चल रही है साढ़ेसाती तो भूलकर भी न करें ये काम, उठाना पड़ सकता है नुकसान
ज्योतिष के अनुसार सभी ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं, इसी तरह से शनि भी एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं परंतु ये बहुत ही धीमी गति से भ्रमण करते हैं, जिसके कारण शनि साढ़े साती या ढैय्या लगती है। शनि की साढ़ेसाती जैसे इसके नाम से ही जान सकते हैं कि ये पूरे साढ़े सात साल तक चलने वाली दशा है। इसी तरह से ढैय्या पूरे ढाई वर्ष की होती है। ज्योतिष में शनि को एक पापक ग्रह माना गया है परंतु यह ग्रह न्यायप्रिय भी है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। यदि किसी जातक की कुंडली में शनि शुभ स्थिति में हो तो उसकी तरक्की होती है, लेकिन अशुभ शनि के कारण कष्टों का सामना भी करना पड़ता है। यदि किसी जातक पर शनि की साढ़ेसाती चल रही हो तो उसे किसी योग्य ज्योतिष से यह जानना चाहिए कि उसका शनि शुभ प्रभाव दे रहा है या फिर अशुभ। यदि आपका शनि अशुभ फल प्रदान कर रहा हो तो साढ़ेसाती के दौरान कुछ कामों को करने में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, और कुछ काम ऐसे भी हैं जिन्हें गलती से भी नहीं करना चाहिए।
साढ़े साती के दौरान किन कामों में बरते सावधानी
- साढ़े साती को दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिसमें जोखिम हो खासतौर पर लोहे से जुड़ा कोई भी जोखिम भरा कार्य न करें।
- यदि किसी की कुंडली में साढ़े साती चल रही हो तो उसे वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि इस समय चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है।
- यदि किसी से वाद-विवाद हो तो उसे जितना हो सके टालने की कोशिश करनी चाहिए, अन्यथा आपको शत्रु से हानि हो सकती है।
- यदि साढ़ेसाती के कारण अशुभ फल की प्राप्ति हो रही हो तो कोशिश करें की रात्रि में अकेले यात्रा न करें।
- शनिवार और मंगलवार के दिन काले कपड़े, चमड़े और लोहे के सामान खरीदने से बचना चाहिए।
- साढ़ेसाती के दौरान मासं मदिरा या किसी भी प्रकार की नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- सफाई कर्मचारियों और अपने से कमजोर लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए।
- निरीह पशु-पक्षियों को नहीं सताना चाहिए।