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Budh Gochar 2025: बुध का वृश्चिक राशि में परिवर्तन, जानें कर्क राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?
Sun, 14 Dec 2025 04:20 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sun, 14 Dec 2025 04:20 PM IST
सार
Budh Gochar 2025: बुध ग्रह का गोचर ज्योतिष में बहुत की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 6 दिसंबर 2025 को बुध वृश्चिक राशि में गोचर कर चुके हैं। आइए जानते हैं कर्क राशि में बुध के गोचर का प्रभाव कैसा रहेगा।
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Budh Nakshatra Gochar 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Budh Gochar 2025: वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध अब मंगल के स्वामित्व वाली राशि वृश्चिक में प्रवेश कर चुके हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व प्राप्त है और ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि और कौशल का ग्रह माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद, व्यापार, वाणी और तर्कशास्त्र कारक ग्रह माना जाता है। बुध ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय और तर्कशक्ति को नियंत्रित किया जाता है। बुध ग्रह के कुंडली में बली होने पर व्यक्ति बहुत बुद्धिमान, समझदार और व्यापार में सफल होता है वहीं बुध के कमजोर होने पर व्यक्ति भ्रमित, गलत निर्णय, संवादहीनता और व्यापार में नुकसान करने वाला होता है। बुध जल्दी-जल्दी राशि बदलने वाले ग्रह हैं। इस माह बुध 6 दिसंबर 2025 को मंगल के स्वामित्व वाली राशि वृश्चिक में गोचर कर चुके हैं। आइए जानते हैं बुध के गोचर करने से कर्क राशि वालों पर कैसा असर देखने को मिलेगा।
कर्क राशि पर बुध गोचर का प्रभाव
कर्क राशि वालों के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें के स्वामी ग्रह होते हैं। बुध ग्रह कर्क राशि में पंचम भाव में संचरण कर रहे हैं। पंचम भाव में बुध जातक को बुद्धिमान, ज्ञानी और शिक्षित बनाता है। संतान सुख और भाग्य में बढ़ोतरी होती है। बुध के वृश्चिक राशि में गोचर करने से संतान के करियर में ग्रोथ हो सकती है। मन किसी असुरक्षित भावनाओं से घिर जाता है। करियर के क्षेत्र में आपको अच्छा माहौल नहीं मिलेगा। व्यापार में नुकसान होने की संभावना है। बिजनेस पार्टनर के साथ किसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत में गिरावट आ सकती है जिसके चलते धन खर्च करा सकता है।
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ज्योतिष में बुध ग्रह
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को सबसे छोटा और शुभ ग्रह माना जाता है।
- सभी नवग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा प्राप्त है।
- बुधदेव को वाणी, व्यापार, गणित, तर्कशास्त्र, संचार, बुद्धि और त्वचा का कारक ग्रह माना जाता है।
- ज्योतिष में बुध को द्विस्वभाव का ग्रह माना जाता है। यानी बुध ग्रह जिस ग्रह के साथ होते हैं उसकी के अनुसार फल प्रदान करते हैं।
- मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व बुध देव को प्राप्त है।
- बुध शुभ ग्रहों के साथ होने पर शुभ फल और अशुभ ग्रहों के साथ होने पर अशुभ फल प्रदान करते हैं। अगर बुध ग्रह शुक्र,गुरु और बली चंद्रमा के साथ हों तो अच्छे फल प्रदान करते हैं। वहीं पापी ग्रहों के साथ होने पर जैसे राहु-केतु, शनि, सूर्य और मंगल तो अशुभ फल प्रदान करते हैं।
- बुध सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं, जिस कारण से यह बार-बार अस्त हो जाते हैं।
- बुध ज्येष्ठा, आश्लेषा और रेवती नक्षत्र के अधिपति ग्रह होते हैं।
- कुंडली में बुध के मजबूत होने पर व्यक्ति बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ और राजनीति में कुशल होता है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय
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कर्क राशि पर बुध गोचर का प्रभाव
कर्क राशि वालों के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें के स्वामी ग्रह होते हैं। बुध ग्रह कर्क राशि में पंचम भाव में संचरण कर रहे हैं। पंचम भाव में बुध जातक को बुद्धिमान, ज्ञानी और शिक्षित बनाता है। संतान सुख और भाग्य में बढ़ोतरी होती है। बुध के वृश्चिक राशि में गोचर करने से संतान के करियर में ग्रोथ हो सकती है। मन किसी असुरक्षित भावनाओं से घिर जाता है। करियर के क्षेत्र में आपको अच्छा माहौल नहीं मिलेगा। व्यापार में नुकसान होने की संभावना है। बिजनेस पार्टनर के साथ किसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत में गिरावट आ सकती है जिसके चलते धन खर्च करा सकता है।
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ज्योतिष में बुध ग्रह
- वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को सबसे छोटा और शुभ ग्रह माना जाता है।
- सभी नवग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा प्राप्त है।
- बुधदेव को वाणी, व्यापार, गणित, तर्कशास्त्र, संचार, बुद्धि और त्वचा का कारक ग्रह माना जाता है।
- ज्योतिष में बुध को द्विस्वभाव का ग्रह माना जाता है। यानी बुध ग्रह जिस ग्रह के साथ होते हैं उसकी के अनुसार फल प्रदान करते हैं।
- मिथुन और कन्या राशि का स्वामित्व बुध देव को प्राप्त है।
- बुध शुभ ग्रहों के साथ होने पर शुभ फल और अशुभ ग्रहों के साथ होने पर अशुभ फल प्रदान करते हैं। अगर बुध ग्रह शुक्र,गुरु और बली चंद्रमा के साथ हों तो अच्छे फल प्रदान करते हैं। वहीं पापी ग्रहों के साथ होने पर जैसे राहु-केतु, शनि, सूर्य और मंगल तो अशुभ फल प्रदान करते हैं।
- बुध सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं, जिस कारण से यह बार-बार अस्त हो जाते हैं।
- बुध ज्येष्ठा, आश्लेषा और रेवती नक्षत्र के अधिपति ग्रह होते हैं।
- कुंडली में बुध के मजबूत होने पर व्यक्ति बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ और राजनीति में कुशल होता है।
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय
- बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
- बुधवार के व्रत रखें।
- बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
- रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
- बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
- बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
- हरी मूंग की दाल का दान करें।
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