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Bengaluru Traffic: बंगलूरू ट्रैफिक संकट को लेकर सरकार गंभीर, बना रही है वाहनों के लिए पार्किंग नीति की योजना

Wed, 17 Jul 2024 04:47 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 17 Jul 2024 04:47 PM IST
सार

बंगलूरू में जल्द ही ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए वाहनों के लिए समर्पित पार्किंग नीति बन सकती है। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू दुनिया भर में सबसे धीमी रफ्तार वाले शहरों में छठे स्थान पर है। क्योंकि यहां ट्रैफिक जाम लगभग नियमित रूप से होता है।

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Bengaluru may soon have dedicated parking policy for vehicles to ease traffic jams in city
Bengaluru Traffic Jam - फोटो : PTI

विस्तार

बंगलूरू में जल्द ही ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए वाहनों के लिए समर्पित पार्किंग नीति बन सकती है। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू दुनिया भर में सबसे धीमी रफ्तार वाले शहरों में छठे स्थान पर है। क्योंकि यहां ट्रैफिक जाम लगभग नियमित रूप से होता है। हाल ही के एक अध्ययन से पता चला है कि 2023 में बंगलूरू में 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 28 मिनट और 10 सेकंड का समय लगता है। राज्य सरकार के अनुसार, एक छोटी और लंबी अवधि की पार्किंग नीति शहर को भीड़भाड़ से मुक्त करने में मदद कर सकती है।
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कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में इस विचार का प्रस्ताव रखा। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा कि इस योजना पर राज्य के परिवहन विभाग के साथ-साथ शहर के नागरिक निकाय बृहत बंगलूरू महानगर पालिके (बीबीएमपी) सहित अन्य हितधारकों के साथ चर्चा की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि बंगलूरू की ट्रैफिक समस्या को अकेले पुलिस टीम द्वारा हल नहीं किया जा सकता है।
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बंगलूरू में पार्किंग एक समस्या है, जहां संकरी सड़कें हैं। शहर में नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहन अक्सर ट्रैफिक का कारण बनते हैं। मंत्री ने कहा, "शायद बंगलूरू में जो ट्रैफिक की समस्या दिखाई देती है वह कहीं नहीं देखी जाती है। यहां कोई नीति नहीं है, हमारे यहां जितने वाहन हैं उसके लिए कोई बुनियादी ढांचा नहीं है, साथ ही कोई नियामक तंत्र भी नहीं है। अगर आप किसी भी एक्सटेंशन में जाते हैं, तो वाहन सड़क के दोनों ओर खड़े होते हैं, जिससे वाहनों के गुजरने में मुश्किल होती है। हमें इसके लिए एक नीति की जरूरत है।"

उन्होंने यह भी कहा कि वाहन नियमित रूप से 1,194 सड़कों पर नो-पार्किंग नियम का उल्लंघन करते हैं। सड़कों के दोनों ओर खड़े वाहन पूरे बंगलूरू में समस्या को बढ़ा रहे हैं।
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वाहनों के मालिकों को नो-पार्किंग नियम का उल्लंघन करने से रोकने के लिए, राज्य सरकार भारी जुर्माना लगाने और अपनी नीति में पार्किंग क्षेत्रों को परिभाषित करने का प्रस्ताव कर सकती है। मंत्री को उम्मीद है कि नियमों को सख्ती से लागू करने से शहर को भीड़भाड़ से मुक्ति मिल सकती है। नो-पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ जुर्माना हाल के वर्षों में बढ़ा है।

2022 में, बंगलूरू में 12 लाख से ज्यादा वाहन मालिकों पर 20 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। 2023 में, दर्ज किए गए 11 लाख मामलों में जुर्माने की वसूली बढ़कर 37 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। इस साल शहर में पहले ही पांच लाख से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं और पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला जा चुका है।

मंत्री ने यह भी कहा कि सिर्फ जुर्माना वसूल करने से बंगलूरू की ट्रैफिक समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। मंत्री ने कहा, "अब तक हम सिर्फ जुर्माना लगा रहे हैं या वाहन ले जा रहे हैं," उन्होंने कहा कि इससे भीड़भाड़ को कम करने में मदद नहीं मिली है।

टॉमटॉम के एक हालियाअध्ययन के अनुसार, बंगलूरू में औसत रफ्तार 18 किमी प्रति घंटे थी, जो किसी भी भारतीय शहर से कम है। बंगलूरू में लगभग 23 लाख निजी कारें हैं और हर दिन लगभग 2,000 नए वाहन जुड़ते हैं। बंगलूरू को ट्रैफिक देरी, भीड़भाड़, सिग्नल रुकने, समय की हानि, ईंधन की हानि और संबंधित कारकों के कारण प्रति वर्ष 19,725 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।
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