{"_id":"58ca26514f1c1b4c7d32a981","slug":"vaastu-for-boundary-at-home","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसी बाउंड्री वाले घर होते हैं अशुभ, होता है आर्थिक नुकसान","category":{"title":"Vaastu","title_hn":"वास्तु","slug":"vastu"}}
ऐसी बाउंड्री वाले घर होते हैं अशुभ, होता है आर्थिक नुकसान
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
Updated Thu, 16 Mar 2017 12:31 PM IST
विज्ञापन
घर की मुख्य बाउंड्री जितनी खूबसूरत होती है, उस घर की खूबसूती में भी उतना ही चार चांद लगते हैं। आजकल अधिकतर लोगो का ध्यान भी इसी और हैं। जिसके कारण कई बार जाने- अनजानें में ऐसी गलती कर बैठते है, जो वास्तु के विपरीत है और जिसका हर्जाना बाद में भुगतना पड़ता हैं।
विज्ञापन
- अगर आपका घर पूर्व व पश्चिम मुखी है तो घर की बाउंड्री को हमेशा ही अपने मेन गेट से छोटा रखें।
- आपके घर की दक्षिण व पश्चिम वाली बाउंड्री पूर्व व उत्तर की अपेक्षा अधिक मोटी और उंची होनी चाहिए।
- यह भी ध्यान रखें कि अगर आपका मुख्य दरवाजा उत्तर व पूर्व दिशा में हो तो उसके पिलर को ज्यादा भारी ना करवाए और ना ही उस पर भारी डिजाइन बनवाएं।
- इन दिनों लोग कुछ नया करने के चक्कर में बाउंड्री पर लकड़ी, पीओपी आदि से बने रैलिंग या डिजाइन लगवाते है, जिसे शुभ नहीं माना जाता। इसीलिए बाउंड्री पर लोहे या फिर सीमेंट की ही रैलिंग लगवाएं। जो आपके घर से मिलता- जुलता हो।
विज्ञापन
- नींव जितनी गहरी होगी, घर और उसकी बाउंड्री उतनी ही मजबूत होगा। बाउंड्री के नीचे से कम से कम डेढ़ या दो फुट मोटी पत्थर की दीवार बनाना शुभ होता हैं।
विज्ञापन