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Double-Decker Flyover: ऊपर मेट्रो-नीचे वाहन, बंगलूरू का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर जल्द होगा चालू, जानें डिटेल्स
Thu, 13 Jun 2024 06:41 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 13 Jun 2024 06:41 PM IST
सार
बंगलूरू का बहुप्रतीक्षित और पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर आखिरकार बनकर तैयार हो गया है। बंगलूरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने घोषणा की है कि रगीगुड्डा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड (सीएसबी) तक 3.3 किमी का रोड फ्लाईओवर अब पूरा हो गया है।
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- फोटो : Freepik
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विस्तार
बंगलूरू का बहुप्रतीक्षित और पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर आखिरकार बनकर तैयार हो गया है। बंगलूरू मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने घोषणा की है कि रगीगुड्डा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड (सीएसबी) तक 3.3 किमी का रोड फ्लाईओवर अब पूरा हो गया है। यह येलो लाइन (आरवी रोड - बोम्मसांड्रा) पर है।
अधिकारियों के अंतिम निरीक्षण के बाद 15 जून से रगीगुड्डा से सीएसबी तक फ्लाईओवर पर वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
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अधिकारियों के अंतिम निरीक्षण के बाद 15 जून से रगीगुड्डा से सीएसबी तक फ्लाईओवर पर वाहनों को अनुमति दी जाएगी।
फ्लाईओवर में दो लेवल हैं। निचला लेवल वाहनों के लिए और ऊपरी लेवल नम्मा मेट्रो के लिए। इसके अलावा, बीएमआरसीएल सीएसबी जंक्शन पर पांच रैंप का निर्माण कर रहा है। रैंप ए, बी और सी रगीगुड्डा/बीटीएम लेआउट से केआर पुरम और होसूर रोड को जोड़ते हैं। जबकि रैंप डी और ई केआर पुरम को बीटीएम लेआउट और रगीगुड्डा से जोड़ेंगे। रैंप ए, बी और सी जून में खुलेंगे, जबकि डी और ई जून 2025 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BMRCL के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, BL यशवंत चव्हाण के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
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यह फ्लाईओवर सड़क से आठ मीटर ऊपर है। जबकि मेट्रो 16 मीटर ऊंचाई पर चल रही है। इसी तरह के रोड-सह-मेट्रो ढांचे जयपुर, नागपुर और मुंबई जैसे शहरों में पहले से ही इस्तेमाल में हैं। रगीगुड्डा से सीएसबी तक का नया कॉरिडोर सिग्नल-फ्री होगा। जिससे व्यस्त घंटों के दौरान ट्रैफिक की भीड़ को कम किया जा सकेगा।
बंगलूरू के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक, सीएसबी जंक्शन में भी दो नए मेट्रो स्टेशन होंगे। ब्लू लाइन (सीएसबी-केआर पुरम) और येलो लाइन (आरवी रोड-बोम्मसांड्रा)। शुरुआत में इन्हें इंटीग्रेट करने की योजना बनाई गई थी। अब ये स्टेशन अब लगभग 355 मीटर की दूरी पर होंगे और एक ट्रैवलेटर के जरिए जुड़े होंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, बंगलूरू मेट्रो गुरुवार को पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी कॉरिडोर (येलो लाइन: आरवी रोड - बोम्मसांड्रा) पर एक ट्रायल रन चलाएगी। पहले यह 7 जून के लिए निर्धारित थी, जिसे तकनीकी समस्याओं के कारण स्थगित कर दिया गया था। यह ट्रायल रन बंगलूरू के तकनीकी केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहां इंफोसिस और बायोकॉन जैसी कंपनियां हैं।
आरवी रोड से बोम्मसांड्रा तक 18.8 किमी की येलो लाइन मूल रूप से 2021 में खुलने वाली थी। लेकिन इसमें दिसंबर 2024 तक के लिए देर हो गई है। आरडीएसओ द्वारा मेनलाइन परीक्षण में चार महीने लगेंगे। जिसके बाद जनता के लिए खोलने से पहले आगे की मंजूरी की जरूरत होगी। देरी मुख्य रूप से चीन की सीआरआरसी और टीटागढ़ से कोचों के देर से आने के कारण हुई थी।