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चेतावनी: दिल्ली में पुरानी पेट्रोल, डीजल कारों को कबाड़ में दें, नहीं तो देना होगा भारी जुर्माना
Wed, 16 Jun 2021 07:24 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 16 Jun 2021 07:24 PM IST
सार
परिवहन विभाग का नया आदेश, 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है, जिसमें दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
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15 years old vehicles scrap
- फोटो : For Representation Only
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल है। यह कोई नई जानकारी नहीं है। लेकिन इस जानकारी का नतीजा यह है कि अधिकारियों ने इस खतरनाक समस्या से निपटने में मदद करने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में खतरनाक हो चुके वायु प्रदूषण के हाई लेवल तक पहुंच जाने के कई कारण हैं। लंबे समय से शहर में चल रहीं पुरानी कारों को इस समस्या के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता रहा है। अब दिल्ली एक बार फिर इन वाहनों पर निशाना साध रही है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि दिल्ली परिवहन विभाग ने हाल ही में एलान किया था कि 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों या 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वास्तव में, इतना ही नहीं, अधिकारियों ने कहा कि बड़ा जुर्माना लगाने के अलावा, उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा और / या स्क्रैप कर दिया जाएगा।
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सरकार ने दी हिदायत
scrap chauhan
हालांकि दिल्ली परिवहन विभाग ने आश्वासन दिया है कि वह अभी ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई आधिकारिक अभियान नहीं चला रहा है, जो इतनी पुरानी हो गई हैं और कानूनी रूप से चलाने के लिए अवैध हैं। विभाग ने कहा है कि इससे पहले की गई घोषणा सिर्फ वाहन मालिकों को यह सूचित करने के लिए है कि इन गैर-अनुपालन वाले वाहनों को स्क्रैप करा दिया जाए यानी कबाड़ में दे दिया जाए। बता दें कि दिल्ली सरकार ने पांच स्क्रैपर्स को वाहनों को स्क्रैप करने का लाइसेंस दिया है।
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सार्वजनिक नोटिस का यह है मकसद
Delhi Traffic
- फोटो : अमर उजाला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया, "हालांकि इस समय कोई विशेष अभियान की योजना नहीं है, हम चाहते हैं कि वाहन मालिक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने वाहनों को स्क्रैप करवा दें और सार्वजनिक नोटिस इस बात को दोहराता है।" उन्होंने कहा, "हालांकि दिल्ली में एक करोड़ से ज्यादा पंजीकृत वाहन हैं, लेकिन 'सड़क पर' चलने वाले वाहनों की वास्तविक संख्या लगभग 70 लाख है। 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों की संख्या 35 लाख है और लगभग 3 लाख डीजल से चलने वाले वाहन हैं जो 10 साल से पुराने हैं।"
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
Delhi Traffic
- फोटो : अमर उजाला
2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने शहर में प्रदूषण के स्तर को रोकने में मदद करने की कोशिश के तहत दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। आदेश के मुताबिक परिवहन विभाग को राष्ट्रीय राजधानी में चलने वाले ऐसे किसी भी वाहन को जब्त करने का भी निर्देश दिया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में चलने वाले लगभग 3.5 लाख वाहन स्क्रैपिंग में देने के लायक हैं। इस साल 30 मई तक राष्ट्रीय राजधानी में 2,831 वाहनों को कबाड़ में दे दिया गया था। यह संख्या उन पुराने वाहनों के 1 फीसदी से भी कम है जो स्क्रैपिंग में देने के लायक हैं।
दिल्ली-एनसीआर में चलने वाले लगभग 3.5 लाख वाहन स्क्रैपिंग में देने के लायक हैं। इस साल 30 मई तक राष्ट्रीय राजधानी में 2,831 वाहनों को कबाड़ में दे दिया गया था। यह संख्या उन पुराने वाहनों के 1 फीसदी से भी कम है जो स्क्रैपिंग में देने के लायक हैं।