Hyundai Motors पर लगा ग्राहकों से धोखाधड़ी का आरोप, एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस ने Hyundai Motors के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली की एक निचली अदालत को बताया कि ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने के एक मामले में यह एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि कंपनी ने ग्राहकों को एक कंपनी की सीएनजी किट खरीदने के लिए कहा था, साथ ही चेतावनी भी दी थी कि ऐसा न करने पर उनकी वारंटी खत्म हो जाएगी।
अधिकतम उम्रकैद की सजा
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ मलिक के सामने रिपोर्ट फाइल करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने कंपनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), और धारा 34 (आपराधिक इरादे) के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं इस मामले में कंपनी ने भी सफाई पेश की है। ह्यूंदै मोटर्स का कहना है कि एक जिम्मेदार कंपनी होने के नाते वह इस मामले को हल करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
अवैध तरीके से पैसे की उगाही
पुलिस ने अपनी एफआईआर में सीईवी इंजीनियर्स प्रा. लि का नाम भी दर्ज किया है। यह वही कंपनी है जिसकी किट लगाने के लिए ह्यूंदै ने अपने ग्राहकों को बोला था। पुलिस ने ये एफआईआर अदालत के 22 अक्टूबर के आदेश के बाद दर्ज की है। एफआईआर में दावा किया गया है कि सीईवी इंजीनियर्स ने गैरकानूनी तरीके से अपनी सीएनजी किट बेचने के लिए ह्यूंदै मोटर्स के साथ साजिश रची और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की और अवैध तरीके से पैसे की उगाही की। एफआईआर में कहा गया है कि यह सुनियोजित तरीके से रची गई साजिश थी और गैरकानूनी तरीके से पैचा कमाने के लिए रची गई थी।
दी खराब किट
शिकायतकर्ता वकील विनय कुमार जैन ने इसी साल मार्च में ह्यूंदै की कार खरीदी थी, कंपनी ने ग्राहक से कहा कि वह केवल सीईवी इंजीनियर्स से ही सीएनजी किट इंस्टॉल कराए, अन्यथा उसे वाहन पर वारंटी नहीं मिलेगी। शिकायतकर्ता का कहना है कि इंस्टॉल की गई सीएनजी किट गड़बड़ी थी और बार-बार सर्विस सेंटर जाने के बावजूद उसे ठीक नहीं किया गया। जैन का कहना है कि सीईवी इंजी. को सीएनजी किट लगाने के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग से भी मंजूरी मिली है और उसके बारे में यह प्रचारित है कि कंपनी ह्यूंदै मोटर्स इंडिया से संचालित है।
परिवहन विभाग के दस्तावेजों से हुआ खुलासा
उनका दावा है कि दिल्ली परिवहन विभाग से मिले दस्तावेजों के मुताबिक ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि कंपनी केवल ह्यूंदै के वाहनों में ही सीएनजी किट लगाएगी। इससे पहले अदालत ने कहा था कि रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि प्रथम दृष्टया कंपनी यह दिखाते हुए धोखा देने की कोशिश कर रही थी कि वह केवल ह्यूंदै की कारों में ही सीएनजी किट इंस्टॉल करती है और इसके लिए अधिकृत है। जिसके बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को जांच करने का आदेश दिया था।