Airbus की इस एक तकनीक से 20% सस्ती होगी हवाई यात्रा, प्रदूषण पर लगेगी लगाम
यूरोप की विमान बनाने वाली दिग्गज कंपनी एयरबस (Airbus) ने सिंगापुर एयर शो में ब्लेंडेड विंग बॉडी वाले विमान की डिजाइन दिखाई है। कंपनी का दावा है कि ब्लेंडेड विंग एयरलाइनर डिजाइन से कार्बन इमिशन में 20 फीसदी की गिरावट आएगी। कंपनी का कहना है कि सिंगल आइल वाले मॉर्डन एयरक्रॉफ्ट की तुलना में 2 मीटर लंबे और 3.2 मीटर चौड़े इस विमान में 20 फीसदी कम ईधन की खपत होगी। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस विमान में विंग की डिजाइन पारंपरिक विमान से अलग बनाया गया है। इस बदलाव से विमान को उड़ाना आसान हो जाता है। रिपोर्ट्स की मानें तो Airbus पिछले साल जून से ही सेंट्रल फ्रांस में इस विमान का परीक्षण कर रही है। कंपनी का यह परिक्षण गोपनीय है। Airbus इस विमान का 'मैवेरिक' कोड नेम से परिक्षण कर रही है।
किफायती होगी विमान की सवारी
Airbus के इस परीक्षण के पीछे एक बड़ा कारण किफायत को बढ़ाना है। कंपनी का कहना है कि इस नई तकनीक से 20 फीसदी ज्यादा किफायती हो जाएगी विमान की सवारी।
प्रदूषण पर लगेगी लगाम
Airbus का लक्ष्य है कि साल 2050 तक वो 2005 लेवल के मुकाबले 50 फीसदी तक कॉर्बन इमिशन को कम कर सके। कंपनी का मानना है कि ब्लैंडेड-विंग एयरक्रॉफ्ट और नई तकनीक की मदद से वो अपने इस लक्ष्य को 2050 तक आसानी से हासिल कर लेगी।
रिमोट-कंट्रोल्ड मॉडल पर होगी टेस्टिंग
Airbus फ्लाइट-टेस्ट कैंपेन को मिड-2020 रिमोट-कंट्रोल्ड मॉडल यूनिट के साथ जारी रखना चाहती है। इसका सब-स्केल टेस्ट ऑर्टिकल 2 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है। इसके अलावा इसमें 24sq ft का सरफेस एरिया दिया गया है।
सुरक्षा, प्रदूषण और किफायत बनाता है खास
इस पूरी प्रक्रिया के पीछे तीन बातों का सबसे ज्यादा ख्याल रखा गया है। इनमें सुरक्षा,प्रदूषण और किफायत शामिल है। कंपनी का कहना है कि नई तकनीक की मदद से आने वाले समय में विमान यात्रा के दौरान लोग ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। इसके अलावा कम प्रदूषण के साथ ज्यादा किफायत हवाई यात्रा को पहले के मुकाबले और भी शानदार बनाएगा।