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Kolkata Metro: हाईकोर्ट ने कोलकाता मेट्रो की आखिरी ट्रेन का समय बढ़ाने पर दिया जोर, जानिए क्यों
Sat, 04 May 2024 04:58 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 04 May 2024 04:58 PM IST
सार
कोलकाता हाईकोर्ट ने कोलकाता मेट्रो रेलवे प्राधिकरण को एक जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने का निर्देश दिया है।
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Kolkata Metro
- फोटो : PTI
विस्तार
कोलकाता हाईकोर्ट ने कोलकाता मेट्रो रेलवे प्राधिकरण को एक जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने का निर्देश दिया है। जिसमें आखिरी ट्रेन के समय को लगभग 45 मिनट बढ़ाने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कोलकाता में लोकप्रिय उत्तर-दक्षिण मार्ग पर चलने वाली आखिरी मेट्रो ट्रेन शाम 9.40 बजे उत्तर में दम दम और दक्षिण में कवि सुभाष स्टेशन से रवाना होती है।
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याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कोलकाता में लोकप्रिय उत्तर-दक्षिण मार्ग पर चलने वाली आखिरी मेट्रो ट्रेन शाम 9.40 बजे उत्तर में दम दम और दक्षिण में कवि सुभाष स्टेशन से रवाना होती है।
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वकील ने यह भी दावा किया कि देश भर में लगभग सभी अन्य मेट्रो रेल सेवाओं में, आखिरी ट्रेन लगभग रात 11 बजे शुरुआती स्टेशन से रवाना होती है। याचिकाकर्ता ने यात्रियों के हित में कोलकाता मेट्रो रेलवे की आखिरी ट्रेन के समय को 45 से 50 मिनट तक बढ़ाने की मांग की।
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मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुरुवार को कोलकाता मेट्रो प्राधिकरण को याचिकाकर्ता द्वारा किए गए अभ्यावेदन पर विचार करने और अनुरोध की व्यवहार्यता की जांच करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति हीरानमय भट्टाचार्य सहित पीठ ने मेट्रो प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वे इस आदेश को हासिल करने के चार सप्ताह के भीतर, अभ्यावेदन पर विचार करने के बाद अपने फैसले के बारे में याचिकाकर्ता को जवाब भेजें।
अदालत ने कहा कि वह जानती है कि ट्रेनों के समय को निर्धारित करने का निर्णय पूरी तरह से रेलवे प्राधिकरण के पास है। और उसके पास तकनीकी पहलुओं पर जाने की विशेषज्ञता नहीं है। यह कहते हुए कि यह एक बहुत अच्छा सुझाव है, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह यात्रियों की मदद करेगा।