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Aston Martin: घाटा बढ़ा तो Aston Martin ने उठाया बड़ा कदम, F1 नामकरण अधिकारों की बिक्री
Mon, 23 Feb 2026 07:34 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 23 Feb 2026 07:34 PM IST
सार
बढ़ते नुकसान, कमजोर डिमांड और गिरती डिलीवरी के बीच फाइनेंस को मजबूत करने के लिए एस्टन मार्टिन F1 टीम के नेमिंग राइट्स 50 मिलियन पाउंड में बेचेगी।
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Aston Martin Valkyrie LM
- फोटो : Aston Martin
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विस्तार
लग्जरी कार निर्माता Aston Martin (एस्टन मार्टिन) ने अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपनी फॉर्मूला वन (F1) टीम के स्थायी नामकरण अधिकार लगभग 50 मिलियन पाउंड (करीब 6.13 अरब रुपये) में बेचने की योजना बना रही है।
यह डील किसे और क्यों की जा रही है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नामकरण अधिकार एएमआर जीपी होल्डिंग्स को ट्रांसफर किए जाएंगे, जो एस्टन मार्टिन की F1 टीम का संचालन करती है। कंपनी का कहना है कि यह सौदा लिक्विडिटी बढ़ाने के मकसद से किया जा रहा है, क्योंकि कारोबार लगातार वित्तीय दबाव से जूझ रहा है।
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यह डील किसे और क्यों की जा रही है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नामकरण अधिकार एएमआर जीपी होल्डिंग्स को ट्रांसफर किए जाएंगे, जो एस्टन मार्टिन की F1 टीम का संचालन करती है। कंपनी का कहना है कि यह सौदा लिक्विडिटी बढ़ाने के मकसद से किया जा रहा है, क्योंकि कारोबार लगातार वित्तीय दबाव से जूझ रहा है।
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Aston Martin पर वित्तीय दबाव कितना गहरा है?
इस घोषणा के साथ जारी ट्रेडिंग अपडेट में कंपनी ने चेतावनी दी कि उसका पूरा साल का घाटा बाजार अनुमान से ज्यादा हो सकता है। इस खबर के बाद शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 4.4 प्रतिशत गिरकर 57 पेंस पर आ गए।
कंपनी को खासतौर पर चीन और नॉर्थ अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में कमजोर मांग का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, टैरिफ से जुड़ा दबाव भी मुनाफे पर असर डाल रहा है। अक्तूबर में एस्टन मार्टिन ने नई गाड़ियों के कुछ प्रोजेक्ट्स में निवेश घटा दिया था। और इसकी वजह चीन में बेहद सुस्त मांग और यूके ऑटो इंडस्ट्री की चुनौतियां बताई गई थीं।
इस घोषणा के साथ जारी ट्रेडिंग अपडेट में कंपनी ने चेतावनी दी कि उसका पूरा साल का घाटा बाजार अनुमान से ज्यादा हो सकता है। इस खबर के बाद शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 4.4 प्रतिशत गिरकर 57 पेंस पर आ गए।
कंपनी को खासतौर पर चीन और नॉर्थ अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में कमजोर मांग का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, टैरिफ से जुड़ा दबाव भी मुनाफे पर असर डाल रहा है। अक्तूबर में एस्टन मार्टिन ने नई गाड़ियों के कुछ प्रोजेक्ट्स में निवेश घटा दिया था। और इसकी वजह चीन में बेहद सुस्त मांग और यूके ऑटो इंडस्ट्री की चुनौतियां बताई गई थीं।
शेयरधारकों का समर्थन कैसे मिला?
चूंकि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन है क्योंकि कंपनी के चेयरमैन लॉरेंस स्ट्रोल अप्रत्यक्ष रूप से AMR GP को कंट्रोल करते हैं। इसलिए इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।
कंपनी के मुताबिक, 54 प्रतिशत शेयर पूंजी का प्रतिनिधित्व करने वाले निवेशकों ने पहले ही इस डील के समर्थन का भरोसा दिया है। इनमें शामिल हैं:
चूंकि यह सौदा रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन है क्योंकि कंपनी के चेयरमैन लॉरेंस स्ट्रोल अप्रत्यक्ष रूप से AMR GP को कंट्रोल करते हैं। इसलिए इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।
कंपनी के मुताबिक, 54 प्रतिशत शेयर पूंजी का प्रतिनिधित्व करने वाले निवेशकों ने पहले ही इस डील के समर्थन का भरोसा दिया है। इनमें शामिल हैं:
- यू ट्री कंसोर्टियम (लॉरेंस स्ट्रोल का समूह)
- गीली
- मर्सिडीज-बेंज
इससे पहले कंपनी ने पूंजी जुटाने के लिए क्या कदम उठाए थे?
