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Driving in Hills: गर्मी को छूमंतर करने जा रहे हैं पहाड़? सुरक्षित रोड ट्रिप के लिए अपनाएं ये पांच जरूरी टिप्स
Thu, 13 Jun 2024 02:18 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 13 Jun 2024 02:18 PM IST
सार
यदि आप पहाड़ी क्षेत्रों में गाड़ी चलाना नहीं जानते हैं या यह आपका पहला अनुभव है, तो आपको अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां हम आपको कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं जिसका पहाड़ियों में गाड़ी चलाते समय ध्यान रखना चाहिए। जिससे आप पहाड़ों में एक सुरक्षित और ज्यादा आनंददायक ड्राइव सुनिश्चित कर सकते हैं।
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Car Driving in Hills
- फोटो : Freepik
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विस्तार
मैदानी इलाकों की जला देने वाली गर्मियों में पहाड़ों की ठंड एक सुखद और खुशनुमा एहसास देती है। पहाड़ों की ठंड लोगों को हिल स्टेशनों की सड़क यात्रा पर जाने के लिए प्रेरित करती है। ऐसे में पहाड़ों पर गाड़ी चलाना किसे अच्छा नहीं लगेगा। यह अपने आप में एक अनोखा अनुभव होता है। सुंदर नजारों से भरे रास्ते और खुशनुमा वातावरण लोगों को रोड ट्रिप पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं। हालांकि, अगर आप सावधान नहीं हैं तो इन यात्राओं को खतरनाक बनने में देर नहीं लगती। पहाड़ों में गाड़ी चलाना मैदानी इलाकों की सड़कों पर गाड़ी चलाने से ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है।
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यदि आप पहाड़ी क्षेत्रों में गाड़ी चलाना नहीं जानते हैं या यह आपका पहला अनुभव है, तो आपको अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां हम आपको कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं जिसका पहाड़ियों में गाड़ी चलाते समय ध्यान रखना चाहिए। जिससे आप पहाड़ों में एक सुरक्षित और ज्यादा आनंददायक ड्राइव सुनिश्चित कर सकते हैं।
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सड़क संकेतों का पालन करें
पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय हमेशा सड़क के संकेतों पर पैनी नजर रखें और उनकी सख्ती से पालन करें। याद रखें, पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाना मैदानी इलाकों के मुकाबले कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। और इसके लिए ज्यादा धैर्य और अलर्ट रहने की जरूरत होती है। सड़क के संकेत आपको आगे के रास्ते की स्थिति के बारे में बहुत कुछ बताते हैं और वाहन को कैसे चलाना है, इसका मार्गदर्शन देते हैं। पहाड़ी रास्ते अक्सर संकरे, अप्रत्याशित और कुछ हद तक खतरनाक होते हैं। सतर्क रहने का मतलब है कि आप आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।
पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय हमेशा सड़क के संकेतों पर पैनी नजर रखें और उनकी सख्ती से पालन करें। याद रखें, पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाना मैदानी इलाकों के मुकाबले कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। और इसके लिए ज्यादा धैर्य और अलर्ट रहने की जरूरत होती है। सड़क के संकेत आपको आगे के रास्ते की स्थिति के बारे में बहुत कुछ बताते हैं और वाहन को कैसे चलाना है, इसका मार्गदर्शन देते हैं। पहाड़ी रास्ते अक्सर संकरे, अप्रत्याशित और कुछ हद तक खतरनाक होते हैं। सतर्क रहने का मतलब है कि आप आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहेंगे।
सही गियर में गाड़ी चलाएं
पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय सही गियर में रहना बहुत महत्वपूर्ण है। ऊपर चढ़ते समय गुरुत्वाकर्षण आपके खिलाफ काम करता है और गाड़ी की रफ्तार कम कर देता है। इसलिए, ऐसे में निचले गियर में रहें जिसमें टॉर्क सबसे ज्यादा मिलता है।
वहीं दूसरी तरफ, ढलान पर गाड़ी चलाते समय, कई लोगों को गलतफहमी होती है कि वे गाड़ी को न्यूट्रल में रखकर घिसटते हुए नीचे ला सकते हैं। जो काफी खतरनाक हो सकता है। याद रखें कि कार के गियर स्पीड कंट्रोलर्स की तरह काम करते हैं और जरूरत पड़ने पर आपको ब्रेक लगाने के लिए अतिरिक्त पावर दे सकते हैं। ढलान पर उसी गियर या एक गियर ऊपर रहने की सलाह दी जाती है, जो आप चढ़ते समय इस्तेमाल करते थे। अतिरिक्त गियर होने से आपको इंजन ब्रेकिंग की सुविधा मिलती है। जो पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाने का सबसे प्रभावी तरीका है, खासकर जब आप नीचे उतर रहे हों। अगर आपके पास AMT (ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन) कार है, तो पहाड़ों पर इसे मैनुअल मोड में चलाएं।
पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते समय सही गियर में रहना बहुत महत्वपूर्ण है। ऊपर चढ़ते समय गुरुत्वाकर्षण आपके खिलाफ काम करता है और गाड़ी की रफ्तार कम कर देता है। इसलिए, ऐसे में निचले गियर में रहें जिसमें टॉर्क सबसे ज्यादा मिलता है।
