NGT ने तेल कंपनियों के BS-1 और BS-2 वाहनों पर लगाई रोक
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनियों को आदेश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल पंप को आपूर्ति करने वाले भारत स्टेज (बीएस)-1 और बीएस -2 उत्सर्जन मानक वाले तेल टैंकर चलवाना बंद करें।
एनजीटी का यह आदेश तब आया, जब तेल कंपनियों से जुड़े वेंडर्स पीठ से नए उत्सर्जन मानक बीएस-4 वाले डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन की अनुमति मांग रहे थे।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण के मुख्य मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया है। पीठ ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड को कहा है कि वे तत्काल प्रभाव से ऐसे वाहनों पर प्रतिबंध लगाएं।
राहत के मामले में SC करेगा सुनवाई : NGT
प्रधान पीठ ने कंपनियों के अलावा संयुक्त पुलिस कमिश्नर को भी ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। हाल ही में प्रधान पीठ ने इन सभी तेल कंपनियों से पूछा था कि वे बताएं कि मौजूदा समय में कंपनी डिपो से चिन्हित पेट्रोल पंप तक पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति के लिए जिन तेल टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा है उनमें कितने वाहन 10 साल से ज्यादा पुराने हैं।
इससे पहले एनजीटी में तेल कंपनियों के खिलाफ याचिका दाखिल कर यह भी कहा गया था कि कंपनियां तेल आपूर्ति के लिए जिन डीजल वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं उनमें अधिकांश दस वर्ष से ज्यादा पुराने हैं।
सुनवाई के दौरान वेंडर्स ने बीएस-3 वाहनों के लिए राहत की मांग भी की थी। हालांकि एनजीटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर आदेश दिया है यदि वेंडर्स आदेश में बदलाव या राहत चाहते हैं तो वे सुप्रीम कोर्ट में ही फरियाद करें।