Budh Gochar 2025: 23 मई को बुध का गोचर, जानिए कर्क राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?
Budh Gochar 2025: कर्क राशि के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और यह 23 मई को आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैँ। कुंडली का ग्यारहवां भाव बहुत ही अहम माना जाता है। यह भाव आय, लाभ, दोस्ती, और उपलब्धियों का होता है।
विस्तार
Budh Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों की अपनी विशेष भूमिका होती है। इस तरह बुध ग्रह को ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा हासिल है। ये बुद्धि, संवाद, तर्क-वितर्क, व्यापार और त्वचा के कारक ग्रह हैं। बुध की चाल भी चंद्रमा की तरह से तेज हैं और यह सूर्य के सबसे नजदीक है इस कारण जल्दी-जल्दी अस्त होते हैं। ग्रहों के राजकुमार ग्रह बुध मेष राशि से निकलकर अब वृषभ राशि में प्रवेश करने के वाले हैं। बुध के गोचर से सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। बुध के गोचर करने से कुछ राशि वालों पर शुभ तो कुछ पर मिलाजुला प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कर्क राशि वालों पर बुध का प्रभाव।
कर्क राशि पर प्रभाव
कर्क राशि के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और यह 23 मई को आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैँ। कुंडली का ग्यारहवां भाव बहुत ही अहम माना जाता है। यह भाव आय, लाभ, दोस्ती, और उपलब्धियों का होता है। ऐसे में बुध का गोचर आपकी कुंडली के एकादश भाव में होना बहुत ही लाभकारी साबित सिद्ध होता है। इससे आपको अचानक लाभ की स्थिति बनेगी। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। बुध के प्रभाव के चलते आपकी आमदनी में वृद्धि देखने को मिलेगी। सभी तरह के भौतिक सुख-सुविधाओं का आनंद प्राप्त करने में आपको कामयाबी मिलेगी। धन लाभ के मामले में आपका समय अच्छा रहने वाला होगा। पहले के मुकाबले आर्थिक स्थितियों में सुधार देखने को मिलेगा। करियर में आपको कुछ नई तरह के मौके मिलेंगे, जिसमें आपको एक नया मुकाम मिलगा। प्रेम संबंधों की बात करें तो आपके लिए आने वाला समय अच्छा रहेगा रिश्तों में सुधार देखने को मिलेगा।
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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
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कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय
- बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
- बुधवार के व्रत रखें।
- बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
- रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
- बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
- बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
- हरी मूंग की दाल का दान करें।
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