नई कार खरीदते समय अक्सर लोग एक्सटेंडेड वारंटी को भी खरीदते हैं। जिससे उनकी भविष्य की परेशानियों को कम किया जा सके। लेकिन हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि क्या सही में एक्सटेंडेड वारंटी को खरीदना फायदे का सौदा होता है या फिर इससे नुकसान हो सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
क्या है एक्सटेंडेड वारंटी
वारंटी का सीधा मतलब कार कंपनी की ओर से दिया गया एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है। जिसमें कंपनी की ओर से ग्राहक को वादा किया जाता है कि अगर आपके वाहन में कोई परेशानी आती है या फिर वह ठीक से काम नहीं करेगा तो आप उसे कंपनी के पास लाकर सही करवा सकते हैं या फिर कंपनी की ओर से उसे बदलकर भी दे सकती है। इसके लिए कंपनी आपसे कोई अतिरिक्त कीमत नहीं लेती। हालांकि इसे कंपनी की ओर से दी गई वारंटी के बाद ही लागू किया जाता है।
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Sub Compact SUV Cars
- फोटो : For Reference Only
कितनी मिलती है वारंटी
किसी भी कंपनी से कार को खरीदने से पहले यह अच्छी तरह से जांच लेना जरूरी है कि कंपनी आपको कंपनी कितने साल की वारंटी दे रही है। कुछ कंपनियां एक तो कुछ दो साल तक की वारंटी देती हैं। ऐसे में अगर आप चाहें तो उसे एक्सटेंडेड वारंटी के साथ बढ़ा सकते हैं।
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- फोटो : Volkswagen
क्या होता है फायदा
आमतौर पर लोग इस वारंटी को खरीद लेते हैं क्योंकि शोरुम की ओर से इसको ऑन रोड कीमत में शामिल करने के बाद ही कीमत बताई जाती है। लेकिन इसमें न तो आपकी कार का इंजन कवर होता है न ही कोई प्रमुख पार्ट। यह वारंटी आपकी कार के अचानक से खराब हुए पार्ट कवर करती है। ऐसे में इसे लेने से पहले यह जरूरी है कि आप देख लें कि एक्सटेंडेड वारंटी में आपकी कार में क्या कुछ कवर किया जा रहा है।
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