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EV Tariff: ईयू को चीन के साथ इलेक्ट्रिक वाहन टैरिफ वार्ता में कम नजर आ रही है सफलता की संभावना, जानें डिटेल्स
Tue, 12 Nov 2024 07:52 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 12 Nov 2024 07:52 PM IST
सार
यूरोपीय संघ और चीन इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त टैरिफ के समाधान पर चर्चा कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में, बीजिंग ने इलेक्ट्रिक वाहनों के टैरिफ पर विवाद परामर्श आयोजित करने के लिए विश्व व्यापार संगठन के सामने अपील दायर की थी।
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BYD Cars
- फोटो : BYD
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विस्तार
यूरोपीय संघ को इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैरिफ का विकल्प ढूंढने के लिए चीन के साथ वार्ता में बहुत सीमित प्रगति दिखाई दे रही है। जिससे इस समय यूरोपीय संघ को शीघ्र समझौते की संभावना कम ही दिखाई दे रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी है।
चीन और यूरोपीय संघ बीजिंग में हुई चर्चा के बाद इस सप्ताह तकनीकी वार्ता जारी रखेंगे। जहां दोनों पक्षों ने कुछ प्रगति की बात कही थी।
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चीन और यूरोपीय संघ बीजिंग में हुई चर्चा के बाद इस सप्ताह तकनीकी वार्ता जारी रखेंगे। जहां दोनों पक्षों ने कुछ प्रगति की बात कही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि, निजी बातचीत पर चर्चा करने के लिए नाम न बताने की शर्त पर बात करने वाले लोगों ने कहा कि अभी तक किसी समझौते की संभावना कम है। लोगों ने कहा कि चीन ने अभी तक यूरोपीय संघ की सख्त जरूरतों की ओर कदम नहीं बढ़ाया है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यवस्था लागू करने योग्य हो और पिछले महीने ब्लॉक द्वारा अपनाए गए सब्सिडी-विरोधी टैरिफ के प्रभाव से मेल खाती हो।
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MG4 Electric Car
- फोटो : MG Motor
दोनों पक्ष तथाकथित प्राइस अंडरटेकिंग (मूल्य प्रतिबद्धताओं) पर समझौते की संभावना तलाश रहे हैं। यह कीमतों और निर्यात की मात्रा को नियंत्रित करने की एक जटिल प्रणाली है। जिसका उपयोग टैरिफ से बचने के लिए किया जाता है।
सूत्रों ने बताया कि हाल की वार्ता मुख्य रूप से ब्रुसेल्स और बीजिंग के बीच कम्युनिकेशन मैकेनिज्म (संचार तंत्र) स्थापित करने के इर्दगिर्द रही। इसके साथ-साथ बातचीत तथाकथित क्रॉस-कंपनसेशन (क्रॉस-मुआवजे) के जोखिम से बचने पर केंद्रित रही है। जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर किसी भी न्यूनतम आयात मूल्य की भरपाई हाइब्रिड कारों और सहायक उपकरणों जैसी अन्य वस्तुओं की बिक्री से की जाती है।
सूत्रों ने बताया कि हाल की वार्ता मुख्य रूप से ब्रुसेल्स और बीजिंग के बीच कम्युनिकेशन मैकेनिज्म (संचार तंत्र) स्थापित करने के इर्दगिर्द रही। इसके साथ-साथ बातचीत तथाकथित क्रॉस-कंपनसेशन (क्रॉस-मुआवजे) के जोखिम से बचने पर केंद्रित रही है। जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर किसी भी न्यूनतम आयात मूल्य की भरपाई हाइब्रिड कारों और सहायक उपकरणों जैसी अन्य वस्तुओं की बिक्री से की जाती है।
दोनों पक्ष व्यक्तिगत कार निर्माताओं के साथ समझौते की संभावना पर भी असहमत हैं। जिसमें यूरोपीय फर्में भी शामिल हैं, जिनका चीनी कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम है। यूरोपीय संघ का तर्क है कि ऐसे सौदे विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप होंगे। जबकि बीजिंग चीन के व्यापार निकाय के नेतृत्व में एक व्यापक समझौते पर बातचीत करने पर जोर देता है।
चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क लगाने के जवाब में डेयरी, पोर्क और ब्रांडी पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यूरोपीय संघ ने कहा है कि वह इन मामलों में अपने हितों की रक्षा करेगा। जबकि किसी तरह के बड़े सौदे के जरिए जांच को जोड़ने का विरोध करेगा।
चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर शुल्क लगाने के जवाब में डेयरी, पोर्क और ब्रांडी पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यूरोपीय संघ ने कहा है कि वह इन मामलों में अपने हितों की रक्षा करेगा। जबकि किसी तरह के बड़े सौदे के जरिए जांच को जोड़ने का विरोध करेगा।
Geely’s Zeekr X Electric Car
- फोटो : Zeekr
इस महीने की शुरुआत में, बीजिंग ने इलेक्ट्रिक वाहनों के टैरिफ पर विवाद परामर्श आयोजित करने के लिए विश्व व्यापार संगठन के सामने अपील दायर की थी। यूरोपीय संघ ने पिछले महीने 35 प्रतिशत तक के अतिरिक्त निश्चित टैरिफ को अपनाया। और ये टैरिफ कोई वैकल्पिक समझौते नहीं होने पर अगले पांच वर्षों तक लागू रहेंगे।