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EV: इलेक्ट्रिक वाहनों में आग क्यों लगती है? ईवी बैटरी में आग लगने से बचाव के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
Mon, 28 Mar 2022 03:43 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 28 Mar 2022 03:43 PM IST
सार
पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जब इलेक्ट्रिक वाहनों, खासतौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई। यहां हम आपको बता रहे हैं लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कारणों के बारे में और ईवी बैटरी को आग से कैसे बचाया जाए।
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ओला इलेक्ट्रिक S1 Pro स्कूटर में लगी आग
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
इलेक्ट्रिक वाहनों में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी के साथ ही इसका बाजार बड़ा होता जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जब इलेक्ट्रिक वाहनों, खासतौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई। एक दुखद घटना में, तमिलनाडु में एक पिता और पुत्री की मृत्यु हो गई, जब उनके घर के अंदर उनके इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई जिससे उनका दम घुट गया। इसके अलावा, ओकिनावा और ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
इन सभी घटनाओं के मद्देनजर एक सवाल खड़ा होता है कि आखिर इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में आग क्यों लगती है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि ईवी की बैटरी में आग लगने से कैसे बच सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कारणों के बारे में और ईवी बैटरी को आग से कैसे बचाया जाए।
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इन सभी घटनाओं के मद्देनजर एक सवाल खड़ा होता है कि आखिर इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में आग क्यों लगती है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि ईवी की बैटरी में आग लगने से कैसे बच सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कारणों के बारे में और ईवी बैटरी को आग से कैसे बचाया जाए।
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EV Battery
- फोटो : For Reference Only
ईवी की बैटरी में आग क्यों लगती है
लिथियम-आयन बैटरी मुख्य रूप से दो अलग-अलग कारणों से नाकाम हो जाती हैं। पहला कारण यह है कि अगर बैटरी की मैन्युफेक्चरिंग में ही खराबी है। दूसरा कारण यह है कि बैटरी की नाकामी आमतौर पर कई कारकों का नतीजा होती है - बैटरी पर बाइब्रेशन जैसा तनाव, इलेक्ट्रिक शॉर्ट, या बस दुर्भाग्यवश। बैटरी में मैन्युफेक्चरिंग की खराबी के कारण आग लग सकती है। दूसरी ओर, बहुत अधिक वाइब्रेशन, जो लिथियम-आयन बैटरी की हैंडलिंग क्षमता से परे है, आग लगने का जोखिम पैदा कर सकता है। साथ ही बिजली के शॉर्ट होने से भी आग लग सकती है।
लिथियम-आयन और लिथियम-मेटल सेल फेल होने की स्थिति के दौरान थर्मल रनअवे से गुजरते हैं। ज्वलनशील गैस के निकलने के साथ-साथ थर्मल रनअवे बैटरी सेल तापमान और दबाव में तेजी से इजाफा करता है। अक्सर बैटरी के उच्च तापमान से इन ज्वलनशील गैसों के असर से आग की लौ निकलने लगती है, जो आखिरकार आग का कारण बनती है।
लिथियम-आयन बैटरी मुख्य रूप से दो अलग-अलग कारणों से नाकाम हो जाती हैं। पहला कारण यह है कि अगर बैटरी की मैन्युफेक्चरिंग में ही खराबी है। दूसरा कारण यह है कि बैटरी की नाकामी आमतौर पर कई कारकों का नतीजा होती है - बैटरी पर बाइब्रेशन जैसा तनाव, इलेक्ट्रिक शॉर्ट, या बस दुर्भाग्यवश। बैटरी में मैन्युफेक्चरिंग की खराबी के कारण आग लग सकती है। दूसरी ओर, बहुत अधिक वाइब्रेशन, जो लिथियम-आयन बैटरी की हैंडलिंग क्षमता से परे है, आग लगने का जोखिम पैदा कर सकता है। साथ ही बिजली के शॉर्ट होने से भी आग लग सकती है।
लिथियम-आयन और लिथियम-मेटल सेल फेल होने की स्थिति के दौरान थर्मल रनअवे से गुजरते हैं। ज्वलनशील गैस के निकलने के साथ-साथ थर्मल रनअवे बैटरी सेल तापमान और दबाव में तेजी से इजाफा करता है। अक्सर बैटरी के उच्च तापमान से इन ज्वलनशील गैसों के असर से आग की लौ निकलने लगती है, जो आखिरकार आग का कारण बनती है।
Electric Car Charging
- फोटो : Pexels
