लॉकडाउन के बाद बढ़ेगी हैचबैक कारों की बिक्री, यात्रियों के लिए तरसेंगी बसें और मेट्रो!
- ईवाई के सर्वे में खुलासा, 57 फीसदी लोग खरीदना चाहते हैं पुरानी कार
- 37 फीसदी लोगों की प्राथमिकता हैचबैक कार खरीदना है
- सर्वे के मुताबिक सार्वजनिक परिवहन में घट रही लोगों की रूचि
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महामारी के इस दौर में लोग सुरक्षा और स्वास्थ्य को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। यहीं कारण है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद सड़कों पर निजी गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कम से कम करेंगे। इनमें से कुछ लोग नई कार खरीदेंगे तो कुछ पुरानी कारों को प्राथमिकता देंगे। ईवाई के सर्वे के मुताबिक 74 फीसदी लोग लॉकडाउन के बाद कार खरीदना चाहते हैं। जबकि वाहन मालिक बनने की चाहत रखने वाले 57 फीसदी की प्राथमिकता पुरानी कार खरीदनी है।
ऑनलाइन कर रहे हैं रिसर्च
ईवाई का कहना है कि लॉकडाउन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। संभावित खरीदार ऑनलाइन तरीके से कार खरीद और भुगतान से जुड़ी जानकारियां जुटा रहे हैं। 1,100 से ज्यादा लोगों पर किए गए सर्वे में कहा गया है कि लॉकडाउन के बाद 5 फीसदी मौजूदा मालिक अपनी कार को अपग्रेड करना चाहते हैं। वहीं, महामारी के कारण बनी वित्तीय और आर्थिक अनिश्चितता के कारण 26 फीसदी लोगों ने खरीदारी को टाल दिया है।
मांग पूरी करने के लिए अपनाने होंगे नए विकल्प
ईवाई इंडिया के साझेदार एवं आटोमोटिव क्षेत्र के प्रमुख विनय रघुनाथ ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण पहली बार कार खरीदने वाले वैसे ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। जो एंट्री लेवल की नई और पुरानी कार खरीदना चाहते हैं। निकट भविष्य में संभावित खरीदारों को आकर्षित करने के लिए निर्माताओं कस्टमाइज कीमतों जैसे समाधान उपलबेध कराने होंगे। लॉकडाउन के बाद बढ़ने वाली इस मांग को पूरा करने के लिए कंपनियों को वाहनों की डोर स्टेप डिलीवरी और कॉन्टैक्टलेस जैसे विकल्प अपनाने होंगे।
हैचबैक कारों को ज्यादा तवज्जो
सर्वे के मुताबिक, 37 फीसदी लोगों की प्राथमिकता हैचबैक कार खरीदना है। जबकि 29 फीसदी लोगों ने कॉम्पैक्ट सेडान (सेडान/एसयूवी) को प्राथमिकता दी। वहीं इनमें से कई ऐसे हैं जो पहली बार खरीद की योजना बना रहे है। तकरीबन 56 फीसदी लोग दैनिक आवागमन के लिए कार खरीदने को इच्छुक हैं। खास बात यह है कि लॉकडाउन से पहले दैनिक आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन 575 लोगों की पसंद था।
मई में 87 फीसदी घटी कारों की बिक्री
लॉकडाउन के कारण मई में यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री 2,35,933 से 86.97 फीसदी घटकर 30,749 यूनिट्स रह गई। वहीं विभिन्न श्रेणी के वाहनों की कुल बिक्री 88.87 फीसदी घटकर 2,02,697 में यूनिट्स रही।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अनुसार पिछले महीने कुल 1,59,039 दो पहिया वाहन बिके। जो मई 2019 से 88.8 फीसदी कम हैं। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 96.63 फीसदी घटकर 2,711 और बिक्री 1,881 इकाई रह गई।
अध्यक्ष आशीष हंसराज का कहना है कि मई के रजिस्ट्रेशन के आंकड़े मांग की सही स्थिति नहीं दर्शाते हैं। जून के पहले 10 दिन में कई डीलरशिप खुलने के बावजूद मांग कम है।