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Surya Grahan 2021: साल का अंतिम सूर्य ग्रहण आज, राहु-केतु के कुप्रभाव से बचने के लिए करें इन मंत्रों का जाप
Sat, 04 Dec 2021 12:15 AM IST
श्वेता सिंह
ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला
ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Sat, 04 Dec 2021 12:15 AM IST
सार
Surya Grahan 2021: आज यानी 04 दिसंबर 2021, शनिवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण साल का अंतिम सूर्यग्रहण होगा। वैसे तो ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है, लेकिन धार्मिक दृष्टि और ज्योतिष में इसे शुभ नहीं माना जाता है। आइए जानते हैं राहु केतु के कुप्रभाव से बचने के मंत्र
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सूर्य ग्रहण 2021
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Surya Grahan 2021: आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस सूर्य ग्रहण के साथ शनि अमावस्या भी है। यह सूर्य ग्रहण साल का अंतिम सूर्यग्रहण होगा। वैसे तो ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना है, लेकिन धार्मिक दृष्टि और ज्योतिष में इसे शुभ नहीं माना जाता है। सूर्य ग्रहण होने पर राहु और केतु की बुरी छाया पृथ्वी पर पड़ती है। ज्योतिषविदों के अनुसार राहु-केतु की बुरी दृष्टि के चलते बनते हुए का भी बिगड़ जाते हैं। कल लगने वाल सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा लेकिन सूर्य ग्रहण के दौरान राहु-केतु के कुप्रभाव से बचने के लिए कुछ मंत्रों के जाप बताए गए हैं।
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आइए जानते हैं क्या हैं वो मंत्र-
विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥
इस मंत्र के जाप से सभी बुरी शक्तियां नष्ट होती हैं। ज्योतिषों के अनुसार ग्रहण के दौरान इस मंत्र का जाप करने से राहु-केतु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता।
ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय
जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।।
यह मंत्र नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है। साथ ही आपको अपने शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। यदि आप अपने दुश्मन पर विजय पाना चाहते हैं तो सूर्य ग्रहण के दौरान उपरोक्त मंत्र का एक माला जरूर जाप करें।
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ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये
प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
ग्रहण के दौरान इस मंत्र का जाप करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है। ग्रहण के दौरान भी इस मंत्र का जाप भी पुण्य फल देता है।
तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।
हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥
राहु-केतु के आह्वान और उनसे शांति प्रदान करने की कामना के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार राहु-केतु की बुरी दृष्टि व्यक्ति के जीवन में अस्थिरता आ जाती है। सूर्य ग्रहण के दौरान मंत्रोच्चारण करने से लाभ प्राप्त होते हैं।
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