भी बढ़ा है?
- PV डीलर इन्वेंट्री में सितंबर में करीब पांच दिन की बढ़ोतरी हुई और यह 43-45 दिन तक पहुंच गई। FADA की अनुशंसित इन्वेंट्री अवधि 21 दिन है।
- FADA के मुताबिक, त्योहारी सीजन के दौरान यह स्टॉक सकारात्मक हो सकता है, लेकिन इसे आगे और बढ़ने से रोकना जरूरी है। संगठन के अनुसार करीब 75.5% डीलर बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।
दोपहिया वाहनों की बिक्री ने कैसा प्रदर्शन किया?
- दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 33.08% बढ़कर 17,90,188 यूनिट हो गई। अगस्त की तुलना में भी इसमें 4.41% की वृद्धि हुई। FADA के अनुसार, यह सितंबर में दोपहिया वाहनों की अब तक की सबसे अधिक रिटेल बिक्री है।
- ग्रामीण दोपहिया बाजार में 33.11%, जबकि शहरी बाजार में 33.06% की वृद्धि हुई।
- अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान दोपहिया रिटेल 20.43% बढ़कर 1,10,43,407 यूनिट हो गया।
दोपहिया EV की हिस्सेदारी कितनी पहुंची?
सितंबर में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 11.58% रही। यह अगस्त के 10.68% और सितंबर 2025 के 8.17% से ज्यादा है।
इस सेगमेंट में Honda Motorcycle and Scooter India (होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया) ने 4,68,789 यूनिट की बिक्री के साथ 26.19% बाजार हिस्सेदारी हासिल की।
तीन-पहिया वाहनों की बिक्री में क्या बदलाव आया?
- तीन-पहिया वाहनों की रिटेल बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 22.25% बढ़कर 1,32,570 यूनिट रही। अगस्त की तुलना में इसमें 8.41% की वृद्धि दर्ज की गई।
- इस सेगमेंट में ग्रामीण बाजार की वृद्धि 40.09% रही, जबकि शहरी बाजार में यह सिर्फ 4.71% रही।
- तीन-पहिया रिटेल में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 64.90% रही, जो अगस्त के 65.30% से थोड़ी कम लेकिन सितंबर 2025 के 56.65% से काफी अधिक है।
- पैसेंजर तीन-पहिया वाहनों की बिक्री 37.64%, जबकि गुड्स तीन-पहिया वाहनों की बिक्री 63.48% बढ़ी। अप्रैल-सितंबर में इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 14.98% बढ़कर 7,48,009 यूनिट हो गई।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में कितनी तेजी आई?
- कमर्शियल व्हीकल रिटेल बिक्री ने पहली बार किसी सितंबर में एक लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया। सितंबर में बिक्री 37.62% बढ़कर 1,03,557 यूनिट रही। अगस्त की तुलना में भी इसमें 14.09% की वृद्धि दर्ज की गई।
- हेवी कमर्शियल व्हीकल (HCV) रिटेल बिक्री 46.22% बढ़कर 32,310 यूनिट हो गई।
- FADA ने इस वृद्धि के पीछे पुराने वाहनों को बदलने की मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर और खनन गतिविधियों, बड़ी फ्लीट खरीद, ग्रामीण आय में बढ़ोतरी और अक्तूबर में संभावित कीमत बढ़ने से पहले हुई खरीद को प्रमुख कारण बताया।
- अप्रैल-सितंबर 2026 में कमर्शियल व्हीकल रिटेल 21.48% बढ़कर 5,85,217 यूनिट रही।
ट्रैक्टर बिक्री में तेजी के बावजूद मासिक आधार पर गिरावट क्यों आई?
- सितंबर में ट्रैक्टर रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 13.75% बढ़कर 76,906 यूनिट रही। हालांकि, अगस्त की तुलना में इसमें 12.58% की गिरावट आई। इस तरह प्रमुख ऑटो श्रेणियों में ट्रैक्टर ही एकमात्र ऐसा सेगमेंट रहा, जिसमें महीने-दर-महीने गिरावट दर्ज हुई।
- FADA ने इसके पीछे देर से शुरू हुए त्योहारी कैलेंडर और कमजोर मानसून को प्रमुख कारण बताया। अप्रैल-सितंबर के दौरान ट्रैक्टर रिटेल बिक्री 19.81% बढ़कर 5,56,862 यूनिट रही।
कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की बिक्री कितनी बढ़ी?
- व्हील्ड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की रिटेल बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 38% बढ़कर 6,486 यूनिट हो गई। अगस्त के मुकाबले इसमें 25.55% की वृद्धि दर्ज हुई।
- हालांकि, अप्रैल-सितंबर 2026 में इस श्रेणी की बिक्री केवल 1.56% बढ़कर 34,637 यूनिट रही।
FADA ने ऑटो बाजार के आगे के प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
- FADA के अनुसार, सितंबर में कुल ऑटो रिटेल बिक्री में 31.82% सालाना वृद्धि को सितंबर 2025 के असामान्य रूप से कमजोर आधार के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। महीने-दर-महीने आधार पर कुल ऑटो रिटेल बिक्री 4.69% बढ़ी।
- FADA अध्यक्ष साई गिरधर ने कहा कि त्योहारी सीजन में प्रवेश के साथ पिछले दो महीनों में महीने-दर-महीने वृद्धि देखने को मिली है। उनके अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुल ऑटो रिटेल ने कोविड-पूर्व स्तर को पार कर लिया है। अप्रैल-सितंबर 2018 में करीब 1.3 करोड़ यूनिट की तुलना में अप्रैल-सितंबर 2026 में यह आंकड़ा 1.5 करोड़ यूनिट हो गया, यानी आठ वर्षों में पहली बार इस स्तर को पार किया गया।
- उन्होंने कहा कि यह वृद्धि व्यापक है और GST 2.0 सुधारों से इसे समर्थन मिला है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी ने इसके अधिकांश लाभ को कम कर दिया है, फिर भी खासकर ग्रामीण बाजारों में मांग की पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है। कमजोर मानसून के बावजूद ग्रामीण मांग मजबूत रही है, जिससे संकेत मिलता है कि यह केवल कृषि आय पर निर्भर नहीं है।
अक्तूबर में ऑटो बिक्री को लेकर FADA का क्या अनुमान है?
- FADA के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल इन्वेंट्री बढ़ी है, जो त्योहारी सीजन में सकारात्मक है, लेकिन इसे और बढ़ने नहीं देना चाहिए। संगठन ने कहा कि करीब 75.5% डीलर बिक्री में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, इसलिए इन्वेंट्री को कम करना फिलहाल बड़ी चिंता नहीं है।
- साई गिरधर ने कहा कि वाहन निर्माताओं को स्टॉक बढ़ाने के बजाय वास्तविक रिटेल मांग के अनुरूप डिस्पैच तय करने चाहिए। उनके अनुसार, महीने-दर-महीने वृद्धि जारी रह सकती है और अक्तूबर 2026 में 20-30% वृद्धि की उम्मीद है।
- हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है, तो वाहन लोन की EMI बढ़ सकती है, जिससे वाहनों की खरीद क्षमता प्रभावित होने के साथ रिटेल मांग पर दबाव पड़ सकता है।