F1 टीम के नामकरण अधिकार बेचने का फैसला, इस साल किए गए अन्य पूंजी जुटाने के प्रयासों के बाद आया है। इससे पहले लॉरेंस स्ट्रोल ने कंपनी में 162 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसके अलावा, एस्टन मार्टिन ने मार्च में F1 टीम में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर भी सहमति जताई थी।
F1 टीम के नामकरण अधिकार बेचने का फैसला, इस साल किए गए अन्य पूंजी जुटाने के प्रयासों के बाद आया है। इससे पहले लॉरेंस स्ट्रोल ने कंपनी में 162 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। इसके अलावा, एस्टन मार्टिन ने मार्च में F1 टीम में अपनी हिस्सेदारी बेचने पर भी सहमति जताई थी।
वाहन डिलीवरी में गिरावट क्यों आई?
25 फरवरी को आने वाले सालाना नतीजों से पहले कंपनी ने बताया कि उसकी वाहन डिलीवरी साल-दर-साल करीब 10 प्रतिशत घट गई है। इसका मुख्य कारण हाई-मार्जिन स्पेशल एडिशन मॉडल्स की कम डिलीवरी बताया गया है।
हालांकि, कंपनी का अनुमान है कि उसका एडजस्टेड ऑपरेटिंग लॉस एनालिस्ट्स के अनुमान के निचले स्तर से थोड़ा कम रह सकता है। बाजार विश्लेषकों ने यह घाटा 139 मिलियन पाउंड से 184 मिलियन पाउंड के बीच रहने का अनुमान लगाया था।
25 फरवरी को आने वाले सालाना नतीजों से पहले कंपनी ने बताया कि उसकी वाहन डिलीवरी साल-दर-साल करीब 10 प्रतिशत घट गई है। इसका मुख्य कारण हाई-मार्जिन स्पेशल एडिशन मॉडल्स की कम डिलीवरी बताया गया है।
हालांकि, कंपनी का अनुमान है कि उसका एडजस्टेड ऑपरेटिंग लॉस एनालिस्ट्स के अनुमान के निचले स्तर से थोड़ा कम रह सकता है। बाजार विश्लेषकों ने यह घाटा 139 मिलियन पाउंड से 184 मिलियन पाउंड के बीच रहने का अनुमान लगाया था।
क्या 2026 में Aston Martin की वापसी संभव है?
एस्टन मार्टिन को अब 2026 से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि उसकी Valhalla हाइपरकार की लगभग 500 यूनिट डिलीवरी, साथ ही सख्त कॉस्ट कंट्रोल उपाय, भविष्य में वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद करेंगे।
कुल मिलाकर, F1 टीम के नामकरण अधिकार बेचने का फैसला एस्टन मार्टिन की उस रणनीति का हिस्सा है। जिसके जरिए कंपनी मौजूदा चुनौतियों से निकलकर आने वाले वर्षों में स्थिरता और मुनाफे की राह पर लौटना चाहती है।
एस्टन मार्टिन को अब 2026 से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी का मानना है कि उसकी Valhalla हाइपरकार की लगभग 500 यूनिट डिलीवरी, साथ ही सख्त कॉस्ट कंट्रोल उपाय, भविष्य में वित्तीय स्थिति सुधारने में मदद करेंगे।
कुल मिलाकर, F1 टीम के नामकरण अधिकार बेचने का फैसला एस्टन मार्टिन की उस रणनीति का हिस्सा है। जिसके जरिए कंपनी मौजूदा चुनौतियों से निकलकर आने वाले वर्षों में स्थिरता और मुनाफे की राह पर लौटना चाहती है।