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Hindi News ›   Automobiles News ›   10 Useless Car Accessories that makes vehicle Funny and stupid car care tips

Useless Car Accessories: ये हैं 10 यूजलेस कार एक्सेसरीज, जिनका कार में नहीं होता कोई काम

Sat, 04 May 2024 01:37 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 04 May 2024 01:37 PM IST
सार

कार में कस्टमाइजेशन का चलन भारत में काफी लोकप्रिय है, भले ही ये गैरकानूनी है। यहां हम आपको ऐसे ही 10 बेकार सामानों के बारे में बता रहे हैं, जिनका गाड़ियों में लगाने का कोई मतलब नहीं।

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10 Useless Car Accessories that makes vehicle Funny and stupid car care tips
Useless Car Accessories - फोटो : iStock

विस्तार

कार में कस्टमाइजेशन का चलन भारत में काफी लोकप्रिय है, भले ही ये गैरकानूनी है। गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स बेचने वाली दुकानों में विंडस्क्रीन टिंट से लेकर सस्पेंशन तक कई तरह के सामान मिलते हैं। लेकिन, कुछ लोग सिर्फ दिखावे के लिए गाड़ी में ऐसे सामान लगवा लेते हैं, जिनका कोई फायदा नहीं होता। बल्कि उल्टा नुकसान ही होता है। यहां हम आपको ऐसे ही 10 बेकार सामानों के बारे में बता रहे हैं, जिनका गाड़ियों में लगाने का कोई मतलब नहीं।
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बड़े व्हील और टायर
बड़े और चौड़े व्हील व टायर अच्छे तो लगते हैं, लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए ही काम आते हैं। गाड़ी को बनाने में बहुत सी इंजीनियरिंग का इस्तेमाल होता है। इसीलिए कंपनी गाड़ी के लिए खास साइज के टायर देती है। टायर की चौड़ाई को थोड़ा बढ़ाना ठीक है, लेकिन इससे ज्यादा बढ़ाने से गाड़ी चलाने में दिक्कत होती है और माइलेज भी कम हो जाता है।
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सफेद हेडलाइट्स
आजकल की ट्रेंड के बारे में बात करें तो सफेद एलईडी लाइट्स बहुत सी गाडियों में नजर आते हैं। ज्यादातर दुकानदार आपको ये कहकर बेचेंगे कि महंगी गाड़ियों में भी यही लगती हैं। पर असलियत में ऐसा नहीं है। ज्यादातर गाड़ियां जो हैलोजन हेडलाइट्स के साथ आती हैं, वो एलईडी लाइट्स के लिए नहीं बनी होतीं। इनमें लगे रिफ्लेक्टर एलईडी बल्बों के लिए नहीं बनाए गए होते हैं। साथ ही, सफेद रोशनी में रात के समय कम ही दिखाई देता है। खासकर के हमारे देश में, जहां रात में भी विजिबिलिटी नहीं होती। ये सफेद हेडलाइट्स सिर्फ सामने से आने वाली गाड़ियों के लिए भी देखने में परेशानी खड़ा करती हैं।
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क्रैश बार
दुनिया में शायद सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है जहां हम टक्कर के समय गाड़ी की रक्षा करने वाले बंपर की ही सुरक्षा करते हैं। क्रैश बार हमेशा से मशहूर रहे हैं और प्रतिबंध के बावजूद ये अभी भी लोकप्रिय हैं। क्रैश बार लगाने से ना सिर्फ दुर्घटना की स्थिति में पैदल चलने वालों को चोट लगती है बल्कि गाड़ी को भी नुकसान पहुंचता है। और एयरबैग खुलने वाले सेंसर भी खराब हो जाते हैं।

नकली एग्जॉस्ट
V8 इंजन वाली गाड़ी में चार एग्जॉस्ट पाइप अच्छे लगते हैं। लेकिन ये ज्यादातर भारतीय गाड़ियों में नहीं होते। लेकिन कुछ लोगों को इससे फर्क नहीं पड़ता। वे गाड़ी को स्पोर्टी दिखाने के लिए नकली एग्जॉस्ट लगवा लेते हैं। ये दिखने में भले ही अच्छा लगे, लेकिन ये पूरी तरह से बेकार है।

स्टीयरिंग नॉब
स्टीयरिंग नॉब असल में एक ऐसी समस्या का समाधान है जो है ही नहीं। गाड़ी के पहियों और टायरों की तरह ही, स्टीयरिंग के साइज, चौड़ाई, बनावट आदि को बनाने में काफी मेहनत की गई होती है। और प्लास्टिक का बना नॉब इंजीनियरों की सारी मेहनत पर पानी फेर देता है। स्टीयरिंग नॉब न सिर्फ बेकार है बल्कि खतरनाक भी हो सकता है।

अतिरिक्त लाइट और कलरफुल बल्ब
हालांकि अतिरिक्त लाइट्स (Auxillary lights) कुछ खास परिस्थितियों में काम आती हैं। लेकिन ये शहर या सार्वजनिक सड़कों पर नहीं चलतीं। इन्हें सड़क पर लगाना गैरकानूनी है, फिर भी लोग इन्हें लगवा लेते हैं। यही बात गाड़ी के इंडिकेटर के लिए भी लागू होती है, जिन्हें कई लोग रंगीन LED से बदल देते हैं। इंडिकेटर किसी खास कारण से नारंगी रंग के होते हैं। और इन्हें किसी अन्य रंग से बदलना दुर्घटना को दावत देना है।

शहर में MT टायर
बहुत सी एसयूवी में लोग गाड़ी को आक्रामक दिखाने के लिए उसमें MT (Mud-Terrain) टायर लगा लेते हैं। लेकिन ये कम ही लोग बताते हैं कि सड़क पर इनकी परफॉर्मेंस कैसी रहती है। MT टायर गीली मिट्टी पर पकड़ बनाने के लिए बनाए जाते हैं। वे टार की सड़क के लिए नहीं होते हैं। सड़क पर, MT टायर ब्रेक लगाने की क्षमता कम कर देते हैं, इंजन पर असर डालते हैं, माइलेज कम करते हैं। और सबसे बड़ी बात ये बहुत शोर करते हैं।

बहुत बड़े स्पॉइलर
ये बहुत कम मौकों पर गाड़ी को स्पोर्टी लुक देते हैं। गाड़ी की खूबसूरती खराब करने के अलावा, बहुत बड़ा स्पॉइलर हवा के रूकावट को बढ़ा देता है, जिससे माइलेज कम हो जाता है। इसलिए अगर आप माइलेज कम करना नहीं चाहते हैं तो स्पॉइलर बेकार है।

बॉडी किट
80 और 90 के दशक में ये अच्छे लगते थे, लेकिन अब नहीं। ये अब बेकार हो चुके हैं क्योंकि ये गाड़ी की ग्राउंड क्लियरेंस कम कर देते हैं। और एक छोटा सा स्पीड ब्रेकर भी बंपर या साइड स्कर्ट को तोड़ सकता है। साथ ही, अब भारत में गाड़ी को मॉडिफाई करना या बॉडी किट लगाना गैरकानूनी है। जो इन्हें पूरी तरह से बेकार बना देता है।

नकली एयर वेंट
गाड़ियों में साइड और बोनट पर हवा के लिए वेंट होते हैं। क्योंकि इन्हें हवा को इंजन और ब्रेक तक पहुंचने देने के लिए बनाया गया होता है। लेकिन नकली वेंट किसी काम के नहीं होते सिवाय दूसरों को हंसाने के।
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