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New Tarrif: क्या सस्ती कारों का "द एंड" करेंगे डोनाल्ड ट्रंप, नए नियम से दहशत में क्यों हैं वाहन कंपनियां?
Mon, 13 Jan 2025 09:44 AM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 13 Jan 2025 09:44 AM IST
सार
डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के तहत मैक्सिको और कनाडा से आयात होने वाली सभी वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। इससे अमेरिका में इम्पोर्ट होने वाली सस्ती कारें महंगी हो सकती हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिका में सस्ती कार खरीदने का सपना अब और महंगा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप की मैक्सिको और कनाडा पर नई टैरिफ योजनाएं अमेरिकी ऑटोमोबाइल उद्योग को बड़ा झटका दे सकती हैं। जहां एक ओर अमेरिकी नागरिक पहले से ही महंगे वाहनों की समस्या का सामना कर रहे हैं, वहीं मैक्सिको में बनी कारों पर नए आयात शुल्क की योजना इस चुनौती को और बढ़ा सकती है।
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Modern Luxury Cars
- फोटो : Adobe Stock
सस्ती कारें क्यों होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित?
आज अमेरिका में $30,000 से कम कीमत पर बिकने वाली लगभग एक-तिहाई कारें मैक्सिको में बनती हैं। इनमें निसान सेंट्रा, फोर्ड मैवरिक और अन्य लोकप्रिय कार मॉडल शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दस साल पहले मैक्सिको से आने वाली सस्ती कारों की हिस्सेदारी अमेरिका में लगभग 20% थी, जो अब बढ़कर 33% हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के तहत मैक्सिको और कनाडा से आयातित सभी वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। यह कदम 20 जनवरी 2025 को उनके शपथ ग्रहण के बाद लागू हो सकता है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि उनके पिछले कार्यकाल में किए गए मुक्त व्यापार समझौते (NAFTA) को समाप्त कर दिया जाए।
विशेषज्ञों और डीलरों का मानना है कि यह टैरिफ लागत उपभोक्ताओं पर डाल दी जाएगी, जिससे अमेरिका में सबसे सस्ती कारों और एसयूवी पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा।
आज अमेरिका में $30,000 से कम कीमत पर बिकने वाली लगभग एक-तिहाई कारें मैक्सिको में बनती हैं। इनमें निसान सेंट्रा, फोर्ड मैवरिक और अन्य लोकप्रिय कार मॉडल शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दस साल पहले मैक्सिको से आने वाली सस्ती कारों की हिस्सेदारी अमेरिका में लगभग 20% थी, जो अब बढ़कर 33% हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के तहत मैक्सिको और कनाडा से आयातित सभी वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। यह कदम 20 जनवरी 2025 को उनके शपथ ग्रहण के बाद लागू हो सकता है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि उनके पिछले कार्यकाल में किए गए मुक्त व्यापार समझौते (NAFTA) को समाप्त कर दिया जाए।
विशेषज्ञों और डीलरों का मानना है कि यह टैरिफ लागत उपभोक्ताओं पर डाल दी जाएगी, जिससे अमेरिका में सबसे सस्ती कारों और एसयूवी पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा।
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Kia Carnival MPV Luxury Car
- फोटो : Kia
इन कंपनियां पर होगा सबसे ज्यादा असर
टैरिफ का सबसे ज्यादा असर किआ जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है। किआ के कुछ मॉडल, जैसे किआ फोर्टे और K4, मैक्सिको में बनाए जाते हैं और अमेरिका में आयात किए जाते हैं। किआ की अमेरिका में कुल बिक्री का 18% हिस्सा इन्हीं दो मॉडलों का है।
किआ के अमेरिकी ऑपरेशंस हेड स्टीवन सेंटर ने कहा, "हम सब यहां बहुत बड़ी चिंता में हैं। अगर टैरिफ लगा, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक होगा।"
टैरिफ का सबसे ज्यादा असर किआ जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है। किआ के कुछ मॉडल, जैसे किआ फोर्टे और K4, मैक्सिको में बनाए जाते हैं और अमेरिका में आयात किए जाते हैं। किआ की अमेरिका में कुल बिक्री का 18% हिस्सा इन्हीं दो मॉडलों का है।
किआ के अमेरिकी ऑपरेशंस हेड स्टीवन सेंटर ने कहा, "हम सब यहां बहुत बड़ी चिंता में हैं। अगर टैरिफ लगा, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक होगा।"
Kia Carnival MPV Luxury Car
- फोटो : Kia
कार खरीदने में जेभ होगी ज्यादा ढीली
अमेरिकी बाजार में कारों की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। 2016 में एक नई कार के लिए औसत मासिक भुगतान $500 था, जो अब बढ़कर $700 हो गया है। ऐसे में उपभोक्ता छोटी और सस्ती गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें से अधिकतर गाड़ियां मैक्सिको में बनती हैं।
एक रिसर्च के मुताबिक, टैरिफ लागू होने पर अमेरिका में हर कार की औसत कीमत में $3,000 का इजाफा हो सकता है। यह खबर अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए और भी बुरी हो सकती है, जो पहले ही COVID-19 महामारी के दौरान बढ़ी हुई कीमतों और अन्य वस्तुओं के महंगे होने का सामना कर रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में कारों की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। 2016 में एक नई कार के लिए औसत मासिक भुगतान $500 था, जो अब बढ़कर $700 हो गया है। ऐसे में उपभोक्ता छोटी और सस्ती गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं, जिनमें से अधिकतर गाड़ियां मैक्सिको में बनती हैं।
एक रिसर्च के मुताबिक, टैरिफ लागू होने पर अमेरिका में हर कार की औसत कीमत में $3,000 का इजाफा हो सकता है। यह खबर अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए और भी बुरी हो सकती है, जो पहले ही COVID-19 महामारी के दौरान बढ़ी हुई कीमतों और अन्य वस्तुओं के महंगे होने का सामना कर रहे हैं।
Bashar Al Assad Car Collection
- फोटो : X/@Osint613
मैक्सिको क्यों है ऑटोमोबाइल निर्माण का हब?
मैक्सिको लंबे समय से सस्ती कारों के निर्माण का प्रमुख स्थान रहा है। यहां बड़ी निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन और सस्ती मजदूरी उपलब्ध है। इसके चलते अमेरिकी कंपनियां उत्पादन लागत को कम कर पाती हैं।
हर साल मैक्सिको में लगभग चार मिलियन वाहन बनाए जाते हैं, जिनमें से 70% अमेरिका को निर्यात किए जाते हैं। छोटे सेडान और एसयूवी, जो आमतौर पर उपभोक्ताओं के लिए सस्ते विकल्प होते हैं, मुख्य रूप से मैक्सिको में ही बनाए जाते हैं।
उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते (NAFTA) के तहत अमेरिकी कंपनियों ने सस्ती श्रम दरों और बड़े पैमाने पर उत्पादन की वजह से मैक्सिको का रुख किया। हालांकि, अब ट्रंप की नई टैरिफ योजना इस व्यवस्था को खत्म कर सकती है।
मैक्सिको लंबे समय से सस्ती कारों के निर्माण का प्रमुख स्थान रहा है। यहां बड़ी निर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए पर्याप्त जमीन और सस्ती मजदूरी उपलब्ध है। इसके चलते अमेरिकी कंपनियां उत्पादन लागत को कम कर पाती हैं।
हर साल मैक्सिको में लगभग चार मिलियन वाहन बनाए जाते हैं, जिनमें से 70% अमेरिका को निर्यात किए जाते हैं। छोटे सेडान और एसयूवी, जो आमतौर पर उपभोक्ताओं के लिए सस्ते विकल्प होते हैं, मुख्य रूप से मैक्सिको में ही बनाए जाते हैं।
उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते (NAFTA) के तहत अमेरिकी कंपनियों ने सस्ती श्रम दरों और बड़े पैमाने पर उत्पादन की वजह से मैक्सिको का रुख किया। हालांकि, अब ट्रंप की नई टैरिफ योजना इस व्यवस्था को खत्म कर सकती है।