ज्योतिषशास्त्र में शनि का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। शनि हर ढाई साल में एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं। इस प्रकार किसी एक राशि में दोबारा से शनि के आने के लिए करीब 30 वर्षों का समय लगता है। शनि सभी 12 राशियों का एक चक्कर काटने में 30 वर्षों का समय लगाते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह माने गए इस कारण से इनका प्रभाव जातकों के ऊपर लंबे समय तक रहता है। शास्त्रों में शनिदेव को कर्मफलदाता माना गया है। शनि अच्छे कर्म करने वालों को अच्छा और बुरे कर्म करने वालों का बुरा फल प्रदान करते हैं।
Shani Gochar 2022: 12 जुलाई से मकर राशि में होंगे शनिदेव, इन तीन राशियों को कुछ साल तक नहीं देंगे कष्ट
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वृश्चिक राशि
इस राशि के जातकों के लिए शनि का वक्री अवस्था में दोबारा से मकर में प्रवेश किसी वरदान से कम नहीं है। भाग्य का भरपूर साथ आपको मिलेगा। नई बनाई गई रणनीतियां कारगर सिद्ध होंगी। नौकरी में बेहतर अवसरों की प्राप्ति होगी। धन लाभ की अच्छी संभावना है। परिवार में सुख-समृद्धि और शांति मौजूद रहेगी। धन का निवेश सोच समझकर करना फायदे में होगा।
भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। कार्यों में सफलताएं प्राप्त होंगी। शनि की प्रिय राशि होने के कारण आपके ऊपर शनिदेव की कृपा प्राप्त होगी। मान-सम्मान और धन लाभ के अच्छे संकेत हैं।