इसके अलावा, बैटरी के विभिन्न हिस्सों के संपर्क में आने वाले सूक्ष्म धातु कणों के कारण भी एक थर्मल रनअवे हो सकता है, जिसके कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। एक हल्के शॉर्ट सर्किट के मामले में, बैटरी में हाई सेल्फ-डिस्चार्ज होता है और थोड़ी गर्मी पैदा होती है क्योंकि डिस्चार्ज हुई एनर्जी बहुत कम होती है।
लेकिन, जब सूक्ष्म धातु के कणों की एक बड़ी मात्रा एक जगह पर जमा हो जाती है, तो इससे एक बड़ा इलेक्ट्रिक शॉर्ट हो सकता है, जिसकी वजह से पॉजिटिव और निगेटिव प्लेटों के बीच बड़े पैमाने पर बिजली दौड़ जाती है, जिससे आग लग सकती है। ऐसे में बैटरी के केस के अंदर का तापमान जल्दी से 500 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच सकता है, जिसके कारण सेल में विस्फोट हो सकता है या आग लग सकती है।
लेकिन, जब सूक्ष्म धातु के कणों की एक बड़ी मात्रा एक जगह पर जमा हो जाती है, तो इससे एक बड़ा इलेक्ट्रिक शॉर्ट हो सकता है, जिसकी वजह से पॉजिटिव और निगेटिव प्लेटों के बीच बड़े पैमाने पर बिजली दौड़ जाती है, जिससे आग लग सकती है। ऐसे में बैटरी के केस के अंदर का तापमान जल्दी से 500 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच सकता है, जिसके कारण सेल में विस्फोट हो सकता है या आग लग सकती है।
EV Battery
- फोटो : For Reference Only
ईवी बैटरी में आग लगने के चेतावनी संकेत
लिथियम-आयन बैटरी में आग लगने की स्थिति में कुछ संकेत अनुभव हो सकते हैं। बैटरी बहुत ज्यादा गर्म हो सकती है या फूल सकती है। इसके साथ ही, बैटरी का रंग फीका पड़ सकता है, जिससे नुकसान हो सकता है और धुंआ निकलना शुरू हो सकता है।
लिथियम-आयन बैटरी में आग लगने की स्थिति में कुछ संकेत अनुभव हो सकते हैं। बैटरी बहुत ज्यादा गर्म हो सकती है या फूल सकती है। इसके साथ ही, बैटरी का रंग फीका पड़ सकता है, जिससे नुकसान हो सकता है और धुंआ निकलना शुरू हो सकता है।
Ola Electric Scooter
- फोटो : Twitter
ईवी को आग से बचाने के आसान टिप्स
इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं बहुत दुर्लभ होती हैं। ICE(इंटरनल कंब्शन इंजन) से चलने वाले वाहनों की तुलना में ईवी में आग लगने का जोखिम काफी कम होता है। हालांकि, जब लिथियम-आयन बैटरी वाले ईवी में आग लगती है, तो उससे निपटना वाकई मुश्किल होता है। हालांकि आग के जोखिम को कम करने के लिए आप कुछ बुनियादी और आसान टिप्स को अपना सकते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं बहुत दुर्लभ होती हैं। ICE(इंटरनल कंब्शन इंजन) से चलने वाले वाहनों की तुलना में ईवी में आग लगने का जोखिम काफी कम होता है। हालांकि, जब लिथियम-आयन बैटरी वाले ईवी में आग लगती है, तो उससे निपटना वाकई मुश्किल होता है। हालांकि आग के जोखिम को कम करने के लिए आप कुछ बुनियादी और आसान टिप्स को अपना सकते हैं।
Electric Car
- फोटो : Pexels
इलेक्ट्रिक वाहन को कहीं से चलाकर आने के तुरंत बाद इसकी बैटरी को चार्ज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उस समय बैटरी के अंदर लिथियम-आयन सेल बहुत गर्म रहते हैं। इसके बजाय, बैटरी को ठंडा होने दें और उसके बाद इसे चार्ज करें। यदि यह एक डिटेचेबल (अलग करने योग्य) बैटरी है, तो वाहन से डिस्कनेक्ट करना और अलग से चार्ज करना सबसे अच्छा है।
Tata Nexon EV Charging
- फोटो : For Refernce Only
सिर्फ उसी बैटरी का इस्तेमाल करें जिसे वाहन के लिए डिजाइन किया गया है। सस्ती स्थानीय बैटरी का इस्तेमाल करने से इलेक्ट्रिक वाहन को नुकसान भी हो सकता है। साथ ही, ईवी के साथ मिले चार्जिंग केबल का इस्तेमाल करें।
Ola Electric Scooter
- फोटो : Ola Electric
बैटरियों को सीधी धूप में या गर्म वाहनों में रखने से बचें। अगर यह डिटेचेबल बैटरी है तो इन्हें सूखी और वेंटिलेशन वाली जगह में रखें। पूरी तरह चार्ज होने पर बैटरियों को उनके चार्जर से हटा दें। रिप्लेसमेंट में मिलने वाली बैटरी और चार्जर वैसी ही होनी चाहिए जैसी पहले थी और ये ओरिजिनल निर्माता या अधिकृत विक्रेता से ही लेना चाहिए।
Ather Electric Scooter
- फोटो : Ather
इस्तेमाल करने से पहले बैटरियों की जांच करें कि कहीं इन्हें कोई नुकसान तो नहीं पहुंचा है। यदि कोई डिफेक्ट दिखता है, तो इसका इस्तेमाल न करें और निर्माता को इसकी सूचना दें। यदि बैटरी बहुत ज्यादा गर्म लग रही है और कोई क्षति दिखती है तो बैटरी का इस्तेमाल करने से बचें।