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Hindi News ›   Astrology ›   Predictions ›   Budh Gochar 2025 Budh Ka Vrishabh Rashi Me Parivartan Mercury Transit Impact On Taurus

Budh Gochar 2025: 23 मई को बुध का गोचर, जानिए वृषभ राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?

Wed, 21 May 2025 05:31 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 21 May 2025 05:31 PM IST
सार

Budh Gochar 2025:  बुध का पहले भाव में गोचर वित्तीय मामलों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर अनुकूल नहीं रहेगा। खर्चो में बढ़ोतरी हो सकती है।

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Budh Gochar 2025 Budh Ka Vrishabh Rashi Me Parivartan Mercury Transit Impact On Taurus
बुध का वृषभ राशि में गोचर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

Budh Gochar 2025: बुध को ग्रहों का राजकुमार माना गया है। मई माह के तीसरे सप्ताह यानी 23 मई 2025 को दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर बुध मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। ग्रहों में बुध को सम ग्रह माना जाता है। इसके अलाव बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित और तर्क-वितर्क के कारक ग्रह हैं। कालपुरुष की कुंडली में बुध को मिथुन और कन्या राशि पर बुध ग्रह का आधिपत्य हासिल है। बुधदेव अपनी राशि में यानी कन्या में उच्च के जबकि मीन राशि में नीच के होते हैं। बुध की महादशा 17 वर्षों तक होती है। बुध के कुंडली में मजबूत होने पर व्यक्ति बहुत ही तेज बुद्धि का होता है। बुध के मेष से वृषभ राशि में गोचर करने से आइए जानते हैं वृषभ राशि के जातकों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं। 

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बुध का वृषभ राशि पर प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवे भाव के स्वामी हैं और यह आपके लग्न भाव में गोचर होने वाले हैं। बुध का पहले भाव में गोचर वित्तीय मामलों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर अनुकूल नहीं रहेगा। खर्चो में बढ़ोतरी हो सकती है। कामकाज में धन संबंधी मामलों में आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि सेहत के मामले में आपको पुरानी बीमारियों से निजात मिलेगी। 

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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व  भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।

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कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय

  • बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
  • बुधवार के व्रत रखें।
  • बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
  • रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
  • बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
  • यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
  • बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
  • रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
  • बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
  • हरी मूंग की दाल का दान करें। 
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