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AI-Traffic Control: बंगलूरू ने बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए अपनाया एआई-पावर्ड सिग्नल, जानें कैसे करता है काम
Wed, 14 Aug 2024 08:03 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 14 Aug 2024 08:03 PM IST
सार
बंगलूरू अपने परेशान करने वाले ट्रैफिक के लिए बदनाम है। बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए, पुलिस ने अपने सिग्नल को कुछ ज्यादा प्रभावी बनाने का फैसला किया है। जानें कैसे काम करेगा यह एआई-पावर्ड सिग्नल सिस्टम।
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Traffic Camera
- फोटो : iStock
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विस्तार
बंगलूरू अपने कभी न खत्म होने वाले और परेशान करने वाले ट्रैफिक के लिए बदनाम है। बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट (यातायात प्रबंधन) के लिए, शहर की पुलिस ने अपने सिग्नल को कुछ ज्यादा प्रभावी बनाने का फैसला किया है। जो वाहनों की बेहतर आवाजाही में सुधार करेगा। अब भीड़भाड़ वाली सड़क पर घंटों खड़े होकर सिग्नल के हरे होने का इंतजार करने के बजाय, बंगलूरू ने एआई द्वारा संचालित स्मार्ट सिग्नल का ऑप्शन चुना है।
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बंगलूरू के केआर मार्केट, टाउन हॉल और केआईएमएस के पास, वाहन गतिविधि नियंत्रण (व्हीकल एक्टिविटी कंट्रोल) (VAC) मॉड्यूल नाम के एक स्मार्ट सिग्नल को रियल-टाइम ट्रैफिक स्थितियों के अनुकूल बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसलिए, सिग्नल बदलने वाले प्री-सेट टाइमर के बजाय, अब वाहन गतिविधि को ट्रैक करने के लिए हर सिग्नल पर एआई कैमरे लगाए गए हैं।
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यह मॉड्यूल कैसे काम करता है?
अगर एक सड़क पर दूसरे की तुलना में ज्यादा वाहन हैं, तो भीड़ को कम करने के लिए सिग्नल हरा हो जाएगा। प्रत्येक सिग्नल पर एक कंट्रोल बॉक्स लगाया जाएगा, जो ऑटोमैटिक तरीके से काम करने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस को मैनुअल कंट्रोल भी अनुमति देगा। ये सिग्नल रियल टाइम के ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करेंगे, सिग्नल समय को ऑटोमैटिक तरीके से एडजस्ट करेंगे और ट्रैफिक के फ्लो में सुधार करेंगे। इससे यात्रियों के इंतजार का समय कम हो जाएगा।
अगर एक सड़क पर दूसरे की तुलना में ज्यादा वाहन हैं, तो भीड़ को कम करने के लिए सिग्नल हरा हो जाएगा। प्रत्येक सिग्नल पर एक कंट्रोल बॉक्स लगाया जाएगा, जो ऑटोमैटिक तरीके से काम करने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस को मैनुअल कंट्रोल भी अनुमति देगा। ये सिग्नल रियल टाइम के ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करेंगे, सिग्नल समय को ऑटोमैटिक तरीके से एडजस्ट करेंगे और ट्रैफिक के फ्लो में सुधार करेंगे। इससे यात्रियों के इंतजार का समय कम हो जाएगा।
खबरों के मुताबिक, ये सिग्नल इंटेलिजेंट सिस्टम हैं जो ऑटोमैटिक तरीके से ट्रैफिक फ्लो का आकलन करेंगे। पहले से सेट किए गए ट्रैफिक सिग्नल रियल टाइम के ट्रैफिक के अनुकूल नहीं हो सकते हैं, जिससे देरी और भीड़भाड़ होती है। इसलिए, इन सिग्नलों को मैसूरु रोड, मगदी रोड, वेस्ट ऑफ कॉर्ड रोड, कनकपुरा रोड, होसुर रोड, तुमकुरु रोड, बंगलूरू रोड, आरवी रोड और बेलारी रोड सहित कुछ जगहों पर लगाए जा रहे हैं।
बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस ने 2022 में 50 जगहों पर एडाप्टिव सिग्नल लगाने का प्रस्ताव दिया था। शहरी भूमि परिवहन निदेशालय (DULT) का अनुमान है कि इन स्मार्ट सिग्नलों के लागू होने के बाद औसत कतार की लंबाई कम हो जाएगी। रिपोर्टों के अनुसार, यह परियोजना जापान सरकार के अनुदान से वित्त पोषित थी। लेकिन महामारी के कारण इसमें देरी हुई और 30 जून, 2021 को एक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इसे फिर से शुरू किया गया।