{"_id":"663f20c3ccfed514c7041a27","slug":"electric-bus-in-india-latest-news-green-mobility-electric-mobility-in-india-2024-05-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Electric Bus: लंबी दूरी के रूट पर चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें! बड़े पैमाने पर ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने की योजना","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Electric Bus: लंबी दूरी के रूट पर चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें! बड़े पैमाने पर ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने की योजना
Sat, 11 May 2024 01:09 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 11 May 2024 01:09 PM IST
सार
भारतीय हाईवे पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी! सरकार देश को ग्रीन मोबिलिटी (हरित गतिशीलता) में बदलने में तेजी लाने के अपनी कोशिशों के तहत लंबी दूरी के मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
An electric bus in Karnataka. Image used for representational purpose only.
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय हाईवे पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी! सरकार देश को ग्रीन मोबिलिटी (हरित गतिशीलता) में बदलने में तेजी लाने के अपनी कोशिशों के तहत लंबी दूरी के मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी में है। ताजा पहल का मकसद अंतरराज्यीय यात्री परिवहन है। अनुमानित 12.5 लाख से 14.5 लाख बसें इंटरसिटी या अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालित होती हैं। जिनमें लगभग 2.5 लाख राज्य सरकार-नियंत्रित परिवहन उपयोगिताएं शामिल हैं।
इस समय डीजल पर चलने वाली, इलेक्ट्रिक बसों में बदलाव उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
विज्ञापन
इस समय डीजल पर चलने वाली, इलेक्ट्रिक बसों में बदलाव उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, "लंबे रूट पर इलेक्ट्रिक बसों की व्यवहार्यता आठ-नौ घंटे तक की निरंतर यात्रा के लिए स्थापित की गई है।" उन्होंने कहा कि ऐसी बसों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जबकि फेम इंडिया सब्सिडी योजना के तहत समर्थित इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल वर्तमान में शहर के परिवहन के लिए किया जाता है। लेकिन सरकार इसी तरह की सहायता योजना शुरू कर सकती है या अंतरराज्यीय परिवहन बुनियादी ढांचे के लिए मौजूदा योजना का विस्तार कर सकती है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए, बड़े शहरी केंद्रों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर फास्ट चार्जर सहित हाईवे पर ज्यादा चार्जिंग बुनियादी ढांचा स्थापित किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया, "चार पहिया वाहनों (जैसे कार) के विपरीत लंबी दूरी के परिवहन की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसों में बड़ी और भारी बैटरी लगाई जा सकती हैं। क्योंकि चार्जिंग पर ज्यादा दूरी तय कर सकती हैं। ड्राइविंग रेंज से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रमुख रूट पर फास्ट-चार्जिंग बुनियादी ढांचे को भी बढ़ाया जाएगा।
अधिकारी ने बताया, "चार पहिया वाहनों (जैसे कार) के विपरीत लंबी दूरी के परिवहन की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसों में बड़ी और भारी बैटरी लगाई जा सकती हैं। क्योंकि चार्जिंग पर ज्यादा दूरी तय कर सकती हैं। ड्राइविंग रेंज से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रमुख रूट पर फास्ट-चार्जिंग बुनियादी ढांचे को भी बढ़ाया जाएगा।
सरकार जल्द ही लंबी दूरी के संचालन के लिए राज्य सरकारों द्वारा इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का समर्थन करने के लिए एक रोडमैप विकसित करेगी। इसके अलावा, निजी बस फ्लीट ऑपरेटरों और स्कूलों और कॉलेजों जैसे संस्थागत खरीदारों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारी ने कहा, "स्कूलों की बसें शहरों के भीतर नियंत्रित दूरी पर दिन में मुश्किल से चार घंटे चलती हैं। उन्हें बिजली पर स्विच करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ई-बसों को अपनाने के लिए ज्यादा निजी कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए उपायों पर विचार किया जा रहा है।