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Markesh Dosh: कुंडली में मारकेश दशा होने पर मृत्यु के समान मिलते हैं कष्ट, जानिए जीवन पर इसके प्रभाव
Wed, 05 Jul 2023 12:56 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:56 PM IST
सार
जिन लोगों की कुंडली में मारकेश योग बनता है उन्हें शिवजी का आराधना करना लाभकारी माना गया है।
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markesh dasha: जब भी किसी जातक की कुंडली में धनु लग्न में शुक्र ग्रह कमजोर हो और क्रूर ग्रह मौजूद हो तो भी मारकेश योग बनता है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति इस पृथ्वी पर जन्म लेता है तो उसके साथ उसके भाग्य का निर्धारण भी उसी समय हो जाता है। जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की चाल से व्यक्ति के वर्तमान और भविष्य की सभी तरह की गतिविधियां कभी हद तक तय हो जाती हैं। जन्म के समय जातक की कुंडली में मौजूद 9 ग्रहों का असर कुंडली के हर एक भाव पर पड़ता है। इन ग्रहों की स्थिति से जातक की कुंडली में मौजूद शुभ और अशुभ दोनों ही तरह के कई तरह के योग बनते हैं। इन योगों में एक योग बनता है मारकेष। ज्योतिष शास्त्र में मारकेश दोष को शुभ नहीं माना जाता है। इस सभी अशुभ योगों में एक माना जाता है। जातक की कुंडली में मारकेश दोष बनने पर व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और और आर्थिक तीनों ही तरह परेशानियों से गुजरना पड़ता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मारकेश दोष को मृत्यु के समान दोष माना गया है। आइए जानते हैं इस मारकेश के बारे में पूरी जानकारी।
क्या होता है मारकेश दोष
ज्योतिष में मारकेश दोष को मृत्यु के समान का दोष माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में यह दोष बनता है उन्हें जीवन में मृत्यु का योग या फिर मृत्यु के समान कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है। मारक दोष से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ही कष्टों का सामना करना पड़ता है।
कुंडली में कैसे बनता है मारकेश योग
- कुंडली के अध्ययन में मारकेश दोष का पता लगाने के लिए कुंडली के दूसरे, छठे, सातवें और बारहवें भाव पर विचार किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इन भावों का विश्लेषण करके व्यक्ति के जीवन के बारे में पता किया जाता है। कुंडली के 8वें भाव से व्यक्ति की आयु का पता चलता है। छठे भाव से व्यक्ति के जीवन में होने वाले रोगों के बारे में जानकारी मिलती है। कुंडली के दूसरे और सातवें भाव से मृत्यु का विचार किया जाता है। वहीं बारहवें भाव में व्यय से संबंधित बातों को पता करते हैं।
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-किसी व्यक्ति की कुंडली में मारकेश योग कई परिस्थितियों में बनता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में मारकेश तब बनता है जब तुला लग्न में शुक्र और गुरु पीड़ित अवस्था में हों।
- इसके अलावा कुंडली में मारकेश दोष तब भी बनता है जब किसी जातक की कुंडली में राहु-केतु छठे, आठवें और बारहवें भाव में स्थित हो तब इस तरह का योग बनता है।
- जब भी किसी जातक की कुंडली में धनु लग्न में शुक्र ग्रह कमजोर हो और क्रूर ग्रह मौजूद हो तो भी मारकेश योग बनता है।
मारकेश योग का जीवन में प्रभाव
- ज्योतिष में मारकेश योग को बहुत ही अशुभ माना जाता है। अगर आपकी कुंडली में मारकेश दोष है तो इस दोष के प्रभाव से आपको मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्टों को जूझना पड़ता है। ऐसे में आपको बहुत ही संभलकर चलना चाहिए।
- कुंडली में मारकेश दोष बनने से व्यक्ति तमाम तरह के रोगों से ग्रसित हो जाता है।
- कुंडली में मारकेष दशा होने पर व्यक्ति हर समय किसी न किसी बात को लेकर परेशान रहता है। व्यक्ति को धोखा मिलता है और समाज में मान-सम्मान की कमी होती है।
- मारकेश दशा में व्यक्ति के साथ कोई दुर्घटना घटती है जो मृत्यु के समान होती है। कई बार व्यक्ति को गंभीर दुर्घटना का सामना करना पड़ता है।
मारकेश दशा में करें उपाय
जिन लोगों की कुंडली में मारकेश योग बनता है उन्हें शिवजी का आराधना करना लाभकारी माना गया है। मारकेश दोष के प्रभाव को कम करने के लिए व्यक्ति को सवा लाख बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
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क्या होता है मारकेश दोष
ज्योतिष में मारकेश दोष को मृत्यु के समान का दोष माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में यह दोष बनता है उन्हें जीवन में मृत्यु का योग या फिर मृत्यु के समान कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है। मारक दोष से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ही कष्टों का सामना करना पड़ता है।
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कुंडली में कैसे बनता है मारकेश योग
- कुंडली के अध्ययन में मारकेश दोष का पता लगाने के लिए कुंडली के दूसरे, छठे, सातवें और बारहवें भाव पर विचार किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इन भावों का विश्लेषण करके व्यक्ति के जीवन के बारे में पता किया जाता है। कुंडली के 8वें भाव से व्यक्ति की आयु का पता चलता है। छठे भाव से व्यक्ति के जीवन में होने वाले रोगों के बारे में जानकारी मिलती है। कुंडली के दूसरे और सातवें भाव से मृत्यु का विचार किया जाता है। वहीं बारहवें भाव में व्यय से संबंधित बातों को पता करते हैं।
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-किसी व्यक्ति की कुंडली में मारकेश योग कई परिस्थितियों में बनता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में मारकेश तब बनता है जब तुला लग्न में शुक्र और गुरु पीड़ित अवस्था में हों।
- इसके अलावा कुंडली में मारकेश दोष तब भी बनता है जब किसी जातक की कुंडली में राहु-केतु छठे, आठवें और बारहवें भाव में स्थित हो तब इस तरह का योग बनता है।
- जब भी किसी जातक की कुंडली में धनु लग्न में शुक्र ग्रह कमजोर हो और क्रूर ग्रह मौजूद हो तो भी मारकेश योग बनता है।
मारकेश योग का जीवन में प्रभाव
- ज्योतिष में मारकेश योग को बहुत ही अशुभ माना जाता है। अगर आपकी कुंडली में मारकेश दोष है तो इस दोष के प्रभाव से आपको मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्टों को जूझना पड़ता है। ऐसे में आपको बहुत ही संभलकर चलना चाहिए।
- कुंडली में मारकेश दोष बनने से व्यक्ति तमाम तरह के रोगों से ग्रसित हो जाता है।
- कुंडली में मारकेष दशा होने पर व्यक्ति हर समय किसी न किसी बात को लेकर परेशान रहता है। व्यक्ति को धोखा मिलता है और समाज में मान-सम्मान की कमी होती है।
- मारकेश दशा में व्यक्ति के साथ कोई दुर्घटना घटती है जो मृत्यु के समान होती है। कई बार व्यक्ति को गंभीर दुर्घटना का सामना करना पड़ता है।
मारकेश दशा में करें उपाय
जिन लोगों की कुंडली में मारकेश योग बनता है उन्हें शिवजी का आराधना करना लाभकारी माना गया है। मारकेश दोष के प्रभाव को कम करने के लिए व्यक्ति को सवा लाख बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
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