वहीं दूसरी तरफ, ढलान पर गाड़ी चलाते समय, कई लोगों को गलतफहमी होती है कि वे गाड़ी को न्यूट्रल में रखकर घिसटते हुए नीचे ला सकते हैं। जो काफी खतरनाक हो सकता है। याद रखें कि कार के गियर स्पीड कंट्रोलर्स की तरह काम करते हैं और जरूरत पड़ने पर आपको ब्रेक लगाने के लिए अतिरिक्त पावर दे सकते हैं। ढलान पर उसी गियर या एक गियर ऊपर रहने की सलाह दी जाती है, जो आप चढ़ते समय इस्तेमाल करते थे। अतिरिक्त गियर होने से आपको इंजन ब्रेकिंग की सुविधा मिलती है। जो पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाने का सबसे प्रभावी तरीका है, खासकर जब आप नीचे उतर रहे हों। अगर आपके पास AMT (ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन) कार है, तो पहाड़ों पर इसे मैनुअल मोड में चलाएं।
सिर्फ ब्रेक पैडल के बजाय इंजन ब्रेकिंग का करें इस्तेमाल
ढलान पर गाड़ी चलाते समय सिर्फ ब्रेक पैडल के बजाय इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल एक बेहद कारगर तरीका है। ब्रेक पैडल को आधा दबाकर रखने के बजाय, इंजन ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। ब्रेक पैडल का लगातार इस्तेमाल करने से ब्रेक पैड गर्म हो सकते हैं और आखिरकार फेल हो सकते हैं। जिसके नतीजे घातक हो सकते हैं। ढलान पर भी निचले गियर में रहें, जिससे आपको इंजन ब्रेकिंग की सुविधा मिलती रहेगी।
ढलान पर गाड़ी चलाते समय सिर्फ ब्रेक पैडल के बजाय इंजन ब्रेकिंग का इस्तेमाल एक बेहद कारगर तरीका है। ब्रेक पैडल को आधा दबाकर रखने के बजाय, इंजन ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। ब्रेक पैडल का लगातार इस्तेमाल करने से ब्रेक पैड गर्म हो सकते हैं और आखिरकार फेल हो सकते हैं। जिसके नतीजे घातक हो सकते हैं। ढलान पर भी निचले गियर में रहें, जिससे आपको इंजन ब्रेकिंग की सुविधा मिलती रहेगी।
जब तक बहुत जरूरी न हो ओवरटेक करने से बचें
पहाड़ों पर जरूरत से ज्यादा ओवरटेक करने से बचना चाहिए। पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय धैर्य ही असली ज्ञान है। पहाड़ों पर ओवरटेकिंग बहुत पेचीदा काम है और इसे बेहद सावधानी से करने की जरूरत होती है। मोड़ के बीच में कभी भी किसी दूसरे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश न करें। हमेशा एक लंबे और चौड़े हिस्से का इंतजार करें, जहां बिना किसी को परेशानी के वाहन को ओवरटेक करने के लिए पर्याप्त जगह हो।
पहाड़ों पर जरूरत से ज्यादा ओवरटेक करने से बचना चाहिए। पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय धैर्य ही असली ज्ञान है। पहाड़ों पर ओवरटेकिंग बहुत पेचीदा काम है और इसे बेहद सावधानी से करने की जरूरत होती है। मोड़ के बीच में कभी भी किसी दूसरे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश न करें। हमेशा एक लंबे और चौड़े हिस्से का इंतजार करें, जहां बिना किसी को परेशानी के वाहन को ओवरटेक करने के लिए पर्याप्त जगह हो।
लाइट, इंडिकेटर और हार्न का सही ढंग से इस्तेमाल करें
पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय उचित तरीके से लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का इस्तेमाल अनिवार्य शिष्टाचार में से एक है। लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न अन्य ड्राइवरों के साथ बातचीत का एक जरिया होता है। जिससे उन्हें आपके संभावित चाल और संदेशों को समझने में मदद मिलती है। साथ ही, दूसरों के लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का भी पालन करें ताकि उनके इरादे समझ सकें।
पहाड़ों पर लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का सही इस्तेमाल ऐसे कर सकते हैं:
पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय उचित तरीके से लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का इस्तेमाल अनिवार्य शिष्टाचार में से एक है। लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न अन्य ड्राइवरों के साथ बातचीत का एक जरिया होता है। जिससे उन्हें आपके संभावित चाल और संदेशों को समझने में मदद मिलती है। साथ ही, दूसरों के लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का भी पालन करें ताकि उनके इरादे समझ सकें।
पहाड़ों पर लाइट, इंडिकेटर और हॉर्न का सही इस्तेमाल ऐसे कर सकते हैं:
- मोड़ लेने से पहले इंडिकेटर का इस्तेमाल करें: यह अन्य ड्राइवरों को आपके इरादे के बारे में पहले से बता देगा और टकराव की संभावना को कम करेगा।
- अंधेरे मोड़ पर हेडलाइट्स का इस्तेमाल करें: इससे आप आगे का रास्ता बेहतर देख पाएंगे और अन्य ड्राइवरों को भी आपकी उपस्थिति का पता चल जाएगा।
- हॉर्न का सावधानी से इस्तेमाल करें: इसका उपयोग केवल उसी समय करें जब आवश्यक हो, जैसे कि किसी खतरे को रोकने के लिए या अन्य ड्राइवरों को चेतावनी देने के लिए। अत्यधिक हॉर्न बजाने से शोर होता है और विचलित हो सकता है।
- फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें: अगर कोहरा हो तो हेडलाइट्स के साथ फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने से आगे की विजिबिलिटी बेहतर हो सकती है।