फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Delivery Driver Sells Business Parcel Worth Rs 20000, Demands Ransom for Return

डिलीवरी ड्राइवर की गुंडागर्दी: ₹20 हजार का पार्सल 'बेचा', फिर वापस करने के लिए मांगे ₹2,000, जानें पूरा मामला

Sat, 09 May 2026 11:22 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 09 May 2026 11:22 PM IST
सार

एक पोस्ट, जो अब वायरल हो चुकी है, में Uber (उबर) के पार्सल डिलीवरी ड्राइवर पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है। इस ऑनलाइन पोस्ट ने लोगों में भारी गुस्सा भड़का दिया है। और कई यूजर्स ने भारत में ऐप-आधारित पार्सल सेवाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई है।

विज्ञापन
Delivery Driver Sells Business Parcel Worth Rs 20000, Demands Ransom for Return
Delivery Driver Ransom - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

एक व्यवसायी ने उबर (Uber) के डिलीवरी ड्राइवर पर जबरन वसूली और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। यूसुफ उंझावाला नामक सोशल मीडिया यूजर ने 'X' पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कैसे एक मामूली डिलीवरी उनके लिए मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक नुकसान का सबब बन गई।

विज्ञापन

क्या है यह पूरा मामला?

यूसुफ उंझावाला ने लगभग 20,000 रुपये की कीमत वाला एक पार्सल भेजने के लिए उबर (Uber) बुक किया था। लेकिन ड्राइवर की नीयत खराब होने के कारण यह डिलीवरी एक डरावने अनुभव में बदल गई:

विज्ञापन
  • ड्राइवर का बहाना: 'विराज' नामक ड्राइवर ने अपनी सुजुकी एक्सेस 125 बाइक पर पार्सल लिया, लेकिन बाद में बुकिंग को "फेल" दिखा दिया।

    विज्ञापन
    विज्ञापन
  • हैरान करने वाला दावा: ड्राइवर ने व्यवसायी से कहा कि उसने वह सामान किसी और को मात्र 2,000 रुपये में बेच दिया है।

  • उगाही की कोशिश: सामान वापस करने के बदले में ड्राइवर ने उसी राशि (2,000 रुपये) की मांग की। जो उसने 'बिक्री' से मिलने का दावा किया था।

सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?

व्यवसायी ने जब ड्राइवर के साथ हुई व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए, तो इंटरनेट पर आक्रोश फैल गया:

  • पुलिस केस की मांग: यूजर्स ने इसे स्पष्ट रूप से चोरी का मामला बताते हुए पुलिस कार्रवाई की सलाह दी।

  • कंपनी की आलोचना: लोगों ने उबर को टैग करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। एक यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि उबर केवल 5,000 रुपये तक के सामान की जिम्मेदारी की बात कहकर पल्ला झाड़ लेगी।

  • तुलना: कुछ लोगों ने इस घटना की तुलना उन ब्रोकरों से की जो गलत जानकारी देकर गायब हो जाते हैं।


क्या उबर ने इस मामले में कोई मदद की?

व्यवसायी के मुताबिक, इतनी बड़ी घटना के बावजूद कंपनी का रवैया निराशाजनक रहा:

  • उबर की प्रतिक्रिया: उंझावाला ने बताया कि उबर इंडिया ने उन्हें केवल एक डायरेक्ट मैसेज (DM) भेजने के अलावा और कोई ठोस मदद नहीं की।

  • मदद का अभाव: 28 घंटे बीत जाने के बाद भी कंपनी मामले को सुलझाने में नाकाम रही।

पार्सल वापस कैसे मिला और व्यवसायी को क्या नुकसान हुआ?

काफी मशक्कत के बाद, व्यवसायी पुलिस की मदद लेने को मजबूर हुए:

  • पुलिस हस्तक्षेप: पुलिस को कॉल करने और दबाव बनाने के बाद, ड्राइवर ने आखिरकार 'अगले दिन' सामान वापस करने की बात मानी और 28 घंटे बाद सामान बरामद हुआ।

  • आर्थिक और मानसिक नुकसान: उंझावाला ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें भारी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ कि उनके ग्राहक को वह सामान तत्काल चाहिए था, जिसे वे समय पर नहीं दे सके, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान हुआ।


यह घटना ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। व्यवसायी ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में केवल कंपनी के भरोसे रहने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाना ही सामान की सुरक्षा का एकमात्र तरीका है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed