Santan Gopal Yantra: अभीष्ट संतान की प्राप्ति के लिए इस यंत्र की पूजा, जानें विस्तार से
घर में संतान होना शुभ माना जाता है क्योंकि वह आपके वंश की वृद्धि करती है। धार्मिक दृष्टि से भी मनुष्य पर जो पितृ ऋण होता है वह संतान प्राप्ति के बाद ही समाप्त होता है लेकिन वर्तमान में ऐसे दंपत्ति भी देखे जा रहे हैं जो डॉक्टर, वैध आदि से इलाज करा करा कर के परेशान हो गए हैं लेकिन उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है।
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Santan Gopal Yantra: हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा में वैसे तो 16 संस्कारों का अपना-अपना महत्व है लेकिन विवाह संस्कार का संपूर्ण संस्कारों में एक अलग ही स्थान है। हमारी सनातन परंपरा में विवाह संस्कार के बाद ही संतान उत्पत्ति होती है। घर में संतान होना शुभ माना जाता है क्योंकि वह आपके वंश की वृद्धि करती है। धार्मिक दृष्टि से भी मनुष्य पर जो पितृ ऋण होता है वह संतान प्राप्ति के बाद ही समाप्त होता है लेकिन वर्तमान में ऐसे दंपत्ति भी देखे जा रहे हैं जो डॉक्टर, वैध आदि से इलाज करा करा कर के परेशान हो गए हैं लेकिन उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है। जब मनुष्य के सभी भौतिक प्रयास विफल हो जाते हैं तो उसे आध्यात्मिक उपाय करने चाहिए क्योंकि ईश्वर की सेवा, मंत्रों और यंत्रों की पूजा से ही मनोरथ सिद्ध होते है।
ऐसे नव दंपत्ति जिनको संतान होने में बाधाएं आ रही हो अथवा जिन्हें मनोवांछित संतान की इच्छा हो उन्हें अपने घर में संतान गोपाल यंत्र को स्थापित करके संतान गोपाल मंत्र की साधना करनी चाहिए। इस यंत्र के सम्मुख बैठकर संतान गोपाल मंत्र का नित्य श्रद्धा और विश्वास पूर्वक जप करने से सुंदर, सुशील संतान की प्राप्ति होती है। किसी भी शुभ मुहूर्त में अथवा तो बृहस्पतिवार के दिन या बुधवार के दिन प्रातः काल इस यंत्र को पंचामृत से अभिषेक करके पंचोपचार पूजन करके घर के पूजा स्थल में स्थापित करें। नीचे जो मंत्र दिया गया है उस मंत्र की एक माला अवश्य करें।
ऊं देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते । देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।
रुद्राक्ष धारण करने से भी हो सकती है मनोकामना पूर्ण
संतान गोपाल यंत्र के अलावा रुद्राक्ष भी अभीष्ट संतान प्राप्ति के लिए आपके कार्य को सिद्ध कर सकता है। हालांकि सभी रुद्राक्ष मूल रूप से भगवान शिव के प्रतीक हैं । मुख के आधार पर शास्त्रों में इनको अलग-अलग देवताओं का स्वरूप माना गया है और अलग-अलग कार्यों की सफलता के लिए इन्हें धारण किया जाता है। जिन लोगों को संतान सुख और संतान प्राप्ति की कामना हो उन्हें 10 मुखी रुद्राक्ष या 4 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 10 मुखी रुद्राक्ष स्वयं भगवान विष्णु का स्वरूप है और 4 मुखी रुद्राक्ष संसार की उत्पत्तिकर्ता ब्रह्मा जी का स्वरुप होने के कारण संतान प्राप्ति और वंश वृद्धि के लिए लाभदायक सिद्ध होता है।