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Delhi Traffic Jam: चिराग दिल्ली ट्रैफिक जाम पर हाईकोर्ट सख्त, पीडब्ल्यूडी-डीएमआरसी को दिए निर्देश
Wed, 04 Feb 2026 06:54 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 04 Feb 2026 06:54 PM IST
सार
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को सिविक एजेंसियों और अधिकारियों को साउथ ईस्ट दिल्ली में चिराग दिल्ली क्रॉसिंग पर ट्रैफिक जाम से जुड़ी समस्या को हल करने का निर्देश दिया।
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Delhi Traffic jam
- फोटो : PTI
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विस्तार
चिराग दिल्ली चौराहे पर लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का निर्देश दिया है।
चिराग दिल्ली ट्रैफिक जाम पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
दिल्ली हाई कोर्ट ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के चिराग दिल्ली क्रॉसिंग पर गंभीर ट्रैफिक जाम के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) (डीएमआरसी) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को समस्या सुलझाने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश एक जनहित याचिका (PIL) (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जो एक अधिवक्ता द्वारा दायर की गई थी।
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चिराग दिल्ली ट्रैफिक जाम पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप
दिल्ली हाई कोर्ट ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के चिराग दिल्ली क्रॉसिंग पर गंभीर ट्रैफिक जाम के मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) (डीएमआरसी) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को समस्या सुलझाने के निर्देश दिए हैं।
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यह आदेश एक जनहित याचिका (PIL) (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जो एक अधिवक्ता द्वारा दायर की गई थी।
किन जजों की बेंच ने दिया आदेश
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने की। अदालत ने साफ कहा कि चिराग दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण चौराहे पर लगातार ट्रैफिक जाम आम लोगों के अधिकारों को प्रभावित कर रहा है।
याचिका में क्या उठाया गया मुद्दा
याचिका में बताया गया कि खानपुर से आईटीओ तक, खासकर चिराग दिल्ली इंटरसेक्शन के पास, रोजाना भारी ट्रैफिक जाम लगता है।
याचिकाकर्ता के वकील वकुल शर्मा ने दलील दी कि वे एक प्रैक्टिसिंग लॉयर (कार्यरत वकील) हैं। और उन्हें साकेत कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट सहित कई अदालतों में इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है। यह मार्ग बड़ी संख्या में वकीलों द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है।
लगातार जाम की वजह से अदालत समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। जिससे मुवक्किलों के न्याय के अधिकार पर भी असर पड़ता है।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने की। अदालत ने साफ कहा कि चिराग दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण चौराहे पर लगातार ट्रैफिक जाम आम लोगों के अधिकारों को प्रभावित कर रहा है।
याचिका में क्या उठाया गया मुद्दा
याचिका में बताया गया कि खानपुर से आईटीओ तक, खासकर चिराग दिल्ली इंटरसेक्शन के पास, रोजाना भारी ट्रैफिक जाम लगता है।
याचिकाकर्ता के वकील वकुल शर्मा ने दलील दी कि वे एक प्रैक्टिसिंग लॉयर (कार्यरत वकील) हैं। और उन्हें साकेत कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट सहित कई अदालतों में इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है। यह मार्ग बड़ी संख्या में वकीलों द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है।
लगातार जाम की वजह से अदालत समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। जिससे मुवक्किलों के न्याय के अधिकार पर भी असर पड़ता है।
दिल्ली हाई कोर्ट
- फोटो : ANI
सरकार की दलील क्या रही
दिल्ली सरकार की ओर से पेश स्थायी अधिवक्ता समीर वशिष्ठ ने अदालत को बताया कि मौजूदा समय में चिराग दिल्ली चौराहे पर ट्रैफिक जाम का एक बड़ा कारण दिल्ली मेट्रो से जुड़ा निर्माण कार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस याचिका में डीएमआरसी को सीधे तौर पर पक्षकार नहीं बनाया गया है, जबकि पीडब्ल्यूडी अदालत के समक्ष मौजूद है।
दिल्ली सरकार की ओर से पेश स्थायी अधिवक्ता समीर वशिष्ठ ने अदालत को बताया कि मौजूदा समय में चिराग दिल्ली चौराहे पर ट्रैफिक जाम का एक बड़ा कारण दिल्ली मेट्रो से जुड़ा निर्माण कार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस याचिका में डीएमआरसी को सीधे तौर पर पक्षकार नहीं बनाया गया है, जबकि पीडब्ल्यूडी अदालत के समक्ष मौजूद है।
हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देश
सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि:
सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि:
- पीडब्ल्यूडी, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और डीएमआरसी आपस में समन्वय कर समाधान तय करें
- डीएमआरसी और ट्रैफिक पुलिस एक सप्ताह के भीतर बैठक कर ट्रैफिक जाम का व्यावहारिक हल निकालें
- बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी याचिकाकर्ता को भी दी जाए
राहत की उम्मीद
दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि चिराग दिल्ली जैसे व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर अब ठोस और समन्वित कदम उठाए जाएंगे। अगर संबंधित एजेंसियां समयबद्ध तरीके से काम करती हैं, तो इससे न सिर्फ वकीलों बल्कि आम यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि चिराग दिल्ली जैसे व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर अब ठोस और समन्वित कदम उठाए जाएंगे। अगर संबंधित एजेंसियां समयबद्ध तरीके से काम करती हैं, तो इससे न सिर्फ वकीलों बल्कि आम यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।