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Budh Margi 2025: बुध कर्क राशि में हुए मार्गी, जानिए तुला राशि पर किस तरह का पड़ेगा प्रभाव
Tue, 12 Aug 2025 03:47 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 12 Aug 2025 03:47 PM IST
सार
Budh Margi 2025: तुला राशि वालों के लिए बुधदेव नवम और द्वादश भाव के स्वामी ग्रह होते हैं और अब वाणी और व्यापार के कारक ग्रह कर्क राशि में आपके दशम भाव में मार्गी हो चुके हैं।
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बुध ग्रह का प्रभाव
- फोटो : adobe stock
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विस्तार
Budh Margi 2025: बुध ग्रह बुद्धि, संवाद, तर्क-वितर्क, गणना, व्यापार और त्वचा का कारक ग्रह होते हैं। अब बुध कर्क राशि में रहते हुए मार्गी हो चुके हैं। आपको बता दें कि बुध 18 जुलाई को कर्क राशि में वक्री हुए थे और अब 11 अगस्त को मार्गी चुके हैं। बुध का मार्गी होने कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ साबित होने वाले हैं। ऐसे लोगों के ऊपर बुधदेव की विशेष मेहरबान होंगे जो शिक्षा, लेखन, संचार, व्यापार और मीडिया से जुड़े होंगे। बुध के मार्गी होने पर इसका व्यापक प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं बुध के मार्गी होने से तुला राशि वालों पर किसी तरह का असर देखने को मिल सकता है।
तुला राशि पर बुध के मार्गी होने का प्रभाव
तुला राशि वालों के लिए बुधदेव नवम और द्वादश भाव के स्वामी ग्रह होते हैं और अब वाणी और व्यापार के कारक ग्रह कर्क राशि में आपके दशम भाव में मार्गी हो चुके हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार बुध ग्रह का गोचर आपके दशम भाव में होने से यह आपके लिए अच्छे परिणाम देने वाले साबित होंगे। आपक इस दौरान अच्छी खबरें सुनने को मिल सकती है। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। जो लोग व्यापार आदि में उनको अच्छी डील हासिल होगी। कुल मिलाकर बुध का मार्गी होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
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तुला राशि पर बुध के मार्गी होने का प्रभाव
तुला राशि वालों के लिए बुधदेव नवम और द्वादश भाव के स्वामी ग्रह होते हैं और अब वाणी और व्यापार के कारक ग्रह कर्क राशि में आपके दशम भाव में मार्गी हो चुके हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार बुध ग्रह का गोचर आपके दशम भाव में होने से यह आपके लिए अच्छे परिणाम देने वाले साबित होंगे। आपक इस दौरान अच्छी खबरें सुनने को मिल सकती है। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। जो लोग व्यापार आदि में उनको अच्छी डील हासिल होगी। कुल मिलाकर बुध का मार्गी होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
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ज्योतिष में बुध ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
Budh Grah Margi: 11 अगस्त को बुध होंगे मार्गी, जानें सभी 12 राशियों पर क्या पड़ेगा इसका प्रभाव
कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय- बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
- बुधवार के व्रत रखें।
- बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
- रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
- बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
- बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
- हरी मूंग की दाल का दान करें।