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Odd-Even: बीएस-III पेट्रोल, बीएस-IV डीजल कारों पर प्रतिबंध बढ़ा, क्या ऑड-ईवन की होगी वापसी?
Mon, 18 Nov 2024 05:35 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 18 Nov 2024 05:35 PM IST
सार
दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। क्योंकि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज 4 तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में यह चर्चा भी होने लगी है कि क्या ऑड-ईवन नियम की वापसी होगी?
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Delhi Traffic
- फोटो : PTI
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विस्तार
दिल्ली में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। क्योंकि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंधों को 18 नवंबर, सोमवार से स्टेज 4 तक बढ़ा दिया गया है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर प्लस श्रेणी में पहुंच गया है और इस मौसम में पहली बार 450 अंक को पार कर गया है क्योंकि पूरे क्षेत्र में भारी धुंध छाई हुई है। GRAP स्टेज 4 का मतलब है कि इस चरण के दौरान दिल्ली एनसीआर में चलने वाले निजी कारों सहित वाहनों पर प्रतिबंध बढ़ जाएगा।
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पिछले सप्ताह GRAP चरण 3 लागू होने के बाद BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर प्रतिबंध लागू किया गया था। मौजूदा उत्सर्जन मानदंडों का पालन न करने वाले इन वाहनों पर प्रतिबंध राष्ट्रीय राजधानी में जारी रहेगा। GRAP चरण 4 ने प्रतिबंध बढ़ा दिया है और अब गैर-आवश्यक वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां इस चरण के दौरान क्या अनुमति है और क्या नहीं है, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई है और साथ ही दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपने वाहन लेकर निकलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसकी भी जानकारी दी गई है।
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क्या आपकी कार को सड़क पर चलने की अनुमति है?
GRAP चरण 4 उन वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित करता है जो मौजूदा उत्सर्जन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। दिशा-निर्देशों के तहत, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर प्रतिबंध है। हालांकि, BS-IV या उससे ऊपर की पेट्रोल कारों और BS-V या उससे ऊपर के सर्टिफिकेशन वाले डीजल वाहनों को बिना किसी प्रतिबंध के चलने की अनुमति होगी। अगर आपके पास CNG या इलेक्ट्रिक वाहन है, तो इस चरण के दौरान आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
GRAP चरण 4 उन वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित करता है जो मौजूदा उत्सर्जन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं। दिशा-निर्देशों के तहत, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर प्रतिबंध है। हालांकि, BS-IV या उससे ऊपर की पेट्रोल कारों और BS-V या उससे ऊपर के सर्टिफिकेशन वाले डीजल वाहनों को बिना किसी प्रतिबंध के चलने की अनुमति होगी। अगर आपके पास CNG या इलेक्ट्रिक वाहन है, तो इस चरण के दौरान आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
अगर आप BS-III पेट्रोल, BS-IV डीजल कारें निकालते हैं तो क्या होगा?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP स्टेज 3 और स्टेज 4 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों पर नकेल कसी है। शुक्रवार को, जब GRAP स्टेज 3 प्रतिबंध लागू किए गए, तो पुलिस ने 550 BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के ट्रैफिक चालान जारी किए। कुल जुर्माना राशि 1 करोड़ रुपये से अधिक थी। मौजूदा गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। जो वाहन सड़क पर चलने के लिए अनुपयुक्त हैं, उन्हें भी जब्त किया जाएगा। 15 नवंबर तक, पुलिस ने 2,200 से अधिक ओवरएज वाहन जब्त किए हैं। इनमें 260 डीजल कारें शामिल हैं जो 10 साल से अधिक पुरानी हैं और लगभग 2,000 पेट्रोल कारें और दोपहिया वाहन हैं जो 15 साल से अधिक पुराने हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRAP स्टेज 3 और स्टेज 4 के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले सभी वाहनों पर नकेल कसी है। शुक्रवार को, जब GRAP स्टेज 3 प्रतिबंध लागू किए गए, तो पुलिस ने 550 BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के ट्रैफिक चालान जारी किए। कुल जुर्माना राशि 1 करोड़ रुपये से अधिक थी। मौजूदा गाइडलाइन का पालन नहीं करने पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। जो वाहन सड़क पर चलने के लिए अनुपयुक्त हैं, उन्हें भी जब्त किया जाएगा। 15 नवंबर तक, पुलिस ने 2,200 से अधिक ओवरएज वाहन जब्त किए हैं। इनमें 260 डीजल कारें शामिल हैं जो 10 साल से अधिक पुरानी हैं और लगभग 2,000 पेट्रोल कारें और दोपहिया वाहन हैं जो 15 साल से अधिक पुराने हैं।
जरूरी दस्तावेज जो आपको साथ रखने चाहिए
जिन वाहनों को GRAP स्टेज 4 प्रतिबंधों से छूट दी गई है, उन्हें भी कुछ दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। जुर्माने से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र रखना जरूरी है। शुक्रवार को दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने वैध PUC प्रमाणपत्र न रखने पर 4,855 वाहनों के चालान काटे। इन वाहन मालिकों से वसूला जाने वाला जुर्माना लगभग 4.8 करोड़ रुपये है। वैध PUC प्रमाणपत्र न रखने पर पुलिस हर वाहन पर 10,000 रुपये का चालान काटेगी।
जिन वाहनों को GRAP स्टेज 4 प्रतिबंधों से छूट दी गई है, उन्हें भी कुछ दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। जुर्माने से बचने के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र रखना जरूरी है। शुक्रवार को दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने वैध PUC प्रमाणपत्र न रखने पर 4,855 वाहनों के चालान काटे। इन वाहन मालिकों से वसूला जाने वाला जुर्माना लगभग 4.8 करोड़ रुपये है। वैध PUC प्रमाणपत्र न रखने पर पुलिस हर वाहन पर 10,000 रुपये का चालान काटेगी।
क्या ऑड-ईवन नियम की वापसी होगी?
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चरम पर पहुंच गया है और इसने राज्य सरकार को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वाहनों की आवाजाही को और सीमित करने के लिए ऑड-ईवन नियम को लागू किया जाए या नहीं। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) जैसी एजेंसियों ने राज्य सरकार से प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए नियम को वापस लाने का आग्रह किया है। आईबीए के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा, "हम आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए ऑड-ईवन नियम लागू करने की सलाह देते हैं। ताकि दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर पर अच्छा प्रभाव देखा जा सके और ईवी और सीएनजी/सीबीजी वाहनों पर सब्सिडी दी जाए। क्योंकि इससे नागरिक हरित ईंधन विकल्पों की ओर रुख करेंगे।" दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय इस पर फैसला लेने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक करेंगे।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चरम पर पहुंच गया है और इसने राज्य सरकार को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वाहनों की आवाजाही को और सीमित करने के लिए ऑड-ईवन नियम को लागू किया जाए या नहीं। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) जैसी एजेंसियों ने राज्य सरकार से प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए नियम को वापस लाने का आग्रह किया है। आईबीए के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा, "हम आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए ऑड-ईवन नियम लागू करने की सलाह देते हैं। ताकि दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर पर अच्छा प्रभाव देखा जा सके और ईवी और सीएनजी/सीबीजी वाहनों पर सब्सिडी दी जाए। क्योंकि इससे नागरिक हरित ईंधन विकल्पों की ओर रुख करेंगे।" दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय इस पर फैसला लेने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक करेंगे।