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Auto Sector: भारत की जीडीपी का इंजन बना ऑटो सेक्टर, 3 करोड़ लोगों को देता है रोजगार, दुनिया का तीसरा बड़ा ऑटो
Sat, 11 Jan 2025 07:31 AM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sat, 11 Jan 2025 07:31 AM IST
सार
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने हाल ही में जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री का दर्जा हासिल किया है। अब भारत से आगे सिर्फ अमेरिका और चीन हैं।
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Car Showroom
- फोटो : iStock
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विस्तार
जल्द ही देश में एक ऐसा मौका आने वाला है, जब भविष्य की कारों और मोबिलिटी के नए आयाम सामने होंगे। इस महीने शुरू हो रहा ऑटो एक्सपो 2025 (भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो) सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि देश की ऑटो इंडस्ट्री की ताकत का प्रदर्शन भी करेगा। क्या आपने कभी सोचा है कि ऑटो सेक्टर किसी भी देश के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है? भारत में यह न केवल 3 करोड़ लोगों को रोजगार देता है, बल्कि देश की जीडीपी को रफ्तार देने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारत का नाम भी रोशन करता है।
दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटो इंडस्ट्री
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने हाल ही में जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री का दर्जा हासिल किया है। अब भारत से आगे सिर्फ अमेरिका और चीन हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस बात पर जोर दिया था कि भारत का ऑटो सेक्टर दुनिया में नंबर-1 बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सफर सातवें स्थान से तीसरे स्थान तक हाल के कुछ वर्षों में ही पूरा हुआ है, जो देश की प्रगति और पोटेंशियल को दर्शाता है।
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दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटो इंडस्ट्री
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने हाल ही में जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री का दर्जा हासिल किया है। अब भारत से आगे सिर्फ अमेरिका और चीन हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में इस बात पर जोर दिया था कि भारत का ऑटो सेक्टर दुनिया में नंबर-1 बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह सफर सातवें स्थान से तीसरे स्थान तक हाल के कुछ वर्षों में ही पूरा हुआ है, जो देश की प्रगति और पोटेंशियल को दर्शाता है।
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Audi Q7 Luxury Car
- फोटो : Audi India
भारत की जीडीपी की रीढ़ बना ऑटो सेक्टर
भारत के ऑटो सेक्टर का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में बेहद खास है। देश की कुल जीडीपी में ऑटो सेक्टर की हिस्सेदारी लगभग 7% है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जीडीपी में यह 40% का बड़ा हिस्सा रखता है। यही नहीं, यह सेक्टर भारत के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है।
सरकार की कमाई में भी इस सेक्टर का अहम योगदान है। जीएसटी से होने वाली कुल आय का 14-15% हिस्सा ऑटो इंडस्ट्री से आता है। यानी अगर जीएसटी से 100 रुपए कमाए जाते हैं, तो उसमें से 15 रुपए सिर्फ इस सेक्टर से आते हैं। इसके अलावा, ऑटो इंडस्ट्री का कुल मार्केट साइज 20 से 22 लाख करोड़ रुपए का है, जो इसे भारत के सबसे बड़े उद्योगों में से एक बनाता है।
भारत के ऑटो सेक्टर का योगदान देश की अर्थव्यवस्था में बेहद खास है। देश की कुल जीडीपी में ऑटो सेक्टर की हिस्सेदारी लगभग 7% है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जीडीपी में यह 40% का बड़ा हिस्सा रखता है। यही नहीं, यह सेक्टर भारत के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है।
सरकार की कमाई में भी इस सेक्टर का अहम योगदान है। जीएसटी से होने वाली कुल आय का 14-15% हिस्सा ऑटो इंडस्ट्री से आता है। यानी अगर जीएसटी से 100 रुपए कमाए जाते हैं, तो उसमें से 15 रुपए सिर्फ इस सेक्टर से आते हैं। इसके अलावा, ऑटो इंडस्ट्री का कुल मार्केट साइज 20 से 22 लाख करोड़ रुपए का है, जो इसे भारत के सबसे बड़े उद्योगों में से एक बनाता है।
MG Windsor
- फोटो : JSW MG Motor India
रोजगार का मजबूत स्तंभ
भारत का ऑटो सेक्टर देशभर में लगभग 3 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, सेल्स, सर्विस, और सप्लाई चेन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। यह न केवल लोगों की आजीविका का जरिया है, बल्कि देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना को भी मजबूत करता है।
वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान
ऑटो सेक्टर न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारत का नाम ऊंचा कर रहा है। भारत आज दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर और थ्री-व्हीलर्स बनाने वाला देश है। दोपहिया वाहनों के उत्पादन में भारत का स्थान दूसरा है। इसके अलावा, जेसीबी जैसे कंस्ट्रक्शन उपकरणों के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार है।
भारत का ऑटो सेक्टर देशभर में लगभग 3 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, सेल्स, सर्विस, और सप्लाई चेन जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। यह न केवल लोगों की आजीविका का जरिया है, बल्कि देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना को भी मजबूत करता है।
वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान
ऑटो सेक्टर न केवल घरेलू स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारत का नाम ऊंचा कर रहा है। भारत आज दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक्टर और थ्री-व्हीलर्स बनाने वाला देश है। दोपहिया वाहनों के उत्पादन में भारत का स्थान दूसरा है। इसके अलावा, जेसीबी जैसे कंस्ट्रक्शन उपकरणों के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा बाजार है।
Car Service
- फोटो : Freepik
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा निर्माता है। यह उपलब्धियां इस बात का सबूत हैं कि भारत का ऑटो सेक्टर न केवल घरेलू बाजार की जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ रहा है। ऑटो सेक्टर के विकास की यह कहानी यहीं नहीं रुकती। ऑटो एक्सपो 2025 जैसे आयोजन देश में नई तकनीकों, इलेक्ट्रिक वाहनों और भविष्य की मोबिलिटी सॉल्यूशंस को सामने लाने का जरिया बनेंगे। भारत का यह सेक्टर आने वाले वर्षों में और भी बड़े मुकाम हासिल करने की क्षमता रखता है।