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Electric Buses: लद्दाख में इलेक्ट्रिक बसों ने पूरा किया एक साल, तय की 10 लाख किमी से ज्यादा की दूरी
Mon, 18 Dec 2023 11:24 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 18 Dec 2023 11:24 PM IST
सार
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में इलेक्ट्रिक बसें (ई-बस) एक चमकता हुआ उदाहरण बन गई हैं। जिसने अपनी सेवा का एक वर्ष से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है।
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Electric Buses
- फोटो : For Reference Only
विस्तार
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में इलेक्ट्रिक बसें (ई-बस) एक चमकता हुआ उदाहरण बन गई हैं। जिसने अपनी सेवा का एक वर्ष से ज्यादा का समय पूरा कर लिया है।
पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस से 19 इलेक्ट्रिक बसें लेह और कारगिल क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं। विभिन्न स्थानीय मार्गों पर चलते हुए, इन ई-बसों ने 10,50,000 किलोमीटर से ज्यादा की प्रभावशाली दूरी तय की है और प्रतिदिन लगभग 1500 यात्रियों की सेवा करती हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये ई-बसें लद्दाख के नाजुक इकोसिस्टम में सकारात्मक योगदान देती हैं। क्योंकि इनसे जीरो टेलपाइप उत्सर्जन, कोई इंजन शोर और कोई कंपन नहीं होता है। यह क्षेत्र की कठिन मौसम की स्थिति को झेलते हुए कार्बन फुटप्रिंट और शोर के स्तर को काफी कम करता है।
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पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सॉल्यूशंस से 19 इलेक्ट्रिक बसें लेह और कारगिल क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं। विभिन्न स्थानीय मार्गों पर चलते हुए, इन ई-बसों ने 10,50,000 किलोमीटर से ज्यादा की प्रभावशाली दूरी तय की है और प्रतिदिन लगभग 1500 यात्रियों की सेवा करती हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये ई-बसें लद्दाख के नाजुक इकोसिस्टम में सकारात्मक योगदान देती हैं। क्योंकि इनसे जीरो टेलपाइप उत्सर्जन, कोई इंजन शोर और कोई कंपन नहीं होता है। यह क्षेत्र की कठिन मौसम की स्थिति को झेलते हुए कार्बन फुटप्रिंट और शोर के स्तर को काफी कम करता है।
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Electric Buses
- फोटो : अमर उजाला
चालू होने के बाद से, इन ई-बसों ने अनुमानित रूप से 25.20 लाख किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को प्रभावी ढंग से कम किया है। यह प्रभाव उनके परिचालन जीवन के अगले 15 वर्षों तक बने रहने की उम्मीद है, जो उनके जीवनकाल के आखिर तक होता है। गौरतलब है कि इन ई-बसों में लगे रीजेनरेटिव ब्रेकिंग समाधान ढलान पर चलते समय ऑनबोर्ड बैटरी को रिचार्ज करके एफिशिएंसी को बढ़ाते हैं।
यात्रियों के आराम को प्राथमिकता देते हुए, ई-बसों में सुविधाएं जैसे कैंटिलीवर माउंटिंग और प्लास्टिक-मोल्डेड सीटें शामिल हैं। यह आकर्षक डिजाइन न सिर्फ ओवरऑल आराम बढ़ाता है, बल्कि सभी आयु वर्ग के यात्रियों के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित करता है। फैक्ट्री-फिटेड कैमरों से लैस ये बसें सभी यात्रियों की लगातार निगरानी करके सुरक्षा बढ़ाती हैं।
यात्रियों के आराम को प्राथमिकता देते हुए, ई-बसों में सुविधाएं जैसे कैंटिलीवर माउंटिंग और प्लास्टिक-मोल्डेड सीटें शामिल हैं। यह आकर्षक डिजाइन न सिर्फ ओवरऑल आराम बढ़ाता है, बल्कि सभी आयु वर्ग के यात्रियों के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित करता है। फैक्ट्री-फिटेड कैमरों से लैस ये बसें सभी यात्रियों की लगातार निगरानी करके सुरक्षा बढ़ाती हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
लद्दाख के बेहद ठंडे के बावजूद, ई-बसों में अत्याधुनिक हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर-कंडीशनिंग सिस्टम है, जो सवारी के दौरान आराम के लिए आंतरिक तापमान को स्थिर रखता है। इससे इन कठिन जलवायु परिस्थितियों में भी यात्रियों का आराम सुनिश्चित होता है।
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) सॉफ्टवेयर इलेक्ट्रिक बसों के इंटेलिजेंट और ऑप्टिमल मैनेंजमेंट को सक्षम करने के लिए सहजता से इंटीग्रेट होता है। यह ऑटोमैटिक तरीके से टाइम-टेबल को ट्रैक करता है, चार्ज की स्थिति की निगरानी करता है, जिससे बैटरी कम होने की चिंता दूर हो जाती है। इसके साथ ही व्हीकल की ड्राइविंग रेंज का आकलन करता है और आवंटित रूट को मैनेज करता है।
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) सॉफ्टवेयर इलेक्ट्रिक बसों के इंटेलिजेंट और ऑप्टिमल मैनेंजमेंट को सक्षम करने के लिए सहजता से इंटीग्रेट होता है। यह ऑटोमैटिक तरीके से टाइम-टेबल को ट्रैक करता है, चार्ज की स्थिति की निगरानी करता है, जिससे बैटरी कम होने की चिंता दूर हो जाती है। इसके साथ ही व्हीकल की ड्राइविंग रेंज का आकलन करता है और आवंटित रूट को मैनेज करता है।