केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने फ्रांसीसी ज्योतिषी नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी का उल्लेख करते हुए कहा है कि 1555 ई0 में ही नास्त्रेदमस ने लिख दिया था कि 2014 से 2026 तक एक आदमी भारत का नेतृत्व करेगा। रिजिजू ने नास्त्रेदमस की इस भविष्यवाणी को नरेन्द्र मोदी से जोड़ते हुए कहा कि मोदी वही व्यक्ति हैं जिनके बारे में नास्त्रेदमस ने लिखा है। रिजिजू यह बात इसलिए कह रहे हैं क्योंकि मोदी 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने हैं। रिजिजू की यह बात उस समय सामने आई है जब नस्तूर दारूवाला ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की बात पर शंका जताई है।
नास्त्रेदमस की 7 भविष्यवाणियां जो सच हुईं
नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कई ऐसे तर्क दिए हैं जिससे मोदी ही वह व्यक्ति नजर आते हैं जिसके नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनेगा क्योंकि नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में यह बात भी कही गई है कि तृतीय विश्वयुद्ध के बाद भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। तो क्या मोदी के शासन काल में तृतीय विश्वयुद्ध भी लड़ा जाएगा। इस सवाल का जवाब आप खुद सोचिए क्योंकि रिजिजू का इशारा तो इसी ओर है। वैसे हम आपको नास्त्रेदमस की कुछ ऐसी भविष्यवाणियों के बारे में बता रहे हैं जो सच हुईं।
नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी और नरेन्द्र मोदी का राज
नास्त्रेदमस की सच्ची भविष्यवाणियों में सबसे पहली भविष्यवाणी तो उनके खुद के बारे में थी जिसमें उन्होंने अपनी मौत और मौत के बाद की एक घटना का उल्लेख किया था। इन्होंने बताया था उनकी मौत के 225 साल बाद कुछ लोग उनकी कब्र खोदेंगे और उसी समय उनकी मौत हो जाएगी। कहते हैं कि 1791 में तीन लोगों ने इनकी खोपड़ी में शराब पीकर इनके जैसे भविष्यवक्ता बनने के उद्देश्य से कब्र को खोद डाली और जब वह खोपड़ी में शराब पी रहे थे तभी गोली लगने से उनकी मौत हो गई।
नास्त्रेदमस की 7 भविष्यवाणियां जो सच हुईं
'द प्रोफेसीज' नाम की इनकी पुस्तक में नास्त्रेदमस ने 1789 में हुए फ्रांसीसी क्रांति का भी उल्लेख किया था। कहते हैं कि जैसा नास्त्रेदमस ने लिखा था ठीक उसी तरह क्रांति के दौरान राजशाही से परेशान होकर लोगों ने पेरिश शहर को अपने नियंत्रण में ले लिया। सामंत और शासक बंदी बना लिए गए और कईयों को मौत के घाट उतार दिया गया।
नास्त्रेदमस की 7 भविष्यवाणियां जो सच हुईं
फ्रांस के इस महान भविष्यवक्ता ने जर्मनी में हिटलर की तानाशाही और द्वितीय विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी की थी। भविष्यवाणी के अनुसार ही 1939 से 1945 तक दुनिया के तमाम बड़े देशों ने युद्ध में भाग लिया था और करोड़ों लोगों ने इसमें अपनी जान गंवाई थी। इन्होने अपनी भविष्यवाणी में लिखा था कि विश्वयुद्ध का अंत परमाणु विस्फोट के साथ होगा और ऐसा ही हुआ अमेरिका द्वारा जापान पर हुए परमाणु हमले के बाद जापान ने हार मान ली और युद्ध समाप्त हुआ।