Electric Vehicle Scheme: दिल्ली एलजी ने इलेक्ट्रिक वाहन योजना को दी मंजूरी, जानें क्या होंगे फायदे
शहर के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 'दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम 2023' को मंजूरी दे दी है। जानें पूरी डिटेल्स।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यह योजना दिल्ली में 25 या अधिक वाहनों (2W, 3W और 4W, बसों को छोड़कर) वाले एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विस और ई-कॉमर्स कंपनियों पर लागू होती है। इसमें उन लोगों को शामिल किया गया है जो अपनी सर्विस के लिए उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए एप या वेबसाइट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
इसके अलावा, यह योजना राजधानी में इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी सर्विस की शुरुआत के लिए रास्ता साफ करती है। इस पहल के लिए आधिकारिक अधिसूचना बाद में जारी होने की उम्मीद है।
योजना के अनुसार, एग्रीगेटर्स के पास अपने नए बेड़े में 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक 2-पहिया वाहन होने चाहिए। तिपहिया वाहनों के लिए, लक्ष्य छह महीने में 10 प्रतिशत, दो साल में 50 प्रतिशत और चार साल में 100 प्रतिशत है। 4-पहिया वाहनों के लिए, यह 6 महीने में 5 प्रतिशत, तीन साल में 50 प्रतिशत और 5 साल में 100 प्रतिशत है। पुराने और नए सभी एग्रीगेटर्स को 1 अप्रैल, 2030 तक अपने पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों में शिफ्ट करना होगा।
Under the leadership of CM @ArvindKejriwal, Delhi continues to define the future of electric mobility in India.
— Kailash Gahlot (@kgahlot) November 29, 2023
Proud to announce the notification of Delhi Motor Vehicle Aggregator and Delivery Service Provider Scheme 2023.
Delhi becomes the first state to MANDATE all… pic.twitter.com/asB90K5Ln3
सार्वजनिक सुरक्षा- इस योजना में यात्रियों की सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है।
इन पर लागू होगी स्कीम
यह स्कीम दिल्ली में संचालित एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं व ई-कॉमर्स संस्थाओं पर लागू होती है। इसमें वैसी सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिनके बेड़े में 25 या अधिक मोटर वाहन (2 पहिया, 3 पहिया और 4 पहिया, बसों को छोड़कर) हैं। इसके अलावा एप या वेब पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यम का उपयोग उपभोक्ताओं से जुड़ने के लिए करते हैं।
लाइसेंस
सभी मौजूदा या नए ऑपरेटरों को योजना की अधिसूचना के 90 दिन के भीतर या परिचालन शुरू करने से पहले लाइसेंस प्राप्त करना होगा। लाइसेंस पांच साल के लिए वैध होगा, जिसमें वार्षिक शुल्क लागू होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके अतिरिक्त दो वर्ष से कम पुराने वाहनों के लिए 50 फीसदी की छूट का प्रावधान है।
जुर्माना
इस स्कीम में योजना अनुपालन का सख्त प्रावधान है। नियम उल्लंघन पर 5 हजार से 1 लाख रुपये का दंड का प्रावधान है।