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Hindi News ›   Astrology ›   Shri Yantra To get the blessings of Vaibhav Lakshmi Shri yantra on this day know the correct way and rules

Shri Yantra: वैभव लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इस दिन करें श्रीयंत्र की स्थापना, जानें सही तरीका और नियम

Thu, 20 Mar 2025 03:55 PM IST
दीक्षा पाठक ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीक्षा पाठक Updated Thu, 20 Mar 2025 03:55 PM IST
सार

Shri yantra ki sthapana vidhi: अगर आप भी धन-संपत्ति और वैभव की कामना रखते हैं, तो श्रीयंत्र की सही विधि से स्थापना करें और मां लक्ष्मी की कृपा पाएं। आइए जानते हैं श्रीयंत्र स्थापना का शुभ मुहूर्त, विधि और नियम:
 

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Shri Yantra To get the blessings of Vaibhav Lakshmi Shri yantra on this day know the correct way and rules
श्रीयंत्र की स्थापना की सम्पूर्ण विधि - फोटो : adobe stock

विस्तार

वैभव लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रीयंत्र की स्थापना एक शुभ दिन और सही विधि से करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। श्रीयंत्र को धन, ऐश्वर्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इसे घर में स्थापित करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। अगर आप भी धन-संपत्ति और वैभव की कामना रखते हैं, तो श्रीयंत्र की सही विधि से स्थापना करें और मां लक्ष्मी की कृपा पाएं। आइए जानते हैं श्रीयंत्र स्थापना का शुभ मुहूर्त, विधि और नियम:

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 श्रीयंत्र स्थापना के लिए शुभ दिन और समय
श्री यंत्र की स्थापना का शुभ दिन और समय चुनना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सही मुहूर्त और विधि से श्रीयंत्र की स्थापना की जाए तो शीघ्र ही शुभ फल प्राप्त होते हैं।
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 अक्षय तृतीया – यह दिन शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन श्रीयंत्र की स्थापना करने से कभी धन की कमी नहीं होती।
 दीपावली – मां लक्ष्मी के स्वागत का पर्व। इस दिन श्रीयंत्र की स्थापना से घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करती हैं।
 शुक्रवार – यह दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। शुक्रवार को श्रीयंत्र की स्थापना करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
 पूर्णिमा – पूर्णिमा का दिन चंद्रमा की ऊर्जा से भरा होता है, जो श्रीयंत्र की शक्ति को बढ़ाता है।
 प्रातः काल (ब्रह्म मुहूर्त) – सूर्योदय से पहले का समय (सुबह 4:00 से 6:00 के बीच) सबसे शुभ और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।

 श्रीयंत्र स्थापना की संपूर्ण विधि
श्रीयंत्र की स्थापना के दौरान शुद्धता और सही प्रक्रिया का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। शुद्ध और सकारात्मक वातावरण में की गई श्रीयंत्र की स्थापना शीघ्र फलदायी होती है।
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1. स्थान का चयन

  •  श्रीयंत्र को पूजा स्थल, धन रखने के स्थान या तिजोरी में रखा जा सकता है।
  •  इसे घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है।
  • श्रीयंत्र को साफ और ऊर्जावान स्थान पर ही रखें।


2. शुद्धि प्रक्रिया

  •  श्रीयंत्र की स्थापना से पहले इसकी शुद्धि करना आवश्यक है:
  •  श्रीयंत्र को गंगाजल या कच्चे दूध से स्नान कराएं।
  •  इसके बाद श्रीयंत्र को साफ सूती कपड़े से पोंछकर शुद्ध कर लें।
  •  श्रीयंत्र पर हल्दी, चंदन और केसर का तिलक लगाएं।
  • शुद्धता बनाए रखने के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें।


3. स्थापना प्रक्रिया
 अब श्रीयंत्र की स्थापना की प्रक्रिया आरंभ करें:

  • एक लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पर श्रीयंत्र को रखें।
  • श्रीयंत्र के सामने एक घी का दीपक जलाएं।
  • धूप और अगरबत्ती से वातावरण को शुद्ध करें।
  • श्रीयंत्र के चारों ओर अक्षत (चावल) और लाल पुष्प अर्पित करें।
  • श्री सूक्त का पाठ करें या "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • अंत में श्रीयंत्र पर कुंकुम, हल्दी और पुष्प चढ़ाकर आरती करें।

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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