महाभाग्य योग बनने से व्यक्ति होता है भाग्यशाली और प्रसिद्ध, जानिए कुंडली में कब बनता है यह योग ?
जिस किसी व्यक्ति की कुंडली में यह महाभाग्य राजयोग बनता है उसके जीवन में उसे खूब सारा धन-दौलत, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और भाग्य का साथ मिलता है।
विस्तार
Mahabhagya Rajyog In Kundli : वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी जातक का जन्म होता है तो उसके जन्म लेने के साथ ही ग्रह-नक्षत्रों की स्थितियों के आधार पर उसी समय कुंडली का निर्माण हो जाता है। जिसे लग्न कुंडली के नाम से जाना जाता है। जातक की इस जन्मकुंडली में उसके भविष्य की सभी तरह की गतिविधियों का खाका अंकित होता है। कुंडली में ग्रहों और नक्षत्रों के संयोजन से भविष्य के बारे में काफी कुछ जानकारियां हासिल होती है। जन्म के समय ही जातक की कुंडली में कई तरह के शुभ राजयोग और अशुभ योगों का निर्माण होता है। ऐसे ही एक महाभाग्य राजयोग होता है। इस राजयोग के बनने से जातक को भरपूर किस्मत का साथ मिलता है। यह राजयोग व्यक्ति को उसके जीवन में उसे बहुत ही अच्छी सफलता और मान-सम्मान दिलाता है। इस राजयोग से जातक का जीवन में हमेशा खुशहाली और समृद्धि रहती है।
महाभाग्य राजयोग
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के राजयोगों का जिक्र होता है। इन्ही राजयोगों में महाभाग्य राजयोग को सबसे ज्यादा शक्तिशाली और उत्कृष्ट राजयोग माना जाता है। महाभाग्य राजयोग जैसे कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है महा का मतलब महान और भाग्य का अर्थ भाग्यशाली। इस तरह से महाभाग्य राजयोग का अर्थ जातक को उसके जीवन में अपार और सर्वश्रेष्ठ भाग्य का साथ मिलता है। जिस किसी व्यक्ति की कुंडली में यह महाभाग्य राजयोग बनता है उसके जीवन में उसे खूब सारा धन-दौलत, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और भाग्य का साथ मिलता है।
कुंडली में कब बनता है महाभाग्य राजयोग
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में महाभाग्य राजयोग का निर्माण तब होता है जब जातक का लग्न, सूर्य और चंद्रमा विषम राशियों में मौजूद हो। यह योग स्त्रियों और पुरुषों में अलग-अलग नियमों के अनुसार बनता है और इसके अलावा जातक या जातिका के जन्म के समय को भी देखा जाता है कि जन्म दिन के समय हुआ है या रात्रि के समय। महाभाग्य राजयोग बहुत ही कम लोगों की कुंडली में बनता है, अगर किसी की कुंडली में यह राजयोग बनता है तो व्यक्ति बहुत अपने जीवन काल में बहुत प्रसिद्धि वाला और असाधारण होता है।
पुरुष कुंडली में महाभाग्य राजयोग
अगर किसी पुरुष जातक की जन्मकुंडली में लग्न, सूर्य या चंद्रमा विषम राशि में बने तो कुंडली में महाभाग्य राजयोग बनता है। विषम राशियां यानी 1 मेष, 3 मिथुन, 5 सिंह, 7 तुला, 9 धनु और 11 कुंभ राशि। इसके अलावा पुरुष जातक का जन्म का समय दिन में होने पर लग्न, सूर्य और चंद्रमा में सूर्य का प्रभाव बढ़ जाता है।
स्त्री कुंडली में महाभाग्य राजयोग
वहीं अगर किसी स्त्री की कुंडली में लग्न, सूर्य और चंद्रमा सम राशि में यानी 2 वृषभ, 4 कर्क, 6 कन्या, 8 वृश्चिक, 10 मकर और 12 मीन राशि में हो तो महाभाग्य राजयोग का निर्माण होता है। इसके अलावा जातिका का जन्म अगर रात्रि को हुआ हो तो सूर्य, लग्न और चंद्रमा सम राशि में होने से चंद्रमा का प्रभाव बढ़ सकता है।
महाभाग्य राजयोग के लाभ
जब किसी जातक या जातिका की जन्म कुंडली में महाभाग्य योग बनता है तो ऐसे लोगों पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा मिलती है। ऐसे लोग अपने जीवन में उच्च पदों पर आसीन होते हैं। जीवन में सुख, समृद्धि, भौतिक भोगविलास और भाग्य का पूरा साथ मिलता है। इनके जीवन में इन्हें कम ही असफलता प्राप्त होती है। कुंडली में महाभाग्य योग बनने से समाज और परिवार में जातक का मान-सम्मान, पद और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। जिन स्त्रियों की कुंडली में यह राजयोग बनता है वह बहुत भी भाग्यशाली, चरित्रवान और सभ्य होती हैं।
कुंडली में बना महाभाग्य योग कब असरदार नहीं होता ?
- जब जातक की कुंडली में जन्म लग्न, सूर्य और चंद्रमा पर अशुभ ग्रहों की द्दष्टि हो।
- जब जातक की कुंडली में चंद्रमा और सूर्य नीच राशि में हो।
- अगर पुरुष की जन्म कुंडली में सूर्य तुला राशि में नीच के हो तो यह योग काम नहीं करता है।
- वहीं स्त्री की जन्म कुंडली में चंद्रमा जब अपनी नीच राशि में होत इस योग के अच्छे परिणाम की प्राप्ति नहीं होती है।