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E-challan Scam: ई-चालान स्कैम से रहें सावधान, भरने के चक्कर में लग जाएगा चूना, ऑनलाइन फ्रॉड से ऐसे बचें
Thu, 18 Jul 2024 05:58 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 18 Jul 2024 05:58 PM IST
सार
एक जटिल एंड्रॉइड मालवेयर एप्लिकेशन सोशल मीडिया के जरिए भारतीय यूजर्स को निशाना बना रहा है। विदेशों में बैठे ऑनलाइन हैकर्स भारत में ट्रैफिक उल्लंघन से पैदा होने वाली चिंताओं का फायदा उठा रहे हैं। जानें इस ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बचें।
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Online Fraud
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
एक जटिल एंड्रॉइड मालवेयर एप्लिकेशन सोशल मीडिया के जरिए भारतीय यूजर्स को निशाना बना रहा है। साइबर सुरक्षा फर्म CloudSEK की एक रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। विदेशों में बैठे ऑनलाइन हैकर्स भारत में ट्रैफिक उल्लंघन से पैदा होने वाली चिंताओं का फायदा उठा रहे हैं। ये ऑनलाइन ठग परिवहन सेवा या कर्नाटक पुलिस जैसे वैध प्राधिकरणों के नाम पर फर्जी ई-चालान मैसेज भेज रहे हैं।
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वियतनामी हैकर्स धोखाधड़ी का यह खेल सोशल मीडिया व्हाट्सएप पर खेल रहे हैं। यह यूजर्स को किसी वैध एप्लिकेशन का रूप देकर बनाए गए दुर्भावनापूर्ण एप को इंस्टॉल करने के लिए फंसाने पर आधारित है। व्हाट्सएप मैसेज के लिंक को क्लिक करने से "व्रोम्बा" परिवार के हिस्से के रूप में पहचाने गए इस मालवेयर का डाउनलोड शुरू हो जाता है। एक बार इंस्टॉल हो जाने पर, यह एप बहुत ज्यादा परमिशन (अनुमतियों) की रिक्वेस्ट करता है। जिसमें संपर्क, फोन कॉल, एसएमएस संदेश और डिफॉल्ट मैसेजिंग एप बनने की क्षमता शामिल है।
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यह एक्सेस मिलते ही मालवेयर आपकी सारी व्यक्तिगत जानकारी चुराने और वित्तीय धोखाधड़ी को बहुत आसानी से अंजाम दे सकता है। वनटाइम पासवर्ड (OTP) और अन्य संवेदनशील मैसेज को पढ़कर, ये साइबर हमलावर पीड़ितों के ई-कॉमर्स खातों तक पहुंच हासिल कर सकते हैं। फिर वे इस पहुंच का फायदा उठाकर गिफ्ट कार्ड खरीदते हैं। और उन्हें गुमनाम रूप से भुनाते हैं। जिससे धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
जटिल तकनीक और व्यापक असर
CloudSEK के शोधकर्ताओं का अनुमान है कि सिर्फ एक धोखाधड़ी करने वाले द्वारा इस मालवेयर ने 4,400 से ज्यादा डिवाइस को संक्रमित कर दिया है। और 16 लाख रुपये से ज्यादा के धोखाधड़ी वाले लेनदेन हुए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके अलावा, यह मालवेयर यूजर्स के फोनबुक के कॉन्टैक्ट को ऑटोमैटिक तरीके से निकाल लेता है। ताकि उन्हें आगे के घोटालों के लिए निशाना बनाया जा सके। साथ ही, यह हमलावरों को एसएमएस संदेश फॉर्वर्ड कर देता है। जिससे उन्हें संभावित रूप से टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बायपास करने और विभिन्न फाइनेंशियल एप्लीकेशंस तक पहुंचने में सहूलियत होती है।
CloudSEK के शोधकर्ताओं का अनुमान है कि सिर्फ एक धोखाधड़ी करने वाले द्वारा इस मालवेयर ने 4,400 से ज्यादा डिवाइस को संक्रमित कर दिया है। और 16 लाख रुपये से ज्यादा के धोखाधड़ी वाले लेनदेन हुए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके अलावा, यह मालवेयर यूजर्स के फोनबुक के कॉन्टैक्ट को ऑटोमैटिक तरीके से निकाल लेता है। ताकि उन्हें आगे के घोटालों के लिए निशाना बनाया जा सके। साथ ही, यह हमलावरों को एसएमएस संदेश फॉर्वर्ड कर देता है। जिससे उन्हें संभावित रूप से टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को बायपास करने और विभिन्न फाइनेंशियल एप्लीकेशंस तक पहुंचने में सहूलियत होती है।
रिपोर्ट में हमलावरों द्वारा पहचना का खुलासा होने से बचने और लो ट्रांजैक्शन प्रोफाइल बनाए रखने के लिए प्रॉक्सी IP के इस्तेमाल पर भी रोशनी डाली गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन हैकर्स के शिकारों में गुजरात को भारत में सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है। जिसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है।
अपने आप को धोखाधड़ी से कैसे बचाएं
CloudSEK इस मालवेयर से बचाव के लिए कई सुरक्षा उपायों की सलाह देता है। सबसे पहले, सिर्फ गूगल प्लेस्टोर जैसे विश्वस्त सोर्स से ही एप इंस्टॉल करें। दूसरा, एप के परमिशन देने को लेकर सतर्क रहें। और यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से उनकी समीक्षा करें कि वे ऐप के फंक्शन के हिसाब से काम कर रहे हैं कि नहीं।
CloudSEK इस मालवेयर से बचाव के लिए कई सुरक्षा उपायों की सलाह देता है। सबसे पहले, सिर्फ गूगल प्लेस्टोर जैसे विश्वस्त सोर्स से ही एप इंस्टॉल करें। दूसरा, एप के परमिशन देने को लेकर सतर्क रहें। और यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से उनकी समीक्षा करें कि वे ऐप के फंक्शन के हिसाब से काम कर रहे हैं कि नहीं।
तीसरा, लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच हासिल करने के लिए अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और सुरक्षा सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें। आखिर में, किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में सूचित होने के लिए बैंकिंग और अन्य संवेदनशील सर्विस के लिए अलर्ट चालू